14 जुलाई 2026
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पुणे जहरीली शराब कांड: पिंपरी-चिंचवड में 12 से अधिक मौतें, 4 गिरफ्तार; परिवारों ने शराबबंदी की माँग उठाई

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पुणे जहरीली शराब कांड: पिंपरी-चिंचवड में 12 से अधिक मौतें, 4 गिरफ्तार; परिवारों ने शराबबंदी की माँग उठाई

सारांश

पुणे के पिंपरी-चिंचवड की फुगीवाड़ी बस्ती में जहरीली शराब ने 12 से अधिक जानें ली हैं। चार आरोपी गिरफ्तार, 8 जून तक हिरासत में। टूटे परिवार और बेसहारा बच्चे — स्थानीय लोग अब सरकार से शराबबंदी की माँग कर रहे हैं।

मुख्य बातें

पुणे के पिंपरी-चिंचवड इलाके में 29 मई 2026 को जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत हुई।
पुलिस ने योगेश वानखेड़े , राधेश्याम प्रजापति , मिरका सिंह और गुरु मंगल सिंह — चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सभी आरोपियों को पिंपरी कोर्ट ने 8 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा।
एक पीड़ित के पेट से करीब एक लीटर शराब निकाली गई; मुँह से झाग आना प्रमुख लक्षण रहा।
प्रभावित परिवारों और स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार से तत्काल शराबबंदी की माँग की।
जाँचकर्ता अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटे हैं।

पुणे के पिंपरी-चिंचवड इलाके में 29 मई 2026 को जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिससे फुगीवाड़ी बस्ती में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जहरीली शराब की आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश करने में जुटी है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय निवासी शराब पीने के बाद अचानक बीमार पड़ने लगे और एक के बाद एक मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़ितों में मुँह से झाग आने जैसे लक्षण देखे गए, जो जहरीली — संभवतः मेथनॉल-युक्त — शराब के सेवन के संकेत हैं। एक पीड़ित बाबा शेख के परिजन ने बताया कि अस्पताल में उनके पेट से करीब एक लीटर शराब निकाली गई, और डॉक्टरों ने शुरुआत में अन्य कारण बताए, जिससे परिवार भ्रम में रहा। अगले दिन उनके साथी अकबर पठान की भी हालत उसी तरह बिगड़ी, तब परिवारों को जहरीली शराब का शक हुआ।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति, मिरका सिंह और गुरु मंगल सिंह को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों को पिंपरी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 8 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जाँचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह जहरीली शराब कहाँ से आई, इसे किसने बनाया और इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।

परिवारों पर असर

इस त्रासदी ने फुगीवाड़ी की कई गरीब बस्तियों को तोड़ कर रख दिया है। जिन घरों में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, वहाँ अब सन्नाटा और मातम है। सबसे बड़ी चिंता उन छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर है जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक के एक परिजन ने कहा, 'इस दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है — प्रशासन को सिर्फ जाँच ही नहीं, बल्कि सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि इस तरह का धंधा हमेशा के लिए बंद हो सके।'

स्थानीय आवाज़ें और शराबबंदी की माँग

स्थानीय निवासी उषा साठे ने कहा, 'हमारी छोटी सी बस्ती में इतनी बड़ी त्रासदी हो गई है — सरकार ने यह होने दिया और इसे ऐसे ही छोड़ दिया। शराब सबका घर बर्बाद कर रही है, इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।' प्रभावित परिवारों ने राज्य सरकार से तत्काल शराबबंदी की माँग की है और अवैध शराब के धंधे पर स्थायी रोक लगाने की अपील की है।

पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध शराब के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। गौरतलब है कि देश में जहरीली शराब की घटनाएँ अक्सर गरीब और घनी आबादी वाले इलाकों में होती हैं, जहाँ सस्ती अवैध शराब की माँग अधिक होती है। पुलिस के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला की पूरी जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। मृतकों के परिवारों को मुआवज़े और पुनर्वास के मुद्दे पर अभी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दोहराई जाने वाली विफलता का हिस्सा है — महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में जहरीली शराब की घटनाएँ बार-बार होती हैं, गिरफ्तारियाँ होती हैं, और फिर वही ढाक के तीन पात। असली सवाल यह है कि अवैध शराब का यह नेटवर्क स्थानीय प्रशासन और पुलिस की नज़र में रहते हुए भी कैसे फलता-फूलता रहा। शराबबंदी की माँग भावनात्मक रूप से समझ में आती है, लेकिन अनुभव बताता है कि बिना कड़े प्रवर्तन और सामाजिक-आर्थिक विकल्पों के, प्रतिबंध अक्सर अवैध बाज़ार को और मज़बूत करता है। मुआवज़े और जवाबदेही — दोनों पर सरकार की चुप्पी अभी तक चिंताजनक है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुणे के पिंपरी-चिंचवड इलाके में 29 मई 2026 को जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत हुई। मृतकों में अधिकतर फुगीवाड़ी बस्ती के निवासी थे।
पुणे शराब कांड में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति, मिरका सिंह और गुरु मंगल सिंह — चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पिंपरी कोर्ट ने सभी को 8 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
जहरीली शराब पीने के क्या लक्षण थे?
पीड़ितों में शराब पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ना और मुँह से झाग आना प्रमुख लक्षण रहे। एक पीड़ित के पेट से अस्पताल में करीब एक लीटर शराब निकाली गई।
परिवारों और स्थानीय लोगों ने क्या माँग की है?
प्रभावित परिवारों और स्थानीय निवासियों ने राज्य सरकार से तत्काल शराबबंदी की माँग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को सिर्फ जाँच नहीं, बल्कि अवैध शराब के धंधे को स्थायी रूप से बंद करने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
पुलिस अब आगे क्या कर रही है?
जाँचकर्ता जहरीली शराब की पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश करने और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटे हैं। चार आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और पूछताछ जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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