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पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड: शिवसेना (UBT) ने मांगी सख्त कार्रवाई, 15 से अधिक गिरफ्तार

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पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड: शिवसेना (UBT) ने मांगी सख्त कार्रवाई, 15 से अधिक गिरफ्तार

सारांश

पुणे के पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब से हुई मौतों ने महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर दिया। शिवसेना (UBT) के आनंद दुबे ने ₹20 में बिकने वाली अवैध पाउच शराब पर पूर्ण प्रतिबंध और व्यापक अभियान की माँग की, जबकि सरकार ने 15 से अधिक गिरफ्तारियाँ और फास्ट ट्रैक सुनवाई का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

पुणे के पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब पीने से 15 से 20 लोगों की मौत की खबर; सटीक संख्या की पुष्टि अभी बाकी है।
शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने ₹20 में बिकने वाली अवैध पाउच शराब पर तत्काल प्रतिबंध और व्यापक अभियान की माँग की।
अब तक 15 से अधिक आरोपी गिरफ्तार; कुछ पुलिसकर्मी निलंबित ।
मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की घोषणा — शीघ्र सजा का आश्वासन।
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया का बचाव किया; जाँच जारी।

पुणे के पिंपरी-चिंचवड इलाके में जहरीली शराब पीने से हुई कई मौतों ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने 31 मई को राज्य सरकार से अवैध शराब कारोबार पर तत्काल और व्यापक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत किए बिना ऐसी त्रासदियाँ नहीं रोकी जा सकतीं। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आँकड़े सामने आ रहे हैं — कुछ सूत्र 15, तो कुछ 18 से 20 मौतें बता रहे हैं — जबकि कई पीड़ित अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

मुख्य घटनाक्रम

दुबे के अनुसार, इस हादसे की जड़ में ₹20 में बिकने वाले पाउच वाली अवैध और जहरीली शराब का खुलेआम कारोबार है। उन्होंने कहा कि जब तक इस तरह की सस्ती अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाती, तब तक इस तरह की घटनाएँ दोहराती रहेंगी। उनके अनुसार, अपराधियों में कानून का भय पैदा करना अब नितांत आवश्यक है।

सरकार की प्रतिक्रिया

शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने घटना को 'बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है। वाघमारे ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा, ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।

विपक्ष की माँग और आरोप

आनंद दुबे ने आरोप लगाया कि अपराधी बेखौफ होकर अवैध शराब का धंधा चला रहे हैं और प्रशासन की सख्ती अपर्याप्त रही है। उन्होंने अन्य राज्यों में अपराधियों पर की जाने वाली कठोर कार्रवाई का हवाला देते हुए महाराष्ट्र में भी उसी तरह के कदम उठाने की माँग की। दुबे ने जोर देकर कहा कि यह त्रासदी केवल मौतों तक सीमित नहीं है — इससे प्रभावित परिवारों का जीवन भी पूरी तरह तबाह हो गया है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान पहले से चर्चा में थे। गौरतलब है कि राज्य में इस तरह की घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं, और हर बार राजनीतिक वादों के बावजूद अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग पाई। दुबे के अनुसार, सिर्फ गिरफ्तारियाँ नहीं, बल्कि एक व्यापक अभियान की जरूरत है जो इस कारोबार को जड़ से खत्म करे।

क्या होगा आगे

वाघमारे ने आश्वासन दिया कि जाँच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई से मामले में त्वरित न्याय की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य सरकार पर दबाव है कि वह अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस और दीर्घकालिक नीतिगत कदम उठाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹20 की पाउच शराब इतने खुलेआम कैसे बिकती रही — और किसकी मिलीभगत से। फास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा तब तक अधूरा है जब तक आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने का कोई ठोस तंत्र नहीं बनता। मृतकों की संख्या को लेकर सरकारी और गैर-सरकारी आँकड़ों में अंतर खुद बताता है कि पारदर्शिता अभी भी एक चुनौती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड में कितनी मौतें हुई हैं?
अलग-अलग सूत्रों से आ रहे आँकड़ों के अनुसार मृतकों की संख्या 15 से 20 के बीच बताई जा रही है, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कई पीड़ित अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
शिवसेना (UBT) ने इस मामले में क्या माँग की है?
शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने ₹20 में बिकने वाली अवैध पाउच शराब पर तत्काल और पूर्ण प्रतिबंध की माँग की है। उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारियाँ नहीं, बल्कि एक व्यापक अभियान चाहिए जो इस कारोबार को जड़ से खत्म करे।
सरकार ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे के अनुसार अब तक 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। सरकार ने मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की भी घोषणा की है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में यह मामला क्यों भेजा जाएगा?
सरकार का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई से दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सकेगी। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना चाहती है।
महाराष्ट्र में अवैध शराब का यह कारोबार कैसे चल रहा था?
आनंद दुबे के अनुसार, अपराधी बेखौफ होकर अवैध शराब का धंधा चला रहे थे और प्रशासनिक निगरानी में चूक रही। ₹20 में बिकने वाले पाउच शराब की खुलेआम बिक्री इस बात का प्रमाण है कि निगरानी तंत्र में गंभीर खामियाँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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