पुणे जहरीली शराब कांड: हडपसर में 12 की मौत, एक परिवार के 3 सदस्य शामिल; CM फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के हडपसर इलाके के पांढरे माला क्षेत्र में 28-29 मई 2026 को कथित जहरीली शराब पीने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य — अरुण, राहुल और यशवंत — भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
28 मई को पहले दो लोगों की मौत हुई, इसके बाद 29 मई को मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। स्थानीय निवासी सुनंदा साबले के अनुसार, शराब पीने के करीब 10 मिनट के भीतर ही पीड़ितों को उल्टी और पेट दर्द शुरू हो गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अभी भी कुछ लोग अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।
साबले ने कहा, 'मरने वाले कई लोग एक बस्ती के रहने वाले थे। इनमें से तीन लोग एक ही घर के थे। शराब पीने के करीब 10 मिनट बाद ही उन्हें उल्टी और पेट दर्द शुरू हो गया था।'
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों को मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। दोनों शहरों की पुलिस को संयुक्त जांच के निर्देश दिए गए हैं और स्पष्ट कहा गया है कि किसी को भी बख्शा न जाए।
सांसद श्रीरंग बारणे ने कहा कि जानकारी सामने आई है कि शराब में मिलावट की गई थी। उन्होंने अधिकारियों से कठोर कार्रवाई की माँग की और लोगों से अपील की कि सस्ती शराब के चक्कर में जान जोखिम में न डालें।
गिरफ्तारी और छापेमारी
अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संबंधित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है। आबकारी विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारी मौतों के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।
आम जनता पर असर और स्थानीय माँग
इलाके की महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। एक स्थानीय महिला ने कहा, 'दारू बंद होनी चाहिए। शराब की वजह से घरों में रोज झगड़े होते हैं। छोटे-छोटे बच्चे हैं, लेकिन लोग लगातार शराब पीते रहते हैं। हमारी माँग है कि शराब पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।' साबले ने भी कहा कि 'हाथ भट्टी की शराब बंद होनी चाहिए।'
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में यह पहली बार नहीं है जब अवैध या मिलावटी शराब ने इतनी बड़ी संख्या में जानें ली हों। यह घटना उस व्यापक समस्या को फिर उजागर करती है जहाँ गरीब बस्तियों में सस्ती और अवैध शराब का प्रचलन जानलेवा साबित होता रहा है।
क्या होगा आगे
जांच एजेंसियाँ शराब के नमूनों की फॉरेंसिक जांच करा रही हैं ताकि मिलावट की प्रकृति स्पष्ट हो सके। आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।