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पुणे जहरीली शराब कांड: 17-18 मौतें, मंत्री गिरीश महाजन बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

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पुणे जहरीली शराब कांड: 17-18 मौतें, मंत्री गिरीश महाजन बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

सारांश

पिंपरी-चिंचवड़ में मिथेनॉल मिली सस्ती शराब ने 17-18 मजदूरों की जान ले ली। सरकार ने CID जांच बिठाई, पुलिस और आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया और ₹5 लाख मुआवज़े का ऐलान किया — लेकिन विपक्ष का सवाल है: यह नेटवर्क फिर से कैसे जीवित हुआ?

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 17 से 18 लोगों की मौत हुई।
शुरुआती जांच में शराब में मिथेनॉल मिलावट की पुष्टि हुई है।
मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ₹5 लाख और नगर निगम की ओर से ₹1 लाख मुआवज़ा दिया जाएगा।
मामले की जांच CID को सौंपी गई; कई पुलिस और आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे महाराष्ट्र में अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान शुरू।
NCP (SP) नेता जितेंद्र आव्हाड ने सरकार पर निशाना साधते हुए अवैध शराब नेटवर्क की वापसी पर सवाल उठाए।

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 17 से 18 लोगों की मौत हो गई है, जिससे पूरा राज्य स्तब्ध है। 30 मई 2026 को इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जो भी इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मिथेनॉल मिलावट: कैसे बनी यह शराब जानलेवा

मंत्री महाजन ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि शराब में मिथेनॉल मिलाया गया था, जिसके कारण वह जानलेवा बन गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सस्ती कीमत पर उपलब्ध होने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोगों ने इसका सेवन किया, जिसके परिणामस्वरूप यह दर्दनाक हादसा हुआ। मिथेनॉल एक अत्यंत विषैला रसायन है जो थोड़ी मात्रा में भी अंधापन और मृत्यु का कारण बन सकता है।

पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा और राहत

मंत्री महाजन ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम की तरफ से ₹1 लाख की अलग सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय विधायक ने घोषणा की है कि जिन परिवारों ने अपना कमाऊ सदस्य खोया है, उनके एक सदस्य को नौकरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परिवार आर्थिक रूप से टूटे नहीं।

जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

महाजन ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है। जिन अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान यह लापरवाही हुई, उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है। कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। आबकारी विभाग के अधिकारी भी इस कार्रवाई से नहीं बचे हैं और कई को सस्पेंड किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री का अवैध शराब के खिलाफ अभियान

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूरे महाराष्ट्र में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में कहीं भी हाथभट्टी या अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी क्षेत्र में ऐसी गतिविधि पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी — चाहे वे कितने भी वरिष्ठ पद पर क्यों न हों।

विपक्ष का सरकार पर निशाना

इस घटना पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, 'यह महाराष्ट्र के लिए बहुत शर्मनाक बात है। मुझे याद है जब आर. आर. पाटिल गृह मंत्रालय संभाल रहे थे, तब भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। उन्होंने बहुत सख्त कदम उठाया था और उस दिन से मुंबई में शराब का सारा अवैध धंधा बंद हो गया था। वह सिस्टम बंद हो गया था, लेकिन अब यह सिस्टम फिर से शुरू हो गया है।' आव्हाड की यह टिप्पणी इस ओर इशारा करती है कि अवैध शराब नेटवर्क पर नियंत्रण ढीला पड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में पहले भी कई बार जहरीली शराब से मौतें हो चुकी हैं, और हर बार सख्त कार्रवाई के वादे किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मजदूर पीड़ित, मुआवज़े की घोषणा और कार्रवाई के वादे। सवाल यह है कि जब हर बार सख्ती का दावा होता है, तो मिथेनॉल मिली सस्ती शराब का यह नेटवर्क बार-बार सक्रिय कैसे हो जाता है। आव्हाड का आर. आर. पाटिल वाला संदर्भ महत्वपूर्ण है — उस दौर में व्यवस्थागत बदलाव हुआ था, न केवल व्यक्तिगत निलंबन। असली परीक्षा यह है कि क्या CID जांच केवल निचले स्तर के दोषियों तक सीमित रहेगी, या उस पूरी आपूर्ति श्रृंखला को उजागर करेगी जो मजदूर बस्तियों तक जहर पहुँचाती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से अब तक 17 से 18 लोगों की मौत की बात सामने आई है। मृतकों में अधिकांश मजदूर वर्ग के लोग बताए जा रहे हैं जिन्होंने सस्ती कीमत पर उपलब्ध शराब का सेवन किया।
पुणे की जहरीली शराब इतनी खतरनाक क्यों थी?
शुरुआती जांच के अनुसार शराब में मिथेनॉल मिलाया गया था, जो एक अत्यंत विषैला रसायन है। मिथेनॉल थोड़ी मात्रा में भी अंधापन और मृत्यु का कारण बन सकता है, और यही इस हादसे में इतनी मौतों का कारण बना।
पीड़ित परिवारों को क्या मुआवज़ा मिलेगा?
मंत्री गिरीश महाजन के अनुसार मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से ₹5 लाख और नगर निगम की ओर से ₹1 लाख अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा स्थानीय विधायक ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का प्रयास करने की भी घोषणा की है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है और क्या कार्रवाई हुई है?
पूरे मामले की जांच CID को सौंपी गई है। लापरवाही के लिए जिम्मेदार कई पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
विपक्ष ने इस घटना पर क्या कहा?
NCP (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने इसे महाराष्ट्र के लिए शर्मनाक बताया और कहा कि पूर्व गृह मंत्री आर. आर. पाटिल के कार्यकाल में ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। उनका आरोप है कि वह अवैध शराब का तंत्र अब फिर से सक्रिय हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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