अनुराग ठाकुर का कांग्रेस पर तंज: 'राम भक्तों पर गोली चलवाने वालों को रातोंरात राम याद आए'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने 8 जुलाई 2026 को हमीरपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं के आदेश पर राम भक्तों पर गोलियाँ चलाई गईं, उन्हें अब रातोंरात भगवान राम की याद आ गई है। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में इस संवेदनशील मामले पर राजनीति उचित नहीं है।
रामसेतु और राम मंदिर पर कांग्रेस का पुराना रुख
ठाकुर ने कहा कि जब रामसेतु का मुद्दा उठा था, तब कांग्रेस के किसी भी नेता ने इसके समर्थन में एक शब्द नहीं कहा। बल्कि कांग्रेस की ओर से यह तक कह दिया गया कि रामसेतु का कोई अस्तित्व ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल खड़े किए थे।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान राम भक्तों पर गोलियाँ चलवाने का आदेश देने वाले नेता विपक्ष के ही थे। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद भी कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के नेताओं ने मंदिर की आधारशिला रखने के समारोह से लेकर उद्घाटन तक हर चरण में विरोध जारी रखा।
चढ़ावा विवाद और एसआईटी जाँच
अनुराग ठाकुर ने बताया कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं सरकार से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच कराने का अनुरोध किया। इस पर सरकार ने एसआईटी (SIT) गठित की और जाँच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ठाकुर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वह उस मछली की तरह है जो पानी से बाहर आने पर तड़पती है — कांग्रेस सत्ता के बिना तड़प रही है।
श्रमिक कल्याण और लेबर कोड सुधार
हमीरपुर में अपने संबोधन के दौरान ठाकुर ने श्रमिक कल्याण के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के 50 करोड़ से अधिक कर्मचारियों के लिए — जिनमें संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं — अनेक कल्याणकारी योजनाएँ लागू की हैं, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने संविदा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई कानून बनाए। देश में पहले 29 केंद्रीय श्रम कानून थे, जिन्हें सुधारकर चार लेबर कोड में समेटा गया। ठाकुर के अनुसार, पुराने कई कानून मजदूरों और संविदाकर्मियों के हित में नहीं थे — न उनका वर्तमान सुरक्षित था, न भविष्य। नए चार लेबर कोड संविधान की भाँति उनके हितों की रक्षा करते हैं।
विशेषज्ञ और राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के श्रीराम मंदिर के चढ़ावे को लेकर विवाद राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आलोचकों का कहना है कि BJP और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे को अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार भुना रहे हैं। गौरतलब है कि एसआईटी जाँच का नतीजा आने तक किसी भी पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जाँच रिपोर्ट के बाद ही इस विवाद की असली तस्वीर सामने आएगी।