नागालैंड: तुएनसांग जिले में जहरीली शराब से 9 मौतें, DGP रुपिन शर्मा ने जांच के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के तुएनसांग जिले में कथित जहरीली या मिलावटी शराब के सेवन से 10 और 11 सितंबर 2026 के बीच 9 लोगों की मृत्यु हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं, जिनके परिसर से कई पीड़ितों ने कथित तौर पर शराब खरीदी थी। नागालैंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) रुपिन शर्मा ने पुष्टि की है कि शुरुआती संकेत जहरीली शराब की ओर इशारा करते हैं, हालाँकि वैज्ञानिक जाँच पूरी होने से पहले अंतिम कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।
मुख्य घटनाक्रम
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सभी 9 मौतें तुएनसांग टाउन और चेंदांग सैडल क्षेत्र में दर्ज की गईं। तुएनसांग पुलिस को शनिवार को उस समय इस घटना का पता चला जब अस्पताल में भर्ती मरीजों की मौतों में एक जैसा पैटर्न देखा गया। शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि अधिकांश पीड़ितों ने लक्षण उभरने से पहले शराब का सेवन किया था।
पीड़ितों में धुँधला दिखाई देना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली, उल्टी और सांस लेने में गंभीर कठिनाई जैसे लक्षण पाए गए — जो आमतौर पर मेथेनॉल विषाक्तता के लक्षणों से मेल खाते हैं। पुलिस के बयान के अनुसार, सभी मौतों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शराब के सेवन से संबंध प्रतीत होता है।
जाँच में जुटी पुलिस: साक्ष्य और चुनौतियाँ
जाँच के लिए एक बड़ी बाधा यह सामने आई है कि अधिकांश मामलों में पोस्टमार्टम नहीं हो सका, क्योंकि पुलिस को मौतों के पैटर्न की जानकारी मिलने से पहले ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस कारण फिलहाल जाँच उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड, शुरुआती पूछताछ और एकत्रित अन्य सूचनाओं के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने तुएनसांग टाउन और चेंदांग सैडल इलाके में व्यापक तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें विभिन्न स्थानों से लगभग 470 बोतल भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और बीयर के कैन जब्त किए गए। जाँच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब किस स्रोत से आई, उसकी प्रकृति क्या थी और इस त्रासदी के लिए किसकी जवाबदेही बनती है।
शराब विक्रेता के परिजन की मौत: अलग से जाँच
बयान के अनुसार, जिस परिवार के परिसर से कथित तौर पर मृतकों ने शराब खरीदी थी, उसी परिवार के एक सदस्य की फाँसी लगाकर मृत्यु हो गई। पुलिस इस मामले की अलग से जाँच कर रही है और इसे संभावित आत्महत्या का मामला माना जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया और सतर्कता
DGP रुपिन शर्मा ने राज्य पुलिस की ओर से रेड अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात, गैर-अधिकृत या संदिग्ध स्रोतों से प्राप्त किसी भी शराब का सेवन न करें। इसके साथ ही एक व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया है। गौरतलब है कि भारत में नकली या मिलावटी शराब से मौतों की यह कोई पहली घटना नहीं है — पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में भी इसी प्रकार की त्रासदियाँ सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या होगा
मौतों के वास्तविक कारण और शराब की प्रकृति की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक और फोरेंसिक जाँच जारी है, जिसमें विभिन्न संबंधित विभाग सहयोग कर रहे हैं। जब्त की गई शराब के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में गिरफ्तारी और आरोप तय किए जाने की संभावना है।