पुणे जहरीली शराब कांड: अवैध विक्रेता राहुल क्षीरसागर समेत 13 से अधिक की मौत, 3 पुलिस अधिकारी निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पुणे के हडपसर इलाके में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 13 से अधिक हो गई है — और अब इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ यह आया है कि खुद अवैध शराब विक्रेता राहुल क्षीरसागर की भी उसी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई। 13 मई को हडपसर पुलिस स्टेशन में क्षीरसागर के खिलाफ अवैध शराब बिक्री का मामला दर्ज किया गया था। यह त्रासदी पांढरे माला क्षेत्र में हुई, जहाँ शराब पीने के कुछ ही घंटों में लोग उल्टी और पेट दर्द से तड़पने लगे और अस्पतालों में भर्ती होने लगे।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जहरीली शराब पीने के तुरंत बाद पीड़ितों की तबीयत बिगड़ी। उल्टी, पेट दर्द और बेहोशी के बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ एक के बाद एक मौतें हुईं। जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने अवैध रूप से देसी शराब तैयार कर उसमें विषैले रसायन मिलाए और सुनियोजित तरीके से उसका वितरण किया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि यह शराब जानलेवा हो सकती है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
पुणे पुलिस प्रशासन ने इस मामले में हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी शामिल हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और निगरानी में गंभीर चूक के कारण यह हादसा हुआ। अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और संबंधित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्तों को संयुक्त जाँच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। आबकारी विभाग को भी जाँच टीम में शामिल किया गया है।
जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया
सांसद श्रीरंग बारणे ने कहा कि जाँच में शराब में मिलावट की पुष्टि हुई है। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर कठोर कार्रवाई की माँग की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बारणे ने आम जनता से अपील की कि 'सस्ती शराब के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।'
आगे क्या होगा
अधिकारी मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जाँच जारी रखे हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान की माँग पहले से उठ रही थी। गौरतलब है कि यह राज्य में हाल के वर्षों में जहरीली शराब से जुड़ी एक और बड़ी त्रासदी है, जो प्रवर्तन तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर करती है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और विभागीय जाँच की संभावना है।