14 जुलाई 2026
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पुणे जहरीली शराब कांड: हडपसर में 12 की मौत, एक परिवार के 3 सदस्य शामिल; CM फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

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पुणे जहरीली शराब कांड: हडपसर में 12 की मौत, एक परिवार के 3 सदस्य शामिल; CM फडणवीस ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

सारांश

पुणे के हडपसर इलाके में कथित मिलावटी शराब ने 12 जिंदगियाँ लील लीं — जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। CM फडणवीस के आदेश पर 8 गिरफ्तार, संयुक्त जांच जारी। यह घटना महाराष्ट्र में अवैध शराब की पुरानी और जानलेवा समस्या को एक बार फिर सामने लाती है।

मुख्य बातें

पुणे के हडपसर स्थित पांढरे माला क्षेत्र में 28-29 मई 2026 को कथित जहरीली शराब पीने से कम से कम 12 लोगों की मौत हुई।
मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य — अरुण, राहुल और यशवंत — शामिल हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्तों को संयुक्त जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।
अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है; संबंधित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
आबकारी विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है; फॉरेंसिक जांच से मिलावट की प्रकृति स्पष्ट होगी।
सांसद श्रीरंग बारणे ने शराब में मिलावट की पुष्टि करते हुए कठोर कार्रवाई की माँग की।

पुणे के हडपसर इलाके के पांढरे माला क्षेत्र में 28-29 मई 2026 को कथित जहरीली शराब पीने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य — अरुण, राहुल और यशवंत — भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

28 मई को पहले दो लोगों की मौत हुई, इसके बाद 29 मई को मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई। स्थानीय निवासी सुनंदा साबले के अनुसार, शराब पीने के करीब 10 मिनट के भीतर ही पीड़ितों को उल्टी और पेट दर्द शुरू हो गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अभी भी कुछ लोग अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।

साबले ने कहा, 'मरने वाले कई लोग एक बस्ती के रहने वाले थे। इनमें से तीन लोग एक ही घर के थे। शराब पीने के करीब 10 मिनट बाद ही उन्हें उल्टी और पेट दर्द शुरू हो गया था।'

सरकार की प्रतिक्रिया

गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों को मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। दोनों शहरों की पुलिस को संयुक्त जांच के निर्देश दिए गए हैं और स्पष्ट कहा गया है कि किसी को भी बख्शा न जाए।

सांसद श्रीरंग बारणे ने कहा कि जानकारी सामने आई है कि शराब में मिलावट की गई थी। उन्होंने अधिकारियों से कठोर कार्रवाई की माँग की और लोगों से अपील की कि सस्ती शराब के चक्कर में जान जोखिम में न डालें।

गिरफ्तारी और छापेमारी

अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संबंधित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है। आबकारी विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारी मौतों के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।

आम जनता पर असर और स्थानीय माँग

इलाके की महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। एक स्थानीय महिला ने कहा, 'दारू बंद होनी चाहिए। शराब की वजह से घरों में रोज झगड़े होते हैं। छोटे-छोटे बच्चे हैं, लेकिन लोग लगातार शराब पीते रहते हैं। हमारी माँग है कि शराब पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।' साबले ने भी कहा कि 'हाथ भट्टी की शराब बंद होनी चाहिए।'

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में यह पहली बार नहीं है जब अवैध या मिलावटी शराब ने इतनी बड़ी संख्या में जानें ली हों। यह घटना उस व्यापक समस्या को फिर उजागर करती है जहाँ गरीब बस्तियों में सस्ती और अवैध शराब का प्रचलन जानलेवा साबित होता रहा है।

क्या होगा आगे

जांच एजेंसियाँ शराब के नमूनों की फॉरेंसिक जांच करा रही हैं ताकि मिलावट की प्रकृति स्पष्ट हो सके। आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार प्रशासनिक आश्वासनों के बाद भी यह दोहराता रहा है। असली सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध शराब का उत्पादन और वितरण बिना स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग की जानकारी के कैसे चलता रहा। गिरफ्तारियाँ और छापेमारी तात्कालिक राहत हैं, लेकिन जब तक जवाबदेही तंत्र में संरचनात्मक सुधार नहीं होता, अगली त्रासदी महज समय की बात है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुणे के हडपसर इलाके के पांढरे माला क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य — अरुण, राहुल और यशवंत — शामिल हैं।
पुणे शराब कांड में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुणे और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस संयुक्त जांच कर रही है और आबकारी विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है।
शराब पीने के बाद पीड़ितों को क्या लक्षण हुए?
स्थानीय निवासी सुनंदा साबले के अनुसार, शराब पीने के करीब 10 मिनट के भीतर ही पीड़ितों को उल्टी और पेट दर्द शुरू हो गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
CM देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के पुलिस आयुक्तों को मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी को भी बख्शा न जाए।
पुणे शराब त्रासदी में शराब में मिलावट की बात किसने कही?
सांसद श्रीरंग बारणे ने कहा कि जानकारी सामने आई है कि शराब में मिलावट की गई थी। उन्होंने अधिकारियों से कठोर कार्रवाई की माँग की और लोगों से अपील की कि सस्ती शराब के चक्कर में जान जोखिम में न डालें।
राष्ट्र प्रेस
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