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शी चिनफिंग का मिस्र दौरे से पहले अल-अहराम में आलेख, 70 साल की दोस्ती को नया अध्याय देने का संकल्प

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शी चिनफिंग का मिस्र दौरे से पहले अल-अहराम में आलेख, 70 साल की दोस्ती को नया अध्याय देने का संकल्प

सारांश

मिस्र दौरे से पहले शी चिनफिंग ने तीन प्रमुख मिस्री अखबारों में आलेख लिखकर 70 साल पुराने चीन-मिस्र रिश्ते को नई ऊँचाई देने का संकल्प जताया। राष्ट्रपति अल-सीसी के साथ प्रस्तावित वार्ता में सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की रूपरेखा तय होगी।

मुख्य बातें

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मिस्र यात्रा से पूर्व अल-अहराम , अल-अखबर और अल-गोम्हुरिया में विशेष आलेख प्रकाशित किया।
आलेख का शीर्षक — 'एकजुटता के 70 साल मनाते हुए चीन और मिस्र एक नया अध्याय जोड़ेंगे' — चीन-मिस्र राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगाँठ को समर्पित है।
शी ने मिस्री राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ चीन-मिस्र सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी गहरी करने की रूपरेखा तैयार करने की इच्छा जताई।
शी ने कहा कि दोनों देश चीन-मिस्र साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण और साझे आधुनिकीकरण की दिशा में मिलकर काम करेंगे।
चीन-मिस्र संबंध चीन-अरब और चीन-अफ्रीका सहयोग की मिसाल के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मिस्र की राजकीय यात्रा से ठीक पहले वहाँ के प्रमुख अखबारों अल-अहराम, अल-अखबर और अल-गोम्हुरिया में एक विशेष आलेख प्रकाशित किया। इस आलेख का शीर्षक है — 'एकजुटता के 70 साल मनाते हुए चीन और मिस्र एक नया अध्याय जोड़ेंगे।' यह आलेख चीन-मिस्र राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगाँठ के अवसर पर जारी किया गया है।

आलेख में शी चिनफिंग ने क्या कहा

शी ने लिखा कि 10 वर्ष पूर्व उन्होंने मिस्र की यात्रा की थी और वहाँ की प्राचीन सभ्यता एवं प्राकृतिक सौंदर्य ने उन पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि वे मिस्री राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर विचार-विमर्श कर चीन-मिस्र सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की रूपरेखा तैयार करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

70 साल के राजनयिक संबंध: एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

आलेख में उल्लेख किया गया कि 70 वर्ष पूर्व चीन और मिस्र ने राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जो नए चीन और अरब देशों के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग की नींव बने। गौरतलब है कि इन सात दशकों में दोनों देशों के संबंध अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कई उतार-चढ़ावों के बावजूद मज़बूत बने रहे। यह रिश्ता चीन-अरब देश तथा चीन-अफ्रीका सहयोग की मिसाल के रूप में उभरा है और विकासशील देशों के बीच सहअस्तित्व एवं एकजुटता का प्रतीक बन गया है।

साझे भविष्य का आह्वान

शी चिनफिंग ने रेखांकित किया कि चीन और मिस्र दोनों इस समय विकास और राष्ट्रीय पुनरुत्थान के एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन, मिस्र के साथ सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत कर चीन-मिस्र साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को आगे बढ़ाने और मिलकर आधुनिकीकरण पूरा करने के लिए तत्पर है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को नई गति मिल रही है।

आगे क्या होगा

शी चिनफिंग की यह मिस्र यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद का अवसर बनेगी। राष्ट्रपति अल-सीसी के साथ प्रस्तावित वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार, बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह यात्रा चीन की अफ्रीका और अरब जगत में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैचारिक धरातल पर भी मज़बूत करना चाहता है। आलोचकों का कहना है कि इस 'दक्षिण-दक्षिण एकजुटता' के आख्यान की परख असली कसौटी पर — यानी व्यापार असंतुलन, ऋण शर्तों और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के वास्तविक लाभ पर — होनी चाहिए।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शी चिनफिंग ने मिस्र के किन अखबारों में आलेख प्रकाशित किया?
शी चिनफिंग ने मिस्र के तीन प्रमुख सरकारी अखबारों — अल-अहराम, अल-अखबर और अल-गोम्हुरिया — में यह आलेख प्रकाशित किया। यह आलेख उनकी मिस्र राजकीय यात्रा से ठीक पहले जारी किया गया।
शी चिनफिंग के आलेख का मुख्य विषय क्या था?
आलेख का शीर्षक 'एकजुटता के 70 साल मनाते हुए चीन और मिस्र एक नया अध्याय जोड़ेंगे' था। इसमें चीन-मिस्र राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगाँठ, सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने और साझे आधुनिकीकरण के लक्ष्य पर जोर दिया गया।
चीन और मिस्र के बीच राजनयिक संबंध कब स्थापित हुए थे?
चीन और मिस्र ने 70 वर्ष पूर्व राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। यह नए चीन और अरब देशों के बीच मैत्रीपूर्ण सहयोग की शुरुआत मानी जाती है और इसे चीन-अरब तथा चीन-अफ्रीका सहयोग की मिसाल के रूप में देखा जाता है।
शी चिनफिंग की मिस्र यात्रा में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?
शी चिनफिंग की मिस्री राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ प्रस्तावित वार्ता में चीन-मिस्र सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है। इसमें द्विपक्षीय व्यापार, बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
चीन-मिस्र साझे भविष्य वाले समुदाय का क्या अर्थ है?
शी चिनफिंग ने अपने आलेख में 'चीन-मिस्र साझे भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण का उल्लेख किया, जो चीन की व्यापक वैश्विक कूटनीतिक अवधारणा का हिस्सा है। इसका अर्थ है कि दोनों देश विकास, आधुनिकीकरण और वैश्विक मंचों पर साझा दृष्टिकोण अपनाते हुए एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ें।
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