दिव्या सेठ शाह का बेटी मिहिका को भावुक संदेश: 'उसकी पहचान सिर्फ मौत नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री दिव्या सेठ शाह ने अपनी दिवंगत बेटी मिहिका शाह के जन्मदिन वाले महीने में एक गहरा भावनात्मक संदेश साझा किया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहतीं कि उनकी बेटी की खूबसूरत ज़िंदगी को केवल उसकी असमय मृत्यु तक सीमित कर दिया जाए। मुंबई में 5 अगस्त 2024 को 23 वर्ष की आयु में मिहिका के निधन के बाद से दिव्या प्रकृति और जीवन के छोटे-छोटे पलों के ज़रिए अपनी बेटी की स्मृति को जीवित रखे हुए हैं।
जन्मदिन के महीने में भावुक पोस्ट
हरियाली और प्रकृति का एक वीडियो साझा करते हुए दिव्या ने मिहिका को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, 'हेलो मिहिका के जन्मदिन वाले महीने। तुम मेरे लिए बहुत कीमती हो। जब लोग कहते हैं कि मैं बहादुर या बहुत मज़बूत हूँ तो मैं मन ही मन सोचती हूँ — क्योंकि सिर्फ शारीरिक मौजूदगी ही अलग है। मैं उसके प्यार को हर पल महसूस करती हूँ और मैं कभी नहीं चाहूँगी कि उसकी खूबसूरत ज़िंदगी को सिर्फ उसके जाने तक ही सीमित कर दिया जाए। नहीं बेटा, मैं धरती पर हम दोनों के लिए जी रही हूँ, तुम ऊपर चमकती और जगमगाती रहो।'
मिहिका शाह: एक परिचय
मिहिका शाह, अभिनेत्री दिव्या सेठ शाह और सिद्धार्थ शाह की बेटी और वरिष्ठ अभिनेत्री सुषमा सेठ की पोती थीं। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, 5 अगस्त 2024 को मुंबई में उनका निधन हुआ। बताया गया कि उन्हें पहले बुखार हुआ और उसके बाद दौरे पड़े, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई। वह महज़ 23 वर्ष की थीं।
प्रकृति में ढूँढती हैं बेटी की झलक
मिहिका के जाने के बाद से दिव्या नियमित रूप से पक्षियों, जानवरों, हरियाली और प्रकृति की तस्वीरें व वीडियो साझा करती हैं और उन्हें अपनी बेटी से जोड़ती हैं। एक पुराने भावनात्मक पत्र में उन्होंने मौसम की पहली बारिश का ज़िक्र करते हुए लिखा था कि वह कल्पना करती हैं कि मिहिका बगीचे में जाकर कुत्तों के साथ बारिश का आनंद ले रही होती। उन्होंने लिखा था कि वह लगातार अपनी बेटी के बारे में सोचती रहती हैं और अपने आसपास की दुनिया में उसकी मौजूदगी महसूस करती हैं।
माँ का संकल्प
दिव्या ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि वह 'धरती पर दोनों के लिए' जी रही हैं — यह वाक्य उनके दृढ़ संकल्प और मातृ प्रेम की गहराई को दर्शाता है। गौरतलब है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह के भावनात्मक संदेश साझा करना दिव्या के लिए एक तरह की चिकित्सा भी बन गई है, जो उन्हें अपनी बेटी के जीवन को सम्मान देने का माध्यम लगती है। आने वाले समय में भी उनकी ऐसी पोस्टें मिहिका की स्मृति को जीवित रखने का सिलसिला जारी रखेंगी।