पुणे जहरीली शराब कांड: 17-18 मौतें, मंत्री गिरीश महाजन बोले — दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से 17 से 18 लोगों की मौत हो गई है, जिससे पूरा राज्य स्तब्ध है। 30 मई 2026 को इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और जो भी इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मिथेनॉल मिलावट: कैसे बनी यह शराब जानलेवा
मंत्री महाजन ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि शराब में मिथेनॉल मिलाया गया था, जिसके कारण वह जानलेवा बन गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सस्ती कीमत पर उपलब्ध होने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोगों ने इसका सेवन किया, जिसके परिणामस्वरूप यह दर्दनाक हादसा हुआ। मिथेनॉल एक अत्यंत विषैला रसायन है जो थोड़ी मात्रा में भी अंधापन और मृत्यु का कारण बन सकता है।
पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा और राहत
मंत्री महाजन ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम की तरफ से ₹1 लाख की अलग सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय विधायक ने घोषणा की है कि जिन परिवारों ने अपना कमाऊ सदस्य खोया है, उनके एक सदस्य को नौकरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परिवार आर्थिक रूप से टूटे नहीं।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
महाजन ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है। जिन अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान यह लापरवाही हुई, उनके खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है। कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। आबकारी विभाग के अधिकारी भी इस कार्रवाई से नहीं बचे हैं और कई को सस्पेंड किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री का अवैध शराब के खिलाफ अभियान
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पूरे महाराष्ट्र में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में कहीं भी हाथभट्टी या अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी क्षेत्र में ऐसी गतिविधि पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी — चाहे वे कितने भी वरिष्ठ पद पर क्यों न हों।
विपक्ष का सरकार पर निशाना
इस घटना पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, 'यह महाराष्ट्र के लिए बहुत शर्मनाक बात है। मुझे याद है जब आर. आर. पाटिल गृह मंत्रालय संभाल रहे थे, तब भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। उन्होंने बहुत सख्त कदम उठाया था और उस दिन से मुंबई में शराब का सारा अवैध धंधा बंद हो गया था। वह सिस्टम बंद हो गया था, लेकिन अब यह सिस्टम फिर से शुरू हो गया है।' आव्हाड की यह टिप्पणी इस ओर इशारा करती है कि अवैध शराब नेटवर्क पर नियंत्रण ढीला पड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में पहले भी कई बार जहरीली शराब से मौतें हो चुकी हैं, और हर बार सख्त कार्रवाई के वादे किए गए हैं।