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छात्रों पर पैलेट गन: सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार से माँगा जवाब, 20 जुलाई की घटना पर उठाए सवाल

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छात्रों पर पैलेट गन: सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार से माँगा जवाब, 20 जुलाई की घटना पर उठाए सवाल

सारांश

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 20 जुलाई को छात्रों पर पैलेट गन चलाने के लिखित आदेश और हस्ताक्षर की जवाबदेही सरकार से माँगी है। साथ ही 7.8% जीडीपी वृद्धि के बावजूद रोज़गार, महँगाई और क्रय-शक्ति पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 1 सितंबर को माँग की कि सरकार बताए कि 20 जुलाई को छात्रों पर पैलेट गन चलाने का लिखित आदेश किसने दिया।
नियमों के अनुसार पैलेट गन के उपयोग के लिए लिखित आदेश और हस्ताक्षर अनिवार्य हैं — श्रीनेत ने इसी आधार पर जवाबदेही माँगी।
20 जुलाई की घटना में कई छात्र घायल हुए थे; छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने को उन्होंने अपर्याप्त बताया।
सीजेपी द्वारा 5 सितंबर का प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द किए जाने पर श्रीनेत ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।
पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8% रहने के बावजूद उन्होंने रोज़गार, महँगाई और विदेशी निवेशकों की वापसी पर चिंता जताई।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 1 सितंबर को नई दिल्ली में केंद्र सरकार से सीधा सवाल पूछा कि 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को जवाबदेही से नहीं बचना चाहिए और घायल छात्रों को न्याय मिलना चाहिए।

पैलेट गन के आदेश पर केंद्रीय सवाल

श्रीनेत ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए लिखित आदेश और उस पर हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर आदेश थे, तो किसने हस्ताक्षर किए — सरकार को यह सार्वजनिक करना चाहिए।' 20 जुलाई की उस घटना में कई छात्र घायल हुए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना सरकार की मजबूरी थी, लेकिन असली और अहम सवाल यह है कि पैलेट गन चलाने की अनुमति किसने दी। उनके अनुसार, 'यह सरकार को समझना होगा कि वह देश के युवाओं का मुकाबला नहीं कर सकती।'

सीजेपी के प्रदर्शन रद्द होने पर प्रतिक्रिया

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 5 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द किए जाने के फैसले पर श्रीनेत ने कहा कि कौन प्रदर्शन करता है और कौन नहीं, इस पर उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी। उनका ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि छात्रों पर बल प्रयोग की जवाबदेही तय हो।

अर्थव्यवस्था पर भी निशाना

श्रीनेत ने पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने के आँकड़ों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि तेज़ आर्थिक विकास का असर आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दिखना चाहिए — केवल जीडीपी के आँकड़े पर्याप्त नहीं हैं।

उन्होंने दावा किया कि देश में पर्याप्त रोज़गार सृजन नहीं हो रहा, लोग कर्ज़ के बोझ तले दबे हैं और महँगाई आम जनता की कमर तोड़ रही है। आलोचकों का कहना है कि विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बेचकर बाहर जा रहे हैं, जिससे अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

विकास का लाभ किसे मिल रहा है

श्रीनेत ने सवाल किया कि आर्थिक विकास का लाभ किसे मिल रहा है और कौन वास्तव में समृद्ध हो रहा है। उनके अनुसार, तेज़ विकास की सच्ची निशानी शेयर बाज़ार, रोज़गार, निवेश, आय और जनता की क्रय-शक्ति में दिखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक कमज़ोर अर्थव्यवस्था को शानदार तस्वीर के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।

आगे क्या

कांग्रेस की माँग है कि सरकार पैलेट गन के आदेश से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करे और 20 जुलाई को घायल हुए छात्रों को न्याय दिलाए। यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर राजनीतिक दबाव का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसका जवाब सरकार को देना ही होगा। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि विपक्ष की यह माँग तब आई है जब मुकदमे वापस हो चुके हैं — यानी राजनीतिक दबाव आंशिक रूप से काम कर चुका है। असली परीक्षा यह है कि क्या आदेश की जवाबदेही किसी ठोस जाँच तक पहुँचती है, या यह सवाल भी पिछले ऐसे मामलों की तरह बिना उत्तर के रह जाता है। जीडीपी आँकड़ों पर उनकी आलोचना व्यापक है, लेकिन बिना वैकल्पिक नीति-प्रस्ताव के यह केवल विरोध की राजनीति बनकर रह सकती है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रिया श्रीनेत ने पैलेट गन को लेकर क्या सवाल उठाए हैं?
उन्होंने माँग की है कि सरकार बताए कि 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने का लिखित आदेश किसने दिया और उस पर किसके हस्ताक्षर हैं। नियमों के अनुसार पैलेट गन के उपयोग के लिए लिखित अनुमति अनिवार्य होती है।
20 जुलाई की घटना क्या थी?
20 जुलाई को छात्रों के एक प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। इस घटना के बाद छात्रों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए थे, जिन्हें बाद में वापस लिया गया।
सीजेपी का 5 सितंबर का प्रदर्शन क्यों रद्द हुआ?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपना प्रदर्शन रद्द करने का फैसला किया। सुप्रिया श्रीनेत ने इस निर्णय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया और अपना ध्यान पैलेट गन की जवाबदेही पर केंद्रित रखा।
सुप्रिया श्रीनेत ने जीडीपी वृद्धि दर पर क्या कहा?
उन्होंने पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी वृद्धि के बावजूद रोज़गार सृजन की कमी, बढ़ती महँगाई, कर्ज़ के बोझ और विदेशी निवेशकों की इक्विटी बिक्री पर चिंता जताई। उनका कहना था कि विकास का असर आम जनता की क्रय-शक्ति और रोज़गार में दिखना चाहिए।
कांग्रेस की आगे की माँग क्या है?
कांग्रेस चाहती है कि सरकार पैलेट गन के आदेश से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करे और 20 जुलाई को घायल हुए छात्रों को न्याय दिलाए। पार्टी का कहना है कि मुकदमे वापस लेना पर्याप्त नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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