पुणे-पिंपरी चिंचवाड़ में जहरीली शराब से 13 मौतें, CM फडणवीस का आदेश — 'यह हत्या है, किसी को नहीं बख्शेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 29 मई 2026 को इस त्रासदी पर गहरी चिंता जताते हुए दोनों शहरों के पुलिस आयुक्तों को दोषियों के विरुद्ध सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई करने और किसी भी आरोपी को रियायत न देने का स्पष्ट निर्देश दिया। फॉरेंसिक जाँच में आशंका जताई गई है कि करीब 215 लीटर जहरीला औद्योगिक मेथेनॉल देशी शराब में मिलाया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने उस स्थान का पता लगा लिया है जहाँ कथित तौर पर मेथेनॉल जैसे जहरीले रासायनिक पदार्थ को मिलाकर शराब तैयार की जा रही थी। अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और शेष की तलाश में बड़े स्तर पर अभियान जारी है। इस मामले में कुख्यात शराब माफिया योगेश वानखेड़े पर भी जाँच केंद्रित है, जिस पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस, राज्य आबकारी विभाग और फॉरेंसिक टीमों ने अवैध शराब नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संयुक्त छापेमारी शुरू कर दी है। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने मौके पर पहुँचकर हडपसर जैसे प्रभावित इलाकों में अभियान की निगरानी की।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैंने पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्तों से बात की। उन्होंने उस जगह का पता लगा लिया है जहाँ यह पदार्थ बनाया गया था। अब तक 8 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और आगे और गिरफ्तारियाँ होंगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला वास्तव में हत्या जैसा है और इसमें बेहद सख्त धाराएँ लगाई जा रही हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।'
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि इसे हत्या के मामले के रूप में देखा जा रहा है और आरोपियों पर सबसे कठोर कानूनी धाराएँ लगाई जाएंगी।
फॉरेंसिक जाँच और साक्ष्य
फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, देशी शराब में 215 लीटर औद्योगिक मेथेनॉल मिलाए जाने की आशंका है — एक ऐसा रसायन जो अंधेपन और अंग विफलता के साथ-साथ जानलेवा भी साबित होता है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक जाँच के आधार पर इस पूरे रैकेट के विरुद्ध मजबूत कानूनी केस तैयार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अवैध शराब से जुड़ी यह हालिया बड़ी त्रासदी है। राज्य में इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं, जो अवैध शराब नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर इशारा करती हैं।
अस्पतालों में भर्ती मरीज
अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उपचार किया जा रहा है ताकि मृतकों की संख्या में और वृद्धि न हो। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि इस रैकेट में शामिल कोई भी व्यक्ति सजा से नहीं बचेगा। जाँच एजेंसियाँ आपूर्ति श्रृंखला की पूरी कड़ी को उजागर करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ अपेक्षित हैं।