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रांची पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी उमेंद्र राय को 20 साल का कठोर कारावास

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रांची पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी उमेंद्र राय को 20 साल का कठोर कारावास

सारांश

रांची की विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 अगस्त 2023 की वारदात में नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले उमेंद्र राय को 20 साल के कठोर कारावास और ₹35,000 जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी 18 अगस्त 2023 से न्यायिक हिरासत में है।

मुख्य बातें

रांची की विशेष पॉक्सो अदालत ने उमेंद्र कुमार उर्फ उमेंद्र राय को 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी पर ₹35,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया; न चुकाने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान।
वारदात 13 अगस्त 2023 की है — आरोपी ने डोरंडा थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय नाबालिग का हिनू चौक से अपहरण किया था।
पीड़िता को तुपुदाना के किराए के मकान में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और बार-बार दुष्कर्म किया गया।
दोषी 18 अगस्त 2023 से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में है; सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुनाई गई।

रांची की विशेष पॉक्सो अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और लगातार दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए उमेंद्र कुमार उर्फ उमेंद्र राय को 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर ₹35,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

मुख्य घटनाक्रम

अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों के अनुसार, यह वारदात 13 अगस्त 2023 की है। रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता शाम के समय हिनू चौक पर जाने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपी उमेंद्र राय ने उसे रास्ते में रोककर बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया।

आरोपी पीड़िता को जबरन तुपुदाना स्थित एक किराए के मकान में ले गया, जहाँ उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध बार-बार दुष्कर्म किया। जब भी पीड़िता ने विरोध किया या अपने परिवार से संपर्क करने का प्रयास किया, आरोपी ने उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की गंभीर धमकी दी।

अदालत का फैसला

विशेष पॉक्सो अदालत ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित सुनवाई पूरी करते हुए 19 मई को उमेंद्र राय को दोषी करार दिया था। इसके बाद सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के पश्चात 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास और ₹35,000 जुर्माने का फैसला सुनाया गया।

गौरतलब है कि दोषी 18 अगस्त 2023 से लगातार न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद है। सुरक्षा कारणों से सजा सुनाए जाने के दौरान उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया।

आम जनता और पीड़ित पक्ष पर असर

यह मामला पॉक्सो कानून के तहत त्वरित न्याय का एक उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में शीघ्र सुनवाई और कड़ी सजा अपराधियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवारक संदेश है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने की माँग लगातार उठ रही है।

क्या होगा आगे

दोषी के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्प उपलब्ध है। जुर्माने की राशि अदा न होने पर अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान लागू होगा। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद उमेंद्र राय अब तक की न्यायिक हिरासत की अवधि सजा में समायोजित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो देश की औसत आपराधिक सुनवाई की तुलना में काफी तेज़ है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि ऐसे मामलों में पीड़ित को पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक सहायता मिली या नहीं — जो अक्सर सुर्खियों से बाहर रह जाती है। पॉक्सो कानून की कड़ी सजा का प्रावधान तभी सार्थक होगा जब निचली अदालतों में ऐसे मामलों की सुनवाई की गति और पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था को पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाए।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची पॉक्सो कोर्ट ने उमेंद्र राय को क्या सजा सुनाई?
रांची की विशेष पॉक्सो अदालत ने उमेंद्र कुमार उर्फ उमेंद्र राय को 20 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास और ₹35,000 के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी लागू होगा।
यह मामला क्या था और वारदात कब हुई?
यह मामला 13 अगस्त 2023 का है, जब रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र की एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को हिनू चौक से बहला-फुसलाकर अपहरण किया गया था। आरोपी ने उसे तुपुदाना के एक किराए के मकान में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा और बार-बार दुष्कर्म किया।
दोषी उमेंद्र राय कब से जेल में है?
उमेंद्र राय 18 अगस्त 2023 से लगातार न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद है। सजा सुनाए जाने के दौरान उसे सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया।
अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला कब सुनाया था?
विशेष पॉक्सो अदालत ने 19 मई को उमेंद्र राय को दोषी करार दिया था। इसके बाद सोमवार 25 मई को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद सजा का ऐलान किया गया।
पॉक्सो कानून के तहत इस मामले में क्या प्रावधान लागू हुए?
पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत नाबालिग के विरुद्ध अपहरण और बार-बार दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में कठोर सजा का प्रावधान है। इस मामले में अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास के साथ आर्थिक जुर्माना भी लगाया, जो कानून की गंभीरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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