25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भावनगर जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन का पर्दाफाश, 27 गिरफ्तार — 13 की मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भावनगर जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन का पर्दाफाश, 27 गिरफ्तार — 13 की मौत

सारांश

गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से 13 मौतें — और अब 27 गिरफ्तारियाँ। एसएमसी की 16 टीमें पाँच राज्यों में मेथनॉल की अंतर्राज्यीय सप्लाई चेन खँगाल रही हैं। मद्य-निषेध राज्य में यह त्रासदी उस भूमिगत नेटवर्क की गहराई उजागर करती है जो कानून की आँखों में धूल झोंकता रहा।

मुख्य बातें

भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है; मामला 18 अगस्त को वारतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ।
गुजरात पुलिस के एसएमसी ने 13 और आरोपी गिरफ्तार किए, कुल गिरफ्तारियाँ 27 हुईं।
नवगिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी आनंद छंडी पर मेथनॉल सप्लाई में मुख्य भूमिका का आरोप।
एसएमसी की 16 टीमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में सक्रिय।
मलिक के निर्देश पर पुलिस इंस्पेक्टर एस.
जडेजा की अगुवाई में हो रही है।

गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने भावनगर जिले में जहरीली शराब कांड में 13 और आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल गिरफ्तारियों की संख्या 27 तक पहुँचा दी है। अब तक इस त्रासदी में 13 लोगों की मौत हो चुकी है और जाँचकर्ता मेथनॉल तथा अन्य रसायनों की अंतर्राज्यीय सप्लाई चेन को उजागर करने में जुटे हैं।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

18 अगस्त को भावनगर जिले के वारतेज पुलिस स्टेशन में एक आकस्मिक मौत का मामला दर्ज हुआ। जाँच में सामने आया कि पीड़ितों ने मेथनॉल मिश्रित जहरीली शराब का सेवन किया था। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 105, 123, 61(2), 3(5), 274, 275, 345(3) और 349 तथा निषेध अधिनियम की धाराओं 65(ए)(बी)(डी)(ई)(एफ), 65A(2), 65A(3), 67(1)ए, 81 और 83 के तहत प्रारंभिक 21 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

जाँच की कमान और अंतर्राज्यीय अभियान

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी. एस. मलिक के निर्देश पर जाँच एसएमसी को सौंपी गई और पुलिस इंस्पेक्टर एस. एम. जडेजा ने इसकी कमान सँभाली। एसएमसी ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के विभिन्न जिलों में 16 टीमें तैनात कीं। ये टीमें मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत, उन्हें ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों तथा कच्चे माल की आवक के मार्गों की जाँच कर रही हैं।

नई गिरफ्तारियाँ और आरोपियों का विवरण

हालिया 13 गिरफ्तारियाँ पहले हिरासत में लिए गए 14 आरोपियों की पूछताछ से मिले सुरागों पर आधारित हैं। नवगिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का निवासी आनंद छंडी प्रमुख है, जिसे कथित तौर पर उज्जैन से लाया गया था। पुलिस का आरोप है कि उसने जहरीली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।

शेष 12 आरोपीअरविंद उर्फ पांडे सोलंकी, संजय मकवाना, नितिन उर्फ मुन्ना मोरी, किशोर उर्फ पोचो सोलंकी, मयूर सोलंकी, संजय मोरी, मुकेश उर्फ कचोरी बारैया, संजय उर्फ चक्रम बारैया, निर्मलसिंह वाघेला, पार्थराजसिंह गोहिल, संजय चावड़ा और भागीरथसिंह गोहिलभावनगर जिले के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने जहरीली शराब खरीदी, उसे संग्रहीत किया और ग्राहकों तक पहुँचाई।

अदालत में पेशी और रिमांड

नवगिरफ्तार 13 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया। पहले दौर की गिरफ्तारियों के दौरान ही जहरीले रसायनों वाली शराब की बोतलें जब्त की गई थीं, जो अब फोरेंसिक जाँच के दायरे में हैं।

आगे की कार्रवाई

एसएमसी के अनुसार, टीमें अभी भी फरार आरोपियों की तलाश में हैं और जहरीली शराब की सप्लाई के पीछे के पूरे नेटवर्क — रसायन खरीद से लेकर उत्पादन, परिवहन और वितरण तक — का पर्दाफाश करने में लगी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में मद्य-निषेध कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमता नहीं — यह विरोधाभास किसी एक घटना की नहीं, बल्कि प्रवर्तन तंत्र की संरचनात्मक विफलता की कहानी है। पाँच राज्यों में फैली मेथनॉल सप्लाई चेन बताती है कि यह कोई स्थानीय जुगाड़ नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित आपराधिक नेटवर्क है। असली सवाल यह है कि इतने बड़े अंतर्राज्यीय तंत्र के बावजूद खुफिया तंत्र क्यों चूका। 27 गिरफ्तारियाँ शुरुआत हैं — जब तक सप्लाई चेन के शीर्ष तक पहुँच नहीं बनती, यह जाँच अधूरी मानी जाएगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भावनगर जहरीली शराब कांड में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
अब तक इस कांड में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। सभी पीड़ितों ने मेथनॉल मिश्रित जहरीली शराब का सेवन किया था, जो भावनगर जिले में अवैध रूप से बेची जा रही थी।
गुजरात पुलिस ने इस मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
एसएमसी ने कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया है — पहले 14 , फिर 13 और । हालिया गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने 2 सितंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा है।
मेथनॉल सप्लाई चेन की जाँच किन राज्यों में हो रही है?
एसएमसी की 16 टीमें दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में सक्रिय हैं। ये टीमें रसायनों के स्रोत, ट्रांसपोर्टरों और वितरण नेटवर्क की जाँच कर रही हैं।
इस मामले में कौन-सा प्रमुख आरोपी पकड़ा गया है?
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का निवासी आनंद छंडी सबसे प्रमुख नवगिरफ्तार आरोपी है। पुलिस का आरोप है कि उसे उज्जैन से लाया गया था और उसने जहरीली शराब बनाने के लिए रसायन उपलब्ध कराए।
गुजरात में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद यह कांड कैसे हुआ?
गुजरात में दशकों से मद्य-निषेध लागू है, फिर भी अवैध शराब का कारोबार भूमिगत नेटवर्क के ज़रिए जारी रहता है। इस मामले में पाँच राज्यों में फैली सप्लाई चेन यह दर्शाती है कि अपराधी प्रवर्तन की खामियों का फायदा उठाकर संगठित तरीके से काम कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले