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टीकाराम जूली का भाजपा पर हमला: 'लोकतंत्र खत्म करने की साजिश', हल्द्वानी शुद्धिकरण और महंगाई पर सवाल

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टीकाराम जूली का भाजपा पर हमला: 'लोकतंत्र खत्म करने की साजिश', हल्द्वानी शुद्धिकरण और महंगाई पर सवाल

सारांश

राजस्थान विपक्ष नेता टीकाराम जूली ने भाजपा पर एक साथ चार मोर्चों पर हमला बोला — हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद, जीडीपी के 'हेरफेर' वाले आँकड़े, एलपीजी की बढ़ती कीमतें और नगर निकाय चुनाव। उनका दावा है कि लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश हो रही है और कांग्रेस इसे रोकेगी।

मुख्य बातें

टीकाराम जूली ने 1 सितंबर 2026 को जयपुर में भाजपा और आरएसएस पर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया।
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के जाने के बाद कथित 'शुद्धिकरण' और राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
जूली ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में जीडीपी अनुमान से हमेशा कम रही और बेरोज़गारी बढ़ती रही।
कमर्शियल एलपीजी सहित सीएनजी, पीएनजी और घरेलू सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को आम जनता पर महंगाई का बोझ बताया।
नगर निकाय चुनाव में असंतोष को 'छोटी-मोटी बातें' बताते हुए दावा किया कि सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं।

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने 1 सितंबर 2026 को जयपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद में दर्ज एफआईआर, जीडीपी वृद्धि के आँकड़ों, कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती कीमतों और नगर निकाय चुनाव के टिकट वितरण — इन चार प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरा।

शुद्धिकरण विवाद और लोकतंत्र पर आरोप

जूली ने कहा, 'भाजपा और आरएसएस की ओर से लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।' उन्होंने हल्द्वानी की उस घटना का उल्लेख किया जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जाने के बाद कथित तौर पर स्थान का 'शुद्धिकरण' कराया गया।

उन्होंने कहा, 'यह पहला मौका नहीं है — जब भी इन्हें मौका मिला है, दलितों और पिछड़ों की आलोचना का काम किया गया है।' जूली ने यह भी कहा कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को उठाया, तो उल्टे उन्हीं पर मुकदमा दर्ज हो गया। उनके अनुसार, कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिए जिन्होंने शुद्धिकरण किया।

जीडीपी आँकड़ों पर सवाल

जीडीपी वृद्धि के दावों पर जूली ने कहा कि सरकार 'खुद ही अपनी तारीफ' कर रही है। उनके अनुसार पिछले 12 वर्षों में जीडीपी अनुमान से हमेशा कम रही, बेरोज़गारी बढ़ती रही और आम आदमी पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया। उन्होंने कहा कि जीडीपी बढ़ना स्वागत योग्य है, लेकिन 'आँकड़ों को इधर-उधर करके' जीडीपी दिखाने की बात स्वीकार्य नहीं। उन्होंने माँग की कि किसानों की आय, देश में खुशहाली और आम नागरिक की स्थिति के ठोस आँकड़े भी सामने रखे जाएँ।

यह टिप्पणी राहुल गांधी के 'डेड इकोनॉमी' वाले बयान पर वित्त मंत्री की प्रतिक्रिया के संदर्भ में आई। जूली ने कहा, 'देश की अर्थव्यवस्था सबके सामने है — हम देश की तरक्की चाहते हैं, लेकिन किया हुआ विकास दुनिया के सामने है।'

एलपीजी और महंगाई पर हमला

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर जूली ने कहा कि सरकार जनता पर 'लगातार महंगाई का भार' डाल रही है। उन्होंने कहा कि सीएनजी, पीएनजी, घरेलू सिलेंडर और कमर्शियल सिलेंडर — सबके दाम बारी-बारी से बढ़ाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इसका सीधा खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है और सरकार को इस पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए।

नगर निकाय चुनाव और पार्टी एकता

नगर निकाय चुनाव के टिकट वितरण पर जूली ने कहा कि प्रदेशभर में 'बहुत अच्छा टिकट वितरण' किया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई जगह असंतोष के स्वर उठे हैं, लेकिन आश्वस्त किया कि सभी कार्यकर्ताओं से बातचीत होगी और आने वाले समय में सबको उचित स्थान मिलेगा। उन्होंने कहा, 'भाजपा का आईना दिखाने का वक्त है — तीन वर्ष के कुशासन का परिणाम देने का समय है।' जूली ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं और मिलकर भाजपा को जवाब देंगे।

आगे क्या

नगर निकाय चुनाव नज़दीक आने के साथ विपक्ष की यह आक्रामकता राजस्थान की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज़ कर सकती है। शुद्धिकरण विवाद पर एफआईआर का मामला अदालत में विचाराधीन है, जबकि एलपीजी मूल्य वृद्धि और जीडीपी आँकड़ों पर बहस राष्ट्रीय स्तर पर भी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जीडीपी का आर्थिक कोण, एलपीजी का महंगाई कोण और नगर निकाय का स्थानीय चुनावी कोण। यह दर्शाता है कि कांग्रेस राजस्थान में एक व्यापक विपक्षी आख्यान बनाने की कोशिश में है। हालाँकि, जूली के आरोप राजनीतिक बयानबाज़ी की सीमा में हैं — न तो जीडीपी 'हेरफेर' के दावे के साथ कोई ठोस वैकल्पिक आँकड़ा पेश किया गया, न ही शुद्धिकरण मामले में उनकी पार्टी की कानूनी रणनीति स्पष्ट हुई। नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर उनकी 'सब ठीक है' वाली भाषा और ज़मीनी असंतोष के बीच का अंतर भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीकाराम जूली ने हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर क्या कहा?
जूली ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जाने के बाद स्थान का कथित 'शुद्धिकरण' कराना दलितों और पिछड़ों के प्रति भाजपा की सोच को उजागर करता है। उन्होंने माँग की कि एफआईआर राहुल गांधी पर नहीं, बल्कि शुद्धिकरण करने वालों पर होनी चाहिए।
जूली ने जीडीपी वृद्धि के दावों पर क्या आपत्ति जताई?
उनका कहना है कि पिछले 12 वर्षों में जीडीपी हमेशा अनुमान से कम रही, बेरोज़गारी बढ़ी और आम आदमी पर कर्ज बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि आँकड़ों में हेरफेर कर जीडीपी बढ़ाई जा रही है और किसानों व आम नागरिकों की वास्तविक स्थिति नहीं बताई जा रही।
कमर्शियल एलपीजी की कीमतें बढ़ने पर विपक्ष का क्या रुख है?
जूली ने कहा कि सीएनजी, पीएनजी, घरेलू और कमर्शियल — सभी प्रकार के ईंधन के दाम बारी-बारी से बढ़ाए जा रहे हैं, जिसका सीधा बोझ आम नागरिकों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से कीमतों पर सख्त निगरानी की माँग की।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस की स्थिति क्या है?
जूली ने दावा किया कि टिकट वितरण अच्छा रहा है और कार्यकर्ता एकजुट हैं, हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ जगह असंतोष है। उनका कहना है कि सभी असंतुष्ट कार्यकर्ताओं से बातचीत होगी और आगे उन्हें उचित स्थान दिया जाएगा।
टीकाराम जूली कौन हैं?
टीकाराम जूली राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे दलित समुदाय से आते हैं और राजस्थान में पार्टी की आवाज़ के रूप में सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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