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भावनगर जहरीली शराब कांड: 7 मौतें, 13 गिरफ्तार; मेथनॉल मिली नकली व्हिस्की की सप्लाई चेन की जांच

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भावनगर जहरीली शराब कांड: 7 मौतें, 13 गिरफ्तार; मेथनॉल मिली नकली व्हिस्की की सप्लाई चेन की जांच

सारांश

गुजरात के भावनगर में नकली व्हिस्की की बोतलों में मेथनॉल मिली शराब पीने से 7 लोगों की जान गई, 25 अस्पताल में हैं। SMC ने 13 आरोपी दबोचे और देशभर में फैली सप्लाई चेन की जांच शुरू की — शराबबंदी वाले राज्य में यह कांड गहरे सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

भावनगर, गुजरात में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत , 25 अन्य विभिन्न अस्पतालों में भर्ती।
नकली शराब में अत्यधिक मेथनॉल था; इसे एक प्रसिद्ध भारतीय व्हिस्की के नकली स्टिकर लगी बोतलों में बेचा गया।
मलिक के निर्देश पर राज्य निगरानी सेल (SMC) ने जांच संभाली; 21 नामजद आरोपियों में से 13 गिरफ्तार ।
गिरफ्तारी के दौरान बोतलें, रसायन, नकली लेबल, स्टिकर रोल और अन्य सामग्री जब्त ।
मामला 18 अगस्त को वारतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज; भारतीय न्याय संहिता 2023 और गुजरात निषेध अधिनियम की कई धाराएँ लागू।
SMC की टीमें गुजरात और अन्य राज्यों में भेजी गईं; सप्लाई चेन के स्रोत और वितरण नेटवर्क की जांच जारी।

गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत और 25 अन्य के अस्पताल में भर्ती होने के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) जी.एस. मलिक के निर्देश पर राज्य निगरानी सेल (SMC) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि एक प्रतिष्ठित भारतीय व्हिस्की ब्रांड के नकली स्टिकर लगी बोतलों में अत्यधिक मेथनॉल मिली शराब बेची जा रही थी।

मामले का घटनाक्रम

यह त्रासदी 18 अगस्त को सामने आई, जब अवैध शराब के सेवन से मौतें और बीमारी के मामले दर्ज होने लगे। वारतेज पुलिस स्टेशन में शुरुआत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 194 के तहत दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ने पर नकली शराब की आपराधिक साजिश उजागर हुई।

गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी लागू है, फिर भी राज्य में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं। यह कांड उसी खतरनाक प्रवृत्ति की एक और कड़ी है।

आरोपियों पर धाराएँ और गिरफ्तारी

जांच के दौरान 21 नामजद आरोपियों के खिलाफ वारतेज पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज किया गया। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएँ 105, 123, 61(2), 3(5), 274, 275, 345(3) और 349 के साथ-साथ गुजरात निषेध अधिनियम की धारा 65(ए, बी, डी, ई, एफ), 65ए(2), 65ए(3), 67(1)(ए), 81 और 83 के तहत मामला दर्ज है।

SMC के पुलिस निरीक्षक एस.एम. जडेजा ने जांच का नेतृत्व किया। अलग-अलग टीमें बनाकर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस रिमांड की तैयारी में है।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची

गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में गौतम सोलंकी (24), जतिन कंबड (21), सारस सोलंकी (25), पारस उर्फ पप्पू चुडासमा (30), मनदीप सिंह पृथ्वीराज सिंह गोहिल (20), धर्मेंद्र सिंह उर्फ धामो गोहिल (30), जयदीप मकवाना (27), हर्ष उर्फ हसु चौहान (25), विवेक अल्गोटर (26), भार्गव भट्ट (29), केवल उर्फ सांगो सोलंकी, सुखदेव सलात (25) और हार्दिक उर्फ टिंचो बरैया (25) शामिल हैं। ये सभी भावनगर जिले के वरतेज, खरकड़ी, घोघा और भावनगर शहर के विभिन्न इलाकों के हैं।

बरामदगी और सप्लाई चेन की जांच

गिरफ्तारी के दौरान SMC ने नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली बोतलें, रसायन, रंग, व्हिस्की के लेबल, स्टिकर रोल, ढक्कन, कार्डबोर्ड और अन्य सामग्री जब्त की। पुलिस के अनुसार यह सामान देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन के जरिए मंगाया गया था।

जांच में तीन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित है — शराब और सामग्री का स्रोत, नकली स्टॉक की निर्माण-स्थली, और वितरण नेटवर्क। SMC की टीमें गुजरात के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी भेजी गई हैं ताकि शेष आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को पकड़ा जा सके।

आगे क्या होगा

पुलिस ने संकेत दिया है कि बचे हुए 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। अस्पतालों में भर्ती 25 पीड़ितों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार पर अवैध शराब नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मेथनॉल-मिश्रित नकली शराब से होने वाली मौतें रुकने का नाम नहीं लेतीं — यह कांड उस निगरानी-तंत्र की विफलता को उजागर करता है जो ब्रांडेड बोतलों में जहर की बिक्री को रोकने में नाकाम रहा। 21 आरोपियों की पहचान और अंतरराज्यीय सप्लाई चेन का खुलासा बताता है कि यह कोई छोटा-मोटा स्थानीय धंधा नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। असली सवाल यह है कि इतने बड़े नेटवर्क को इतने लंबे समय तक संचालित होने देने में प्रशासनिक चूक कहाँ हुई — और क्या गिरफ्तारियाँ नेटवर्क की जड़ तक पहुँचेंगी या केवल निचले स्तर के संदिग्धों पर ही रुक जाएंगी।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भावनगर जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुलिस के बयान के अनुसार, गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
नकली शराब में क्या मिलाया गया था?
जांच में पता चला कि एक प्रसिद्ध भारतीय व्हिस्की ब्रांड के नकली स्टिकर लगी बोतलों में अत्यधिक मात्रा में मेथनॉल मिली नकली शराब भरकर बेची जा रही थी। मेथनॉल एक जहरीला रसायन है जो थोड़ी मात्रा में भी अंधेपन और मौत का कारण बन सकता है।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
राज्य निगरानी सेल (SMC) ने 21 नामजद आरोपियों में से 13 को गिरफ्तार किया है। शेष 8 आरोपियों की तलाश में गुजरात और अन्य राज्यों में टीमें भेजी गई हैं।
यह मामला कब और कहाँ दर्ज हुआ?
यह मामला 18 अगस्त को वारतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। शुरुआत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 194 के तहत दुर्घटनावश मौत का मामला था, जो बाद में भारतीय न्याय संहिता और गुजरात निषेध अधिनियम की कई धाराओं के तहत आपराधिक मामले में बदल गया।
पुलिस ने जांच में अब तक क्या बरामद किया है?
SMC ने गिरफ्तारी के दौरान नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली बोतलें, रसायन, रंग, व्हिस्की के नकली लेबल, स्टिकर रोल, ढक्कन और कार्डबोर्ड जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार यह सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन के जरिए मंगाई गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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