शी चिनफिंग की मिस्र राजकीय यात्रा शुरू, काहिरा में राष्ट्रपति सिसी ने किया भव्य स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 सितंबर 2026 की रात काहिरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचकर मिस्र की राजकीय यात्रा का आगाज़ किया। यह यात्रा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के औपचारिक निमंत्रण पर आयोजित की गई है और दोनों देशों के बीच चीन-मिस्र सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
काहिरा में भव्य स्वागत
विशेष विमान से काहिरा पहुँचने पर शी चिनफिंग और उनकी पत्नी फंग लीयुएं का राष्ट्रपति सिसी और उनकी पत्नी ने हवाई अड्डे पर जोशपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर शी चिनफिंग ने एक लिखित वक्तव्य के माध्यम से चीन सरकार और चीनी जनता की ओर से मिस्र सरकार एवं वहाँ की जनता को अभिवादन और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
शी चिनफिंग का संदेश: हज़ार वर्षों की मित्रता
शी चिनफिंग ने अपने वक्तव्य में कहा कि चीन और मिस्र दोनों ही प्राचीन सभ्यताओं के वाहक हैं और दोनों के बीच परंपरागत मित्रता हज़ार वर्षों से अटूट रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 वर्षों में, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थितियों में चाहे जितने भी उतार-चढ़ाव आए हों, दोनों देश एकजुट होकर सहयोग करते रहे हैं।
शी ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में राष्ट्रपति सिसी और उनके साझा मार्गदर्शन में चीन-मिस्र सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी का निरंतर विकास हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हैं और चीन अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को अफ्रीका व अरब जगत में और सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय है।
यात्रा का एजेंडा
शी चिनफिंग ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति सिसी के साथ द्विपक्षीय संबंधों, दोनों देशों के बहुआयामी सहयोग और साझा चिंता वाले अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेता मिलकर चीन-मिस्र सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी के भविष्य की रूपरेखा तैयार करेंगे।
गौरतलब है कि यह यात्रा चीन की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसके तहत वह अफ्रीकी और मध्य-पूर्व के देशों के साथ आर्थिक एवं राजनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ कर रहा है।
ऐतिहासिक संदर्भ
चीन और मिस्र के बीच राजनयिक संबंध 1956 में स्थापित हुए थे, और मिस्र चीन को मान्यता देने वाला पहला अरब और अफ्रीकी देश था। तब से दोनों देशों के बीच व्यापार, बुनियादी ढाँचे और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में संबंध लगातार विस्तृत हुए हैं। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत भी मिस्र एक प्रमुख भागीदार देश है।
आगे क्या होगा
यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है। शी चिनफिंग की यह यात्रा चीन-मिस्र मित्रता के नए ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाले दशकों में दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय कर सकती है।