भावनगर जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन का पर्दाफाश, 27 गिरफ्तार — 13 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने भावनगर जिले में जहरीली शराब कांड में 13 और आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल गिरफ्तारियों की संख्या 27 तक पहुँचा दी है। अब तक इस त्रासदी में 13 लोगों की मौत हो चुकी है और जाँचकर्ता मेथनॉल तथा अन्य रसायनों की अंतर्राज्यीय सप्लाई चेन को उजागर करने में जुटे हैं।
मामले की शुरुआत कैसे हुई
18 अगस्त को भावनगर जिले के वारतेज पुलिस स्टेशन में एक आकस्मिक मौत का मामला दर्ज हुआ। जाँच में सामने आया कि पीड़ितों ने मेथनॉल मिश्रित जहरीली शराब का सेवन किया था। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 105, 123, 61(2), 3(5), 274, 275, 345(3) और 349 तथा निषेध अधिनियम की धाराओं 65(ए)(बी)(डी)(ई)(एफ), 65A(2), 65A(3), 67(1)ए, 81 और 83 के तहत प्रारंभिक 21 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
जाँच की कमान और अंतर्राज्यीय अभियान
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. एस. मलिक के निर्देश पर जाँच एसएमसी को सौंपी गई और पुलिस इंस्पेक्टर एस. एम. जडेजा ने इसकी कमान सँभाली। एसएमसी ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के विभिन्न जिलों में 16 टीमें तैनात कीं। ये टीमें मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत, उन्हें ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों तथा कच्चे माल की आवक के मार्गों की जाँच कर रही हैं।
नई गिरफ्तारियाँ और आरोपियों का विवरण
हालिया 13 गिरफ्तारियाँ पहले हिरासत में लिए गए 14 आरोपियों की पूछताछ से मिले सुरागों पर आधारित हैं। नवगिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का निवासी आनंद छंडी प्रमुख है, जिसे कथित तौर पर उज्जैन से लाया गया था। पुलिस का आरोप है कि उसने जहरीली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।
शेष 12 आरोपी — अरविंद उर्फ पांडे सोलंकी, संजय मकवाना, नितिन उर्फ मुन्ना मोरी, किशोर उर्फ पोचो सोलंकी, मयूर सोलंकी, संजय मोरी, मुकेश उर्फ कचोरी बारैया, संजय उर्फ चक्रम बारैया, निर्मलसिंह वाघेला, पार्थराजसिंह गोहिल, संजय चावड़ा और भागीरथसिंह गोहिल — भावनगर जिले के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने जहरीली शराब खरीदी, उसे संग्रहीत किया और ग्राहकों तक पहुँचाई।
अदालत में पेशी और रिमांड
नवगिरफ्तार 13 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया। पहले दौर की गिरफ्तारियों के दौरान ही जहरीले रसायनों वाली शराब की बोतलें जब्त की गई थीं, जो अब फोरेंसिक जाँच के दायरे में हैं।
आगे की कार्रवाई
एसएमसी के अनुसार, टीमें अभी भी फरार आरोपियों की तलाश में हैं और जहरीली शराब की सप्लाई के पीछे के पूरे नेटवर्क — रसायन खरीद से लेकर उत्पादन, परिवहन और वितरण तक — का पर्दाफाश करने में लगी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में मद्य-निषेध कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं।