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भावनगर जहरीली शराब कांड: 7 मौतें, 4 पुलिसकर्मी निलंबित, 21 आरोपियों पर FIR

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भावनगर जहरीली शराब कांड: 7 मौतें, 4 पुलिसकर्मी निलंबित, 21 आरोपियों पर FIR

सारांश

गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब ने 7 जानें ली हैं — और 25 से अधिक लोग अभी भी अस्पताल में हैं। जब्त बोतलों में 38.59% मेथेनॉल मिला था। उज्जैन से शराब लाकर मिलावट के बाद बेचने का नेटवर्क उजागर हुआ है, 4 पुलिसकर्मी निलंबित।

मुख्य बातें

भावनगर, गुजरात में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत , 25 से 28 लोग अभी भी उपचाराधीन।
जब्त 'रॉयल स्टेज' बोतलों में 38.59% मेथेनॉल और मात्र 0.94% इथेनॉल पाया गया।
4 पुलिसकर्मी निलंबित ; 21 आरोपियों के खिलाफ 19 अगस्त 2026 को वरतेज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज।
शराब मध्य प्रदेश के उज्जैन से लाई जाती थी, भावनगर में मिलावट के बाद बेची जाती थी।
स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ली।

गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 से 28 लोग अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। भावनगर के पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने पुष्टि की है कि इस मामले में 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है और 21 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

19 अगस्त 2026 को वरतेज पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई, जो घोघा तालुका के खरकड़ी गांव में स्थित है। यह मामला तब उजागर हुआ जब जहरीली शराब का सेवन करने वाले लोगों को उल्टी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल भावनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के उज्जैन और गुजरात के भावनगर — दोनों स्थानों से की गई है। पुलिस के अनुसार, यह शराब उज्जैन से लाई जाती थी, जिसके बाद भावनगर और आसपास के इलाकों में वितरण से पहले उसमें मिलावट की जाती थी।

रासायनिक जांच के निष्कर्ष

जब्त की गई 'रॉयल स्टेज' ब्रांड की बोतलों की रासायनिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्राथमिकी में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, इस शराब में 38.59 प्रतिशत मेथेनॉल और मात्र 0.94 प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ था। मेथेनॉल की इतनी अधिक मात्रा इंसान के लिए घातक होती है और अंधेपन से लेकर मृत्यु तक का कारण बन सकती है।

पीड़ितों में उपेन्द्र सिंह गोहिल और कार्तिक भाई मकवाना के नाम प्राथमिकी में दर्ज हैं। उनकी मेडिकल रिपोर्ट और बयान भी जांच का हिस्सा हैं।

आपूर्ति नेटवर्क की जांच

पुलिस जांच में सामने आया है कि जब्त बोतलों पर एक कंपनी का लेबल भी लगा हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसे असली शराब के रूप में बेचा जा रहा था। नेटवर्क से जुड़े अलग-अलग लोग इस शराब को विभिन्न माध्यमों से आम लोगों तक पहुंचाने में शामिल थे।

पुलिस अब पूरे आपूर्ति तंत्र का खुलासा करने में जुटी है — यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि शराब किन-किन रास्तों से लोगों तक पहुंचाई जाती थी और बचे हुए स्टॉक को कहां भेजा गया।

सरकार और जांच एजेंसियों की प्रतिक्रिया

स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) अब इस पूरे मामले की निगरानी कर रही है। अधिकारी जहरीली शराब की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी हर कड़ी को उजागर करने में लगे हैं। 4 पुलिसकर्मियों का निलंबन यह संकेत देता है कि जांच में पुलिस की संभावित लापरवाही या मिलीभगत की भी पड़ताल हो रही है।

गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति का यह मामला सामने आना प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है।

आगे क्या होगा

जांच एजेंसियां अब उज्जैन-भावनगर के बीच चल रहे इस अवैध नेटवर्क की पूरी कड़ी को उजागर करने में जुटी हैं। उपचाराधीन 25 से 28 मरीजों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अलर्ट पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भावनगर की यह त्रासदी बताती है कि ज़मीन पर हकीकत कुछ और है। 38.59% मेथेनॉल वाली शराब का उज्जैन से आकर भावनगर में मिलावट के साथ बिकना — और इस पूरे नेटवर्क का इतने समय तक चलते रहना — सिर्फ आपराधिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का भी सबूत है। 4 पुलिसकर्मियों का निलंबन स्वीकृति है कि निगरानी तंत्र कहीं न कहीं चूका। सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई जड़ तक पहुंचेगी, या सिर्फ सतही जवाबदेही से काम चलाया जाएगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भावनगर जहरीली शराब कांड में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
भावनगर, गुजरात में जहरीली शराब पीने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 25 से 28 लोग अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
भावनगर की जहरीली शराब में क्या मिलाया गया था?
रासायनिक जांच में पता चला कि जब्त 'रॉयल स्टेज' बोतलों में 38.59% मेथेनॉल और केवल 0.94% इथेनॉल था। मेथेनॉल की इतनी अधिक मात्रा इंसान के लिए जानलेवा होती है।
इस मामले में कितने पुलिसकर्मी निलंबित हुए और क्यों?
इस मामले में 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। उनके निलंबन से यह संकेत मिलता है कि अवैध शराब के इस नेटवर्क की जानकारी या उसे रोकने में लापरवाही की जांच हो रही है।
भावनगर में जहरीली शराब कहां से आती थी?
पुलिस जांच के अनुसार यह शराब मध्य प्रदेश के उज्जैन से लाई जाती थी। भावनगर पहुंचने के बाद उसमें मिलावट की जाती थी और फिर विभिन्न माध्यमों से आम लोगों को बेचा जाता था।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ली है। 19 अगस्त 2026 को वरतेज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई और 21 आरोपियों की पहचान उज्जैन व भावनगर दोनों जगहों से की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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