14 जुलाई 2026
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पुणे जहरीली शराब कांड: हडपसर थाने के 3 पुलिस अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

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पुणे जहरीली शराब कांड: हडपसर थाने के 3 पुलिस अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

सारांश

पुणे में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद हडपसर थाने के तीन अधिकारी निलंबित — वरिष्ठ निरीक्षक से लेकर उपनिरीक्षक तक। लापरवाही और निगरानी की विफलता पर विभागीय जांच शुरू, लेकिन असली सवाल यह है कि अवैध शराब नेटवर्क इतने समय तक कैसे चलता रहा।

मुख्य बातें

पुणे पुलिस ने 29 मई 2026 को हडपसर थाने के 3 अधिकारियों को निलंबित किया।
निलंबित अधिकारी: वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले , सहायक निरीक्षक हसीना सिकलगार और उपनिरीक्षक हसन मुलाणी ।
अपराध क्रमांक 379/2026 भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम 1949 की कई धाराओं के तहत दर्ज।
आरोपियों ने जानबूझकर विषैले रसायन मिली शराब का परिवहन और वितरण किया।
निलंबित अधिकारियों को प्रतिदिन पुणे पुलिस नियंत्रण कक्ष में हाजिरी देना अनिवार्य।
निलंबन विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।

पुणे और पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुणे पुलिस प्रशासन ने 29 मई 2026 को कड़ी कार्रवाई करते हुए हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने इन अधिकारियों पर लापरवाही, कर्तव्य में निष्क्रियता और पर्यवेक्षण में गंभीर चूक का आरोप लगाया है।

निलंबित अधिकारी कौन हैं

निलंबित किए गए तीन अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी शामिल हैं। तीनों हडपसर पुलिस स्टेशन और उससे संबद्ध अपराध जांच तंत्र में तैनात थे। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस (शिक्षा एवं अपील) नियम 1956 तथा मुंबई पुलिस अधिनियम 1951 के तहत की गई है।

मामले का विवरण

29 मई को हडपसर थाने में अपराध क्रमांक 379/2026 दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 123, 125, 275 और 3(5) के साथ-साथ महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम 1949 की धारा 65 (ई), 68, 81 और 83 के तहत दर्ज है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जानबूझकर जहरीली देसी शराब में विषैले रसायन मिलाकर उसका परिवहन और वितरण किया — यह जानते हुए भी कि इसके सेवन से जानें जा सकती हैं।

पुलिस विभाग की जवाबदेही

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारियों की निगरानी में गंभीर कमी के चलते यह त्रासदी हुई। रिपोर्टों के अनुसार, मामला सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में उजागर होने के बाद पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा और व्यवस्था की कार्यक्षमता पर सवाल उठे। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में अवैध शराब के खिलाफ अभियान पहले से ही चर्चा में है।

निलंबन की शर्तें

निलंबन काल में तीनों अधिकारियों को महाराष्ट्र नागरी सेवा नियम 1981 के तहत निर्वाह भत्ता मिलेगा। शहर भत्ता, घरभाड़ा भत्ता और महंगाई भत्ते जैसी सुविधाएं भी नियमानुसार जारी रहेंगी। हालांकि, इन अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें प्रतिदिन पुणे शहर पुलिस नियंत्रण कक्ष में अनिवार्य रूप से हाजिरी देनी होगी।

आगे क्या होगा

यह निलंबन प्रस्तावित प्राथमिक और विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि जहरीली शराब कांडों में पुलिस की मिलीभगत या लापरवाही के आरोप महाराष्ट्र में नए नहीं हैं — विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक जड़ स्तर पर अवैध शराब नेटवर्क को तोड़ा नहीं जाता, केवल निलंबन से स्थायी समाधान नहीं निकलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। महाराष्ट्र में जहरीली शराब की त्रासदियाँ बार-बार होती हैं और हर बार कुछ अधिकारी निलंबित होते हैं, जांच शुरू होती है — फिर मामला ठंडा पड़ जाता है। असली सवाल यह है कि हडपसर जैसे घनी आबादी वाले इलाके में अवैध शराब का नेटवर्क इतने समय तक बिना किसी खुफिया सूचना या कार्रवाई के कैसे चलता रहा। जब तक जांच केवल 'लापरवाही' तक सीमित रहती है और आपूर्ति श्रृंखला की जड़ों तक नहीं पहुंचती, यह कार्रवाई प्रशासनिक खानापूर्ति से अधिक नहीं होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कौन-से पुलिस अधिकारी निलंबित हुए?
हडपसर थाने के तीन अधिकारी — वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी — को 29 मई 2026 को निलंबित किया गया। इन पर लापरवाही और निगरानी में गंभीर चूक का आरोप है।
पुणे जहरीली शराब मामले में क्या आरोप दर्ज हुए हैं?
अपराध क्रमांक 379/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 123, 125, 275 और 3(5) तथा महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम 1949 की धारा 65 (ई), 68, 81 और 83 के तहत दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने जानबूझकर विषैले रसायन मिली देसी शराब बेची।
निलंबित अधिकारियों को निलंबन काल में क्या सुविधाएं मिलेंगी?
महाराष्ट्र नागरी सेवा नियम 1981 के तहत उन्हें निर्वाह भत्ता मिलेगा। शहर भत्ता, घरभाड़ा भत्ता और महंगाई भत्ते जैसी सुविधाएं भी नियमानुसार जारी रहेंगी, लेकिन उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
यह निलंबन कब तक प्रभावी रहेगा?
यह निलंबन प्रस्तावित प्राथमिक और विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। जांच के दौरान तीनों अधिकारियों को प्रतिदिन पुणे पुलिस नियंत्रण कक्ष में हाजिरी देना अनिवार्य है।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब से कितनी मौतें हुईं?
स्रोत में मौतों की सटीक संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार पुणे और पिंपरी-चिंचवड दोनों क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से मौतें हुई हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
राष्ट्र प्रेस
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