भावनगर जहरीली शराब कांड: 7 मौतें, 13 गिरफ्तार; मेथनॉल मिली नकली व्हिस्की की सप्लाई चेन की जांच
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत और 25 अन्य के अस्पताल में भर्ती होने के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) जी.एस. मलिक के निर्देश पर राज्य निगरानी सेल (SMC) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि एक प्रतिष्ठित भारतीय व्हिस्की ब्रांड के नकली स्टिकर लगी बोतलों में अत्यधिक मेथनॉल मिली शराब बेची जा रही थी।
मामले का घटनाक्रम
यह त्रासदी 18 अगस्त को सामने आई, जब अवैध शराब के सेवन से मौतें और बीमारी के मामले दर्ज होने लगे। वारतेज पुलिस स्टेशन में शुरुआत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 194 के तहत दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ने पर नकली शराब की आपराधिक साजिश उजागर हुई।
गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी लागू है, फिर भी राज्य में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। यह कांड उसी खतरनाक प्रवृत्ति की एक और कड़ी है।
आरोपियों पर धाराएँ और गिरफ्तारी
जांच के दौरान 21 नामजद आरोपियों के खिलाफ वारतेज पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएँ 105, 123, 61(2), 3(5), 274, 275, 345(3) और 349 के साथ-साथ गुजरात निषेध अधिनियम की धारा 65(ए, बी, डी, ई, एफ), 65ए(2), 65ए(3), 67(1)(ए), 81 और 83 के तहत मामला दर्ज है।
SMC के पुलिस निरीक्षक एस.एम. जडेजा ने जांच का नेतृत्व किया। अलग-अलग टीमें बनाकर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिमांड की तैयारी में है।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में गौतम सोलंकी (24), जतिन कंबड (21), सारस सोलंकी (25), पारस उर्फ पप्पू चुडासमा (30), मनदीप सिंह पृथ्वीराज सिंह गोहिल (20), धर्मेंद्र सिंह उर्फ धामो गोहिल (30), जयदीप मकवाना (27), हर्ष उर्फ हसु चौहान (25), विवेक अल्गोटर (26), भार्गव भट्ट (29), केवल उर्फ सांगो सोलंकी, सुखदेव सलात (25) और हार्दिक उर्फ टिंचो बरैया (25) शामिल हैं। ये सभी भावनगर जिले के वरतेज, खरकड़ी, घोघा और भावनगर शहर के विभिन्न इलाकों के हैं।
बरामदगी और सप्लाई चेन की जांच
गिरफ्तारी के दौरान SMC ने नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली बोतलें, रसायन, रंग, व्हिस्की के लेबल, स्टिकर रोल, ढक्कन, कार्डबोर्ड और अन्य सामग्री जब्त की। पुलिस के अनुसार यह सामान देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन के जरिए मंगाया गया था।
जांच में तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित है — शराब और सामग्री का स्रोत, नकली स्टॉक की निर्माण-स्थली, और वितरण नेटवर्क। SMC की टीमें गुजरात के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी भेजी गई हैं ताकि शेष आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को पकड़ा जा सके।
आगे क्या होगा
पुलिस ने संकेत दिया है कि बचे हुए 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। अस्पतालों में भर्ती 25 पीड़ितों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार पर अवैध शराब नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है।