कर्नाटक में ड्रग नेटवर्क तीन साल में छह गुना बढ़ा, भाजपा नेता आर. अशोक का प्रियंक खड़गे पर इस्तीफे का दबाव
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे पर सीधा हमला बोला है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के बाद से कर्नाटक में ड्रग नेटवर्क तीन वर्षों में छह गुना फैल चुका है। उन्होंने खड़गे से गृह मंत्री पद से इस्तीफे की माँग तक कर डाली।
एक्स पोस्ट से उठा विवाद
भाजपा नेता आर. अशोक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए गृह मंत्री प्रियंक खड़गे को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि खड़गे 'अनावश्यक विवाद खड़े करने' में व्यस्त हैं, जबकि उनके अपने विभाग में ड्रग नेटवर्क बेकाबू होता जा रहा है।
गिरफ्तारी के आँकड़े जो चौंकाते हैं
भाजपा नेता के अनुसार, ड्रग तस्करी के मामलों में गिरफ्तार छात्रों की संख्या में तेज़ उछाल देखा गया है। 2024 में ऐसे मामलों में 36 छात्र गिरफ्तार हुए थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 59 हो गई और जुलाई 2026 तक यह आँकड़ा 228 तक जा पहुँचा। इनमें से 177 छात्र अकेले बेंगलुरु के बताए गए हैं।
अशोक ने यह भी दावा किया कि ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 189 तक पहुँच गई है। ये सभी आँकड़े भाजपा नेता के बयान पर आधारित हैं; सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
युवाओं पर बढ़ता खतरा
अशोक ने अपने बयान में कहा, 'पहले छात्र ड्रग तस्करों से नशीले पदार्थ खरीदकर सेवन करते थे, लेकिन अब छात्र खुद ड्रग तस्कर बनते जा रहे हैं।' उन्होंने पुलिस विभाग पर भी सवाल उठाया कि जब स्कूल और कॉलेज के छात्र ड्रग तस्करी में शामिल हो रहे हैं, तो पुलिस की भूमिका क्या है। उनका यह भी आरोप है कि राज्य सरकार ने कर्नाटक के युवाओं का भविष्य 'गांजा माफिया' के हवाले कर दिया है।
भाजपा की माँग
भाजपा नेता आर. अशोक ने सरकार से माँग की कि एक सक्षम पुलिस अधिकारी की अगुवाई में विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ड्रग नेटवर्क पर नियंत्रण पाने में असमर्थ हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
आगे क्या होगा
यह मामला कर्नाटक विधानसभा में भी उठ सकता है, जहाँ विपक्ष पहले से ही कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरता रहा है। गृह मंत्री प्रियंक खड़गे या राज्य पुलिस की ओर से इन आँकड़ों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।