क्या रांची में नाबालिग से गैंगरेप के दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा मिली?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या रांची में नाबालिग से गैंगरेप के दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा मिली?

सारांश

रांची की पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने दो दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा सुनाई है। यह मामला नाबालिग से गैंगरेप से संबंधित है, जो समाज में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा करता है। जानिए इस जघन्य अपराध के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

नाबालिगों के खिलाफ जघन्य अपराधों में सख्त दंड की आवश्यकता है।
पॉक्सो एक्ट के तहत न्याय की प्रक्रिया को सख्त बनाना जरूरी है।
समाज में असुरक्षा के माहौल को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।

रांची, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड की राजधानी रांची में स्थित पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने सोमवार को गैंगरेप के दो दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालते हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि कानून का भय बना रहे।

यह मामला सितंबर 2024 का है, जब रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

जांच के दौरान यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से छह की उम्र 16 वर्ष से कम थी। इन छह नाबालिग आरोपियों के मामलों की सुनवाई जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में अलग से की जा रही है।

वहीं, दो आरोपी ऐसे थे, जिनकी उम्र घटना के समय 16 से 18 वर्ष के बीच पाई गई। इन दोनों के खिलाफ चिल्ड्रेन केस के प्रावधानों के तहत पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में मुकदमा चलाया गया। अदालत ने 19 दिसंबर को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था।

सोमवार को सजा के बिंदु पर हुई सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने दोनों दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा सुनाई। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मजबूत साक्ष्य, चिकित्सकीय (मेडिकल) रिपोर्ट और गवाहों के विश्वसनीय बयान पेश किए गए, जिन्हें अदालत ने स्वीकार करते हुए दोष सिद्ध माना।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं न केवल पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक रूप से तोड़ देती हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा और भय का माहौल भी पैदा करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बने। ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस मामले में कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
इस मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों में से कितने नाबालिग थे?
गिरफ्तार आरोपियों में से छह की उम्र 16 वर्ष से कम थी।
विशेष अदालत ने कब फैसला सुनाया?
विशेष अदालत ने 19 दिसंबर को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले