15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे जहरीली शराब कांड: अवैध विक्रेता राहुल क्षीरसागर समेत 13 से अधिक की मौत, 3 पुलिस अधिकारी निलंबित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे जहरीली शराब कांड: अवैध विक्रेता राहुल क्षीरसागर समेत 13 से अधिक की मौत, 3 पुलिस अधिकारी निलंबित

सारांश

पुणे के हडपसर में जहरीली शराब कांड में खुद अवैध विक्रेता राहुल क्षीरसागर की भी मौत हो गई — वही शराब जो उसने बेची। 13 से अधिक जानें जा चुकी हैं, 3 पुलिस अधिकारी निलंबित हैं और 8 गिरफ्तार। यह कांड महाराष्ट्र के अवैध शराब तंत्र और पुलिस निगरानी की विफलता का आईना है।

मुख्य बातें

पुणे के हडपसर के पांढरे माला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 13 से अधिक लोगों की मौत।
अवैध शराब विक्रेता राहुल क्षीरसागर की भी उसी जहरीली शराब से मौत; उनके खिलाफ 13 मई को हडपसर थाने में मामला दर्ज था।
पुणे पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले , सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी को निलंबित किया।
अब तक 8 लोग गिरफ्तार ; आबकारी विभाग भी जाँच में शामिल।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्तों को संयुक्त जाँच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

महाराष्ट्र के पुणे के हडपसर इलाके में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 13 से अधिक हो गई है — और अब इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ यह आया है कि खुद अवैध शराब विक्रेता राहुल क्षीरसागर की भी उसी जहरीली शराब के सेवन से मौत हो गई। 13 मई को हडपसर पुलिस स्टेशन में क्षीरसागर के खिलाफ अवैध शराब बिक्री का मामला दर्ज किया गया था। यह त्रासदी पांढरे माला क्षेत्र में हुई, जहाँ शराब पीने के कुछ ही घंटों में लोग उल्टी और पेट दर्द से तड़पने लगे और अस्पतालों में भर्ती होने लगे।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय निवासियों के अनुसार, जहरीली शराब पीने के तुरंत बाद पीड़ितों की तबीयत बिगड़ी। उल्टी, पेट दर्द और बेहोशी के बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ एक के बाद एक मौतें हुईं। जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने अवैध रूप से देसी शराब तैयार कर उसमें विषैले रसायन मिलाए और सुनियोजित तरीके से उसका वितरण किया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि यह शराब जानलेवा हो सकती है।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

पुणे पुलिस प्रशासन ने इस मामले में हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी शामिल हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और निगरानी में गंभीर चूक के कारण यह हादसा हुआ। अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और संबंधित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्तों को संयुक्त जाँच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। आबकारी विभाग को भी जाँच टीम में शामिल किया गया है।

जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया

सांसद श्रीरंग बारणे ने कहा कि जाँच में शराब में मिलावट की पुष्टि हुई है। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर कठोर कार्रवाई की माँग की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बारणे ने आम जनता से अपील की कि 'सस्ती शराब के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।'

आगे क्या होगा

अधिकारी मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जाँच जारी रखे हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान की माँग पहले से उठ रही थी। गौरतलब है कि यह राज्य में हाल के वर्षों में जहरीली शराब से जुड़ी एक और बड़ी त्रासदी है, जो प्रवर्तन तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर करती है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और विभागीय जाँच की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस अनियंत्रित अवैध शराब तंत्र का प्रमाण है जिसमें आपूर्ति श्रृंखला का हर स्तर खतरे में है। तीन पुलिस अधिकारियों का निलंबन स्वीकारोक्ति है कि निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल रहा — लेकिन सवाल यह है कि क्या यह जवाबदेही असली है या केवल दबाव में उठाया गया कदम। महाराष्ट्र में जहरीली शराब की यह पहली त्रासदी नहीं है; हर बार गिरफ्तारियाँ होती हैं, निलंबन होते हैं, और फिर तंत्र वापस वहीं लौट जाता है। जब तक अवैध शराब नेटवर्क की जड़ों — आपूर्तिकर्ताओं, भ्रष्ट मध्यस्थों और राजनीतिक संरक्षण — पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसी खबरें आती रहेंगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुणे के हडपसर इलाके के पांढरे माला क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 13 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में खुद अवैध शराब विक्रेता राहुल क्षीरसागर भी शामिल हैं।
राहुल क्षीरसागर कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
राहुल क्षीरसागर पुणे के हडपसर इलाके में अवैध शराब बेचने वाले विक्रेता थे। 13 मई को उनके खिलाफ हडपसर पुलिस स्टेशन में शराब बिक्री का मामला दर्ज किया गया था, और बाद में उनकी मौत भी उसी जहरीली शराब के सेवन से हुई जो वे बेच रहे थे।
पुणे जहरीली शराब मामले में कौन से पुलिस अधिकारी निलंबित हुए?
पुणे पुलिस प्रशासन ने हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन अधिकारियों — वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी — को निलंबित किया है। इन पर लापरवाही और निगरानी में गंभीर चूक का आरोप है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्तों को संयुक्त जाँच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आबकारी विभाग को भी जाँच में शामिल किया गया है।
जहरीली शराब से लोगों की तबीयत कैसे बिगड़ी?
स्थानीय लोगों के अनुसार, शराब पीने के कुछ ही देर बाद पीड़ितों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। जाँच में सामने आया कि अवैध शराब में विषैले रसायन मिलाए गए थे, जिसके बाद पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया जहाँ कई की मौत हो गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले