सेंसेक्स 1,073 अंक उछला, 76,489 पर बंद; निफ्टी 24,000 के पार — वैश्विक तनाव घटा, रुपया मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 25 मई 2025 को 1,073.61 अंक यानी 1.42 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 76,488.96 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 312.40 अंक या 1.32 प्रतिशत चढ़कर 24,031.70 पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और डॉलर के मुकाबले रुपए की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बहाल किया।
बाजार में चौतरफा खरीदारी
सत्र के दौरान बाजार में व्यापक खरीदारी देखी गई। निफ्टी बैंक सूचकांक 2.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी पीएसयू बैंक 2.90 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक 2.09 प्रतिशत ऊपर रहे। बैंकिंग क्षेत्र ने इस तेजी की अगुवाई की।
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 2.24 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 2.71 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.50 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.34 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। एकमात्र अपवाद निफ्टी एफएमसीजी रहा, जो 0.18 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी उत्साह देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 577.30 अंक यानी 0.94 प्रतिशत चढ़कर 61,966.60 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक यानी 1.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,202.70 पर बंद हुआ।
प्रमुख गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, टाइटन, मारुति सुजुकी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी और एशियन पेंट्स प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर, इन्फोसिस, टीसीएस, सन फार्मा और एचयूएल लूजर्स की सूची में रहे।
वैश्विक संकेत: अमेरिका-ईरान वार्ता और रुपए की मजबूती
बाजार में तेजी के पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर स्थिरता के संकेत हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर लगातार बातचीत जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कथित तौर पर कहा कि इस वार्ता को लेकर जल्द कोई बड़ी खबर आ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहले कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में सत्र के दौरान करीब 0.50 प्रतिशत की तेजी देखी गई और कुल मिलाकर सत्र में यह करीब 1.35 प्रतिशत मजबूत हुआ। हालाँकि, रुपया अभी भी 95 के स्तर से ऊपर बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मुद्राओं पर डॉलर का दबाव बना हुआ था।
आगे क्या
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता के नतीजे और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा। यदि वार्ता सफल रही तो बाजार में यह तेजी आगे भी बनी रह सकती है। घरेलू मोर्चे पर रुपए की चाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधि अगले कारोबारी सत्रों की दिशा तय करेगी।