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पुणे जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन तक पहुंची CID जांच, 10 विशेष टीमें सक्रिय

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पुणे जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन तक पहुंची CID जांच, 10 विशेष टीमें सक्रिय

सारांश

पुणे की जहरीली शराब त्रासदी अब एक हादसा नहीं, एक संगठित आपूर्ति नेटवर्क की कहानी बनती जा रही है। CID की 10 टीमें मेथनॉल की सप्लाई चेन खंगाल रही हैं, दो सप्लायर पहचाने जा चुके हैं, और दापोडी-हडपसर के बाद ठाणे तक तार जुड़ चुके हैं — जांच का दायरा हर दिन बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

26-28 मई के बीच दापोडी और हडपसर इलाकों में हाथभट्टी शराब पीने से कई मौतें।
CID महाराष्ट्र ने जांच के लिए 10 विशेष टीमें गठित कीं।
दापोडी मामले में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार; उत्पादन शुल्क विभाग ने 3 और पकड़े — आकाश जाधव, इरफान कुरैशी, आर्यन धोत्रे।
मेथनॉल आपूर्ति करने वाले 2 संदिग्धों की पहचान, पूछताछ जारी।
शराब के नमूने और CCTV फुटेज पुणे FSL भेजे गए; मोबाइल फोन का डिजिटल विश्लेषण जारी।
FDA ठाणे ने नारपोली थाने में जुड़ा हुआ अलग केस दर्ज किया।

पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में हाथभट्टी की जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले की जांच अब मेथनॉल सप्लाई चेन तक पहुंच गई है। अपराध अन्वेषण विभाग (CID), महाराष्ट्र ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए 10 विशेष जांच टीमें गठित की हैं, और जहरीली शराब बनाने के लिए मेथनॉल की आपूर्ति करने वाले दो संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनसे पूछताछ जारी है।

कब और कहां हुई घटना

पुलिस के अनुसार, 26 मई से 28 मई के बीच दापोडी और हडपसर पुलिस थाना क्षेत्रों में जहरीली हाथभट्टी शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई। इस सिलसिले में 29 मई को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। दापोडी पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं तथा महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

10 टीमें, अलग-अलग पहलुओं पर पड़ताल

दोनों मामलों की जांच अपराध अन्वेषण विभाग, महाराष्ट्र राज्य, पुणे को सौंप दी गई है। कुल 10 टीमें गठित की गई हैं जो आपूर्ति श्रृंखला, वितरण नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और तकनीकी साक्ष्य जैसे अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। दापोडी प्रकरण में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सभी को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उत्पादन शुल्क विभाग की समानांतर कार्रवाई

राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों — आकाश जाधव (हडपसर), इरफान निसार कुरैशी (पवार वस्ती, दापोडी) और आर्यन संजय धोत्रे (गोखलेनगर) — को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को आगे की जांच के लिए CID के मामलों में भी गिरफ्तार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अतिरिक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के ठाणे विभाग ने इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में ठाणे शहर के नारपोली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है, जिसके आरोपियों को भी CID जांच से जोड़ने की कार्रवाई हो रही है।

फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य

अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न घटनास्थलों से CCTV फुटेज, शराब के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक परीक्षण के लिए पुणे स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है ताकि कॉल रिकॉर्ड और संदेशों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खाका तैयार किया जा सके।

आगे की दिशा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मेथनॉल आपूर्ति करने वाले दो संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और उनसे पूछताछ कर सप्लाई चेन तथा अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाथभट्टी की अवैध शराब से होने वाली मौतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, और मेथनॉल मिलावट इसका सबसे घातक कारण मानी जाती है। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल विश्लेषण के नतीजे ही जांच की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि औद्योगिक रसायन — मेथनॉल — की संगठित तस्करी पर टिकी है। महाराष्ट्र में दारूबंदी अधिनियम दशकों पुराना है, लेकिन मेथनॉल जैसे डायवर्टेड इंडस्ट्रियल केमिकल पर निगरानी का ढाँचा आज भी कमज़ोर है। CID की 10 टीमें और FSL रिपोर्ट तभी सार्थक होंगी जब जांच आपूर्तिकर्ता से आगे बढ़कर उन उद्योगों और लाइसेंसी डीलरों तक पहुंचे जहां से मेथनॉल निकलकर हाथभट्टियों में पहुंचा। वरना यह भी पिछली त्रासदियों की तरह गिरफ्तारियों के आँकड़ों में सिमट कर रह जाएगी।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में अब तक क्या हुआ है?
26 से 28 मई के बीच दापोडी और हडपसर पुलिस थाना क्षेत्रों में हाथभट्टी की जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई, जिसके बाद 29 मई को दो मामले दर्ज किए गए। मामले की जांच CID महाराष्ट्र को सौंपी गई है और अब तक दापोडी प्रकरण में छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
CID ने 10 टीमें क्यों गठित की हैं?
मामले की व्यापकता और मेथनॉल आपूर्ति श्रृंखला की जटिलता को देखते हुए CID ने 10 विशेष जांच टीमें बनाई हैं। ये टीमें सप्लाई चेन, वितरण नेटवर्क, फॉरेंसिक साक्ष्य और डिजिटल विश्लेषण जैसे अलग-अलग पहलुओं पर समानांतर रूप से काम कर रही हैं।
मेथनॉल सप्लाई चेन में कौन शामिल पाया गया है?
जांच एजेंसियों के अनुसार, जहरीली शराब बनाने के लिए मेथनॉल की आपूर्ति करने वाले दो संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनसे पूछताछ चल रही है। पूछताछ के आधार पर सप्लाई चेन के अन्य संभावित आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्पादन शुल्क विभाग ने किन्हें गिरफ्तार किया है?
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने तीन आरोपियों — आकाश जाधव (हडपसर), इरफान निसार कुरैशी (पवार वस्ती, दापोडी) और आर्यन संजय धोत्रे (गोखलेनगर) — को गिरफ्तार किया है। इन्हें CID के मामलों में भी गिरफ्तार करने की प्रक्रिया चल रही है।
फॉरेंसिक जांच में क्या-क्या भेजा गया है?
घटनास्थलों से जब्त शराब के नमूने, CCTV फुटेज और अन्य भौतिक साक्ष्य पुणे स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे गए हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर उनका डिजिटल विश्लेषण किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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