शी चिनफिंग ने मालदीव की 61वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर मुइज़ु को बधाई, द्विपक्षीय साझेदारी मज़बूत करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 26 जुलाई को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़ु को मालदीव की स्वतंत्रता की 61वीं वर्षगांठ पर औपचारिक बधाई संदेश भेजा। इस संदेश में शी ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करते हुए साझा भविष्य की दिशा में सहयोग और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
संदेश में क्या कहा शी चिनफिंग ने
शी ने अपने संदेश में कहा कि चीन और मालदीव के बीच मैत्रीपूर्ण संपर्क का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के 54 वर्षों में दोनों देशों ने शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पाँच सिद्धांतों के आधार पर संबंधों का विकास किया है, जिससे दोनों देशों की जनता को ठोस लाभ मिला है।
शी ने यह भी स्मरण दिलाया कि वर्ष 2024 में राष्ट्रपति मुइज़ु की चीन यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करने और चीन-मालदीव साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति मुइज़ु के साथ मिलकर परंपरागत मित्रता को आगे बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग को और गहरा करने तथा इस साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को आगे ले जाने के लिए तत्पर हैं, ताकि दोनों देशों की जनता को अधिक से अधिक कल्याण मिल सके।
वांग यी का भी बधाई संदेश
इसी दिन चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी अपनी मालदीवी समकक्ष इरुथिशम एडम को मालदीव की 61वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर बधाई संदेश भेजा। यह कदम दर्शाता है कि बीजिंग मालदीव के साथ अपने संबंधों को राजनयिक और मंत्री-स्तर — दोनों स्तरों पर सक्रिय रूप से पोषित कर रहा है।
चीन-मालदीव संबंधों का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। मालदीव की रणनीतिक स्थिति — प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों के निकट — उसे भारत और चीन दोनों के लिए कूटनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बनाती है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति मुइज़ु के सत्ता में आने के बाद से माले ने बीजिंग के साथ संबंधों को नई ऊर्जा दी है, जो 2024 की चीन यात्रा और सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी की घोषणा में परिलक्षित हुआ।
आगे क्या
दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग — जिसमें बुनियादी ढाँचा, व्यापार और पर्यटन शामिल हैं — को और विस्तार मिलने की संभावना है। शी के संदेश में व्यक्त प्रतिबद्धता से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में उच्च-स्तरीय संवाद और सहयोग परियोजनाओं में तेज़ी आ सकती है।