11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या हरियाणा में नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा मिली?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या हरियाणा में नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा मिली?

सारांश

हरियाणा में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला आया है। विशेष पोक्सो अदालत ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई और 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जानें इस मामले की पूरी कहानी और अदालत के निर्णय के पीछे के कारण।

मुख्य बातें

10 साल की कैद की सजा सुनाई गई।
35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा होगी।
मामला नाबालिग के अगवा होने का है।
आरोपी को समय पर गिरफ्तार किया गया।

नूंह, 9 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के नूंह में स्थित पोक्सो विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने नाबालिग को अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई।

साथ ही, अदालत ने दोषी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो दोषी को अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी, यह भी अदालत का निर्णय रहा।

जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव बीवा के निवासी महेंद्र ने पुलिस में शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी ने 28 अक्तूबर 2023 की शाम लगभग 6 बजे अपने भाई के लिए खाना लेकर आरा मशीन की ओर जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वहां नहीं पहुंची। परिजनों ने आसपास खोज की, लेकिन बच्ची का कोई भी सुराग नहीं मिला।

महेंद्र ने पुलिस को बताया कि लगभग 10 दिन पहले आरोपी शंकर टिकाधर ने फोन पर धमकी दी थी कि यदि लड़की की शादी उससे नहीं हुई, तो वह उसे भगा ले जाएगा। घटना के बाद परिजनों ने थाना फिरोजपुर झिरका में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया। जांच के दौरान सभी साक्ष्य जुटाए गए और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लगभग दो साल तक चले मामले में अदालत ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी हरदय टिकाधर उर्फ शंकर टिकाधर को दोषी ठहराया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिनजान की फास्ट ट्रैक विशेष पोक्सो कोर्ट नूंह ने 8 सितंबर को तीन विशेष धाराओं में 35 हजार रुपये का जुर्माना और 10 वर्ष की सजा सुनाई। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो 6 महीने अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे।

आयुष यादव, एएसपी के अनुसार, समय पर आरोपी को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध मानते हुए दोषी को सख्त सजा सुनाई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस मामले में दोषी को कितनी सजा मिली?
दोषी को 10 साल की सजा मिली है।
इस मामले में जुर्माना कितना लगाया गया?
दोषी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
क्या जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा होगी?
हाँ, यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो अतिरिक्त 6 महीने की सजा भुगतनी होगी।
मामले की जांच कब शुरू हुई थी?
पुलिस ने मामले की जांच घटना के बाद शुरू की थी।
क्या आरोपी को जल्दी गिरफ्तार किया गया था?
हाँ, आरोपी को समय पर गिरफ्तार किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले