नासिक में 13 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के मामले में मुख्याध्यापक को उम्रकैद, शिक्षक को 1 वर्ष की सजा
सारांश
Key Takeaways
- मुख्याध्यापक को उम्रकैद की सजा मिली है।
- वर्गशिक्षक को 1 वर्ष की कैद और जुर्माना हुआ है।
- यह घटना 7 फरवरी 2025 को हुई थी।
- पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की।
- न्यायालय का निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
नासिक, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नासिक जिले के इगतपुरी तालुका के टाकेद बुद्रुक में 13 वर्षीय नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने मामले में आरोपी मुख्याध्यापक और वर्गशिक्षक को सजा सुनाते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।
यह मामला 7 फरवरी 2025 का है, जब स्कूल के मुख्याध्यापक ने वर्गशिक्षक की सहायता से 13 वर्षीय पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। घोटी पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
भारतीय न्याय संहिता एवं बाल संरक्षण और अत्याचार प्रतिबंधक कानून के अंतर्गत दर्ज मामले में जिला न्यायालय के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश पीवी घुले ने सजा सुनाई। मुख्याध्यापक तुकाराम गोविंद साबले (53) और वर्गशिक्षक गोरखनाथ मारुती जोशी (43) को दोषी ठहराया गया है।
न्यायालय ने मुख्याध्यापक तुकाराम गोविंद साबले को आजीवन कारावास और 2 लाख रुपये का जुर्माना (जुर्माना न चुकाने पर 1 वर्ष की साधी कैद), पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना, तथा धारा 8 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है।
वहीं, शिक्षक गोरखनाथ मारुती जोशी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 21 में दोषी ठहराकर 6 महीने की कारावास और 68 हजार रुपये का जुर्माना (जुर्माना न चुकाने पर 3 महीने की कठोर कैद) की सजा दी गई है।
गौरतलब है कि 7 फरवरी 2025 को आरोपी वर्गशिक्षक गोरखनाथ मारुती जोशी की गणित की क्लास चल रही थी। इस दौरान मुख्याध्यापक तुकाराम गोविंद साबले का उन्हें फोन आया। इसके बाद गोरखनाथ जोशी ने बिना कुछ कहे 13 वर्षीय पीड़िता को बताया कि उसकी दादी साबले सर के घर आई हैं और उसे बुलाया गया है। तुकाराम साबले स्कूल परिसर के बाहर रहते हैं, यह गोरखनाथ जोशी को ज्ञात था। फिर भी उन्होंने पीड़िता को अकेले तुकाराम साबले के घर भेज दिया।
पीड़िता तुकाराम साबले के घर गई, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने स्कूल लौटकर इस घटना की जानकारी गोरखनाथ जोशी को दी, लेकिन उन्होंने पीड़िता के साथ हुई घटना पर कोई कार्रवाई नहीं की और न ही शिकायत दर्ज कराने में मदद की।