पुणे जहरीली शराब कांड: पिंपरी-चिंचवड में 12 से अधिक मौतें, 4 गिरफ्तार; परिवारों ने शराबबंदी की माँग उठाई
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के पिंपरी-चिंचवड इलाके में 29 मई 2026 को जहरीली शराब पीने से 12 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिससे फुगीवाड़ी बस्ती में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जहरीली शराब की आपूर्ति श्रृंखला का पर्दाफाश करने में जुटी है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय निवासी शराब पीने के बाद अचानक बीमार पड़ने लगे और एक के बाद एक मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। पीड़ितों में मुँह से झाग आने जैसे लक्षण देखे गए, जो जहरीली — संभवतः मेथनॉल-युक्त — शराब के सेवन के संकेत हैं। एक पीड़ित बाबा शेख के परिजन ने बताया कि अस्पताल में उनके पेट से करीब एक लीटर शराब निकाली गई, और डॉक्टरों ने शुरुआत में अन्य कारण बताए, जिससे परिवार भ्रम में रहा। अगले दिन उनके साथी अकबर पठान की भी हालत उसी तरह बिगड़ी, तब परिवारों को जहरीली शराब का शक हुआ।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति, मिरका सिंह और गुरु मंगल सिंह को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों को पिंपरी कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 8 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जाँचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह जहरीली शराब कहाँ से आई, इसे किसने बनाया और इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
परिवारों पर असर
इस त्रासदी ने फुगीवाड़ी की कई गरीब बस्तियों को तोड़ कर रख दिया है। जिन घरों में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, वहाँ अब सन्नाटा और मातम है। सबसे बड़ी चिंता उन छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर है जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक के एक परिजन ने कहा, 'इस दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को पूरी तरह तोड़ दिया है — प्रशासन को सिर्फ जाँच ही नहीं, बल्कि सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि इस तरह का धंधा हमेशा के लिए बंद हो सके।'
स्थानीय आवाज़ें और शराबबंदी की माँग
स्थानीय निवासी उषा साठे ने कहा, 'हमारी छोटी सी बस्ती में इतनी बड़ी त्रासदी हो गई है — सरकार ने यह होने दिया और इसे ऐसे ही छोड़ दिया। शराब सबका घर बर्बाद कर रही है, इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।' प्रभावित परिवारों ने राज्य सरकार से तत्काल शराबबंदी की माँग की है और अवैध शराब के धंधे पर स्थायी रोक लगाने की अपील की है।
पृष्ठभूमि और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध शराब के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। गौरतलब है कि देश में जहरीली शराब की घटनाएँ अक्सर गरीब और घनी आबादी वाले इलाकों में होती हैं, जहाँ सस्ती अवैध शराब की माँग अधिक होती है। पुलिस के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला की पूरी जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। मृतकों के परिवारों को मुआवज़े और पुनर्वास के मुद्दे पर अभी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।