दिल्ली के बवाना स्कूल में 3 साल की बच्ची का यौन शोषण, बस ड्राइवर विकास गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के बवाना इलाके के एक निजी स्कूल में 3 साल की एक मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि स्कूल बस के ड्राइवर विकास पर आरोप है कि उसने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर कई बार अनुचित स्पर्श किया। पुलिस ने आरोपी को स्कूल परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया है और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामला कैसे आया सामने
पीड़िता की माँ को तब संदेह हुआ जब बच्ची ने स्कूल में मौजूद एक 'बैड अंकल' का ज़िक्र किया, जो उसे चॉकलेट देता था। बच्ची आरोपी का नाम नहीं बता पा रही थी, इसलिए परिजनों ने तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित किया।
24 अगस्त को स्कूल में बच्ची को फोटो और सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई, जिसे देखकर उसने आरोपी ड्राइवर विकास की पहचान की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
आरोपी की करतूत और गिरफ्तारी
जाँच में सामने आया कि आरोपी विकास करीब 8 महीने से स्कूल में कैब चला रहा था। सीसीटीवी फुटेज में उसे जेब में चॉकलेट लेकर घूमते हुए देखा गया। आरोप है कि उसने बच्ची के बाथरूम जाते समय उसका पीछा किया, चॉकलेट दी और सीढ़ियों के नीचे उसके साथ अनुचित स्पर्श किया।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया, जिसमें छोटे बच्चों को चॉकलेट खिलाते हुए कई वीडियो मिले हैं। वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चों की पहचान की जा रही है और उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है। स्कूल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।
पृष्ठभूमि: दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा पहले से ही चर्चा में है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने कश्मीरी गेट इलाके में एक नाबालिग से कथित गैंगरेप मामले में एक स्लीपर बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया था। उस मामले में लड़की ग्रेटर नोएडा से बस में बैठकर दिल्ली पहुँची थी और आरोप है कि रात के समय ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
गौरतलब है कि यह दूसरी ऐसी घटना है जो दिल्ली में स्कूल और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारियों द्वारा बच्चों के शोषण को उजागर करती है, जिससे बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूदा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
आगे की जाँच
पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है। आरोपी के मोबाइल में मिले वीडियो के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि क्या और भी बच्चे उसके निशाने पर थे। स्कूल प्रशासन की भूमिका की भी जाँच जारी है कि आरोपी के संदिग्ध व्यवहार पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया।