मेघालय पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: सौतेली बेटी के यौन उत्पीड़न में दोषी को 30 वर्ष की कठोर कैद
सारांश
मुख्य बातें
शिलॉन्ग की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने 28 अगस्त 2026 को नाबालिग सौतेली बेटी के साथ यौन शोषण के दोषी टेरेन मॉलिह को 30 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 7 दिसंबर 2020 को पूर्वी खासी हिल्स जिले के मॉन्गैप पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। स्पेशल जज (पॉक्सो) एम.के. लिंगदोह की अध्यक्षता में सुनाया गया यह फैसला बाल यौन शोषण के विरुद्ध न्यायिक सख्ती का स्पष्ट संदेश है।
मुख्य घटनाक्रम
ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक स्यिम के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद जाँच के दौरान मॉलिह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 5 फरवरी 2021 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले की जाँच महिला पुलिस उप-निरीक्षक एल. खारजाना ने की, जो वर्तमान में ईस्ट खासी हिल्स के महिला पुलिस स्टेशन में तैनात हैं।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत मॉलिह को दोषी ठहराया।
धारावार सजा का विवरण
कोर्ट ने मॉलिह को पॉक्सो अधिनियम की चार धाराओं — 4, 6, 8 और 10 — के तहत अलग-अलग सजा सुनाई:
धारा 4 के तहत 20 वर्ष की जेल और ₹30,000 का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कैद।
धारा 6 के तहत 30 वर्ष की कठोर कारावास और ₹40,000 का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर चार महीने की अतिरिक्त जेल।
धारा 8 के तहत पाँच वर्ष की जेल और ₹10,000 का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद।
धारा 10 के तहत सात वर्ष की जेल और ₹20,000 का जुर्माना। जुर्माना न भरने पर एक महीने की अतिरिक्त साधारण कैद।
हिरासत अवधि का समायोजन
पुलिस के अनुसार, कोर्ट ने सजा तय करते समय मॉलिह द्वारा पहले ही हिरासत में बिताई गई अवधि को ध्यान में रखा। मॉलिह पहले ही हिरासत में 3 वर्ष, 11 महीने और 28 दिन बिता चुका था। इस समायोजन के बाद मॉलिह को अब 26 वर्ष और जेल में रहना होगा।
आम जनता पर असर
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देशभर में पॉक्सो मामलों में त्वरित न्याय और कड़ी सजा की माँग लगातार उठती रही है। मेघालय की इस स्पेशल पॉक्सो कोर्ट का निर्णय घरेलू परिवेश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत मिसाल स्थापित करता है। गौरतलब है कि मामला दर्ज होने से लेकर दोषसिद्धि तक की यह प्रक्रिया लगभग छह वर्षों में पूरी हुई।
क्या होगा आगे
दोषी को अब शेष 26 वर्ष की सजा काटनी होगी। जुर्माने की राशि अदा न होने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी लागू होगा। इस मामले के फैसले से राज्य में पॉक्सो मामलों की सुनवाई में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।