मुंबई: पायधुनी में 7 वर्षीय बच्ची के यौन शोषण का आरोपी सुरक्षा गार्ड 18 जुलाई तक पुलिस हिरासत में, पिता ने माँगी फाँसी
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण मुंबई के पायधुनी (दाना बंदर) इलाके में 12 जुलाई 2025 को एक 7 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपी सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर पॉक्सो अदालत ने 18 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जाँच में जुटी है और पीड़िता फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस दिन
पुलिस के अनुसार, घटना 12 जुलाई को उस समय हुई जब करीब 7 वर्षीय बच्ची अपने आवासीय भवन के वॉशरूम में गई थी। आरोप है कि उसी इमारत में तैनात सुरक्षा गार्ड वॉशरूम में पहुँचा और बच्ची का यौन शोषण किया। घटना में बच्ची घायल हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की हालत अभी स्थिर है।
रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी सुरक्षा गार्ड झारखंड का रहने वाला है और वह उस इमारत में पाँच महीने से कार्यरत था।
पीड़ित पिता की माँग: 'आरोपी को फाँसी दो'
पीड़ित बच्ची के पिता ने कहा, 'हम पुलिस कार्रवाई से खुश हैं, लेकिन आरोपी को फाँसी की सजा मिलनी चाहिए।' उन्होंने बताया कि वे उस वक्त काम पर गए हुए थे और पत्नी घर पर थी। 'जब बच्ची को हमने देखा तो वह खून से लथपथ थी,' उन्होंने कहा, और जोड़ा — 'मेरी बच्ची के साथ हुआ है। अगर किसी और की बच्ची के साथ होता तो वह क्या सजा की माँग करता?'
स्थानीय आक्रोश और प्रदर्शन
घटना की जानकारी सामने आते ही पायधुनी इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी पायधुनी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए मुख्य सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा।
नेताओं की प्रतिक्रिया
मौके पर पहुँचे स्थानीय विधायक अमीन पटेल और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। नार्वेकर ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और लोगों को आश्वस्त किया कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की भी अपील की।
आगे की कार्यवाही
पॉक्सो अदालत ने आरोपी को 18 जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है, ताकि जाँच एजेंसी मामले की तह तक पहुँच सके। पायधुनी पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की भी जाँच कर रही है। यह मामला एक बार फिर आवासीय परिसरों में सुरक्षाकर्मियों के सत्यापन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।