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'डेड इकोनॉमी' पर राकेश सिन्हा का पलटवार: जीडीपी नहीं, महंगाई बताती है जमीनी हाल

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'डेड इकोनॉमी' पर राकेश सिन्हा का पलटवार: जीडीपी नहीं, महंगाई बताती है जमीनी हाल

सारांश

कांग्रेस के राकेश सिन्हा ने रांची में एक साथ कई मोर्चे खोले — 'डेड इकोनॉमी' पर वित्त मंत्री को जवाब, झारखंड घुसपैठ पर BJP से जिम्मेदारी की मांग, हल्द्वानी विवाद को दलित अपमान से जोड़ा और महाराष्ट्र में 'वोट चोरी' का आरोप दोहराया। यह एक साझा प्रेस वार्ता नहीं, कांग्रेस का बहु-मोर्चीय राजनीतिक आक्रमण था।

मुख्य बातें

कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने 1 सितंबर को रांची में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की 'डेड इकोनॉमी' टिप्पणी पर पलटवार किया।
सिन्हा ने रांची में चीनी की कीमत ₹70 प्रति किलो होने का दावा करते हुए जीडीपी आंकड़ों को जमीनी हकीकत से अलग बताया।
झारखंड में कथित घुसपैठ पर BJP नेता बाबूलाल मरांडी से जिम्मेदारी तय करने की मांग; पूछा — बांग्लादेश से सीमा न लगने पर घुसपैठ का रास्ता क्या था।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को करोड़ों दलितों का अपमान बताया।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची से नाम हटाने पर चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर सवाल; 'वोट चोरी' का आरोप दोहराया।
नेपाल त्रासदी में लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए केंद्र सरकार से गंभीर प्रयास की अपील।

कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने 1 सितंबर को रांची में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर तीखे सवाल दागे — अर्थव्यवस्था, महंगाई, झारखंड में कथित घुसपैठ, हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद, महाराष्ट्र की मतदाता सूची, नेपाल त्रासदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति। उनका मुख्य निशाना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की वह टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'डेड इकोनॉमी' वाली बात को जीडीपी आंकड़ों से खारिज करने की कोशिश की थी।

जीडीपी बनाम जमीनी हकीकत

सिन्हा ने कहा कि वित्त मंत्री को देश की जमीनी आर्थिक स्थिति पर जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, आम आदमी के लिए अर्थव्यवस्था का आकलन केवल जीडीपी के आंकड़ों से नहीं होता — बल्कि महंगाई, रुपए की कमज़ोर स्थिति और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें उसकी असली कसौटी हैं। उन्होंने रांची में चीनी की कीमत करीब ₹70 प्रति किलो होने का दावा करते हुए सवाल किया कि यदि ऐसी स्थिति को भी खराब अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता, तो फिर 'खराब अर्थव्यवस्था' की परिभाषा क्या है — यह वित्त मंत्री ही स्पष्ट करें। उन्होंने वित्त मंत्री के प्याज की कीमतों को लेकर दिए गए पुराने बयान का भी संदर्भ दिया।

झारखंड घुसपैठ विवाद: जिम्मेदारी किसकी?

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री को झारखंड में कथित घुसपैठ और संथाल परगना की बदलती जनसांख्यिकी को लेकर पत्र लिखे जाने पर सिन्हा ने पलटवार किया। उनका तर्क था कि झारखंड में लंबे समय तक BJP की सरकार रही है, इसलिए यदि जनसांख्यिकीय बदलाव हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि झारखंड की सीमा बांग्लादेश से नहीं लगती, तो घुसपैठ किस रास्ते से पहुंची। सिन्हा ने कहा कि यदि असम के रास्ते घुसपैठ का दावा किया जा रहा है, तो मरांडी को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री से भी जवाब मांगना चाहिए।

हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' और दलित अपमान का सवाल

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने पर सिन्हा ने इसे दलितों के अपमान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि संविधान छुआछूत की भावना को गंभीरता से लेता है। उनके अनुसार, खड़गे के कार्यक्रम के बाद जिस तरह कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया, वह केवल कांग्रेस अध्यक्ष का नहीं बल्कि करोड़ों दलितों का अपमान है। सिन्हा ने सवाल किया कि राहुल गांधी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ हुई — 'देश में कानून का राज है या भाजपा का राज?'

महाराष्ट्र मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर निशाना

महाराष्ट्र में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सिन्हा ने चुनाव आयोग (ECI) की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने BJP को फायदा पहुंचाया और महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार कथित 'वोट चोरी' के जरिए सत्ता में आई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले ही इस मुद्दे को उठा चुके हैं।

नेपाल त्रासदी और विदेश नीति पर सवाल

नेपाल में आई त्रासदी पर दुख जताते हुए सिन्हा ने केंद्र सरकार से नेपाल को हरसंभव मदद देने और वहाँ लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए गंभीर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश दौरों के साथ-साथ पड़ोसी देश की बड़ी आपदा पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एससीओ बैठक में मोदी के युद्ध-विरोधी बयान पर सिन्हा ने पूछा कि पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव के समय भारत की प्रतिक्रिया क्या थी, और अमेरिका में पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व से जुड़ी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री ने खुलकर बयान क्यों नहीं दिया। सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उन्हीं मुद्दों पर अधिक सक्रिय दिखते हैं जिनसे राजनीतिक या मीडिया सुर्खियां मिलती हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर कांग्रेस की ओर से और आक्रामक रुख अपनाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक शोर अधिक दर्शाती है। 'डेड इकोनॉमी' बहस में कांग्रेस का तर्क — कि जीडीपी आंकड़े आम आदमी की तकलीफ नहीं दर्शाते — आर्थिक रूप से बहस-योग्य है, लेकिन ₹70 चीनी जैसे स्थानीय दावे बिना स्वतंत्र सत्यापन के कमज़ोर पड़ते हैं। झारखंड घुसपैठ पर BJP की जिम्मेदारी का सवाल तार्किक है, मगर कांग्रेस खुद इस मुद्दे पर वैकल्पिक नीति का कोई खाका नहीं रखती। हल्द्वानी विवाद को दलित अस्मिता से जोड़ना राजनीतिक दृष्टि से प्रभावशाली है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस कोण को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है — जो असल में सबसे संवेदनशील पहलू है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'डेड इकोनॉमी' विवाद क्या है और राकेश सिन्हा ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' बताया था, जिस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीडीपी आंकड़ों का हवाला देकर पलटवार किया। कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने 1 सितंबर को रांची में कहा कि आम आदमी के लिए अर्थव्यवस्था की कसौटी जीडीपी नहीं, बल्कि महंगाई और खाद्य वस्तुओं की कीमतें हैं।
झारखंड घुसपैठ विवाद में कांग्रेस का क्या रुख है?
सिन्हा ने BJP नेता बाबूलाल मरांडी के उस पत्र पर सवाल उठाए जिसमें संथाल परगना में कथित जनसांख्यिकीय बदलाव का जिक्र था। उनका तर्क था कि झारखंड में लंबे समय तक BJP की सरकार रही, इसलिए यदि बदलाव हुआ है तो जिम्मेदारी भी BJP की बनती है। उन्होंने यह भी पूछा कि झारखंड की सीमा बांग्लादेश से नहीं लगती, तो घुसपैठ का रास्ता क्या था।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद में राहुल गांधी पर एफआईआर क्यों हुई?
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित 'शुद्धिकरण' की खबरें सामने आईं। राहुल गांधी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ एफआईआर के रूप में हुई। सिन्हा ने इसे दलितों के अपमान से जोड़ते हुए संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दिया।
महाराष्ट्र मतदाता सूची पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?
सिन्हा ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में मतदाता सूची से नाम हटाए गए और चुनाव आयोग ने BJP को फायदा पहुंचाया। उनके अनुसार, राहुल गांधी पहले ही इस 'वोट चोरी' का मुद्दा उठा चुके हैं और यह कोई नई बात नहीं है।
नेपाल त्रासदी पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से क्या मांग की?
सिन्हा ने केंद्र सरकार से नेपाल को हरसंभव मदद देने और वहाँ लापता भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए गंभीर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश दौरों के साथ-साथ पड़ोसी देश की आपदा पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
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