गुजरात चुनाव से पहले अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5,192 निवारक कदम, 1 करोड़ से अधिक की शराब जब्त
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में 26 अप्रैल को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने सुरक्षा और प्रवर्तन अभियान को अभूतपूर्व रूप से तेज कर दिया है। पुलिस ने 1 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच 5,192 निवारक कार्रवाई कीं और एक करोड़ रुपए से अधिक की अवैध शराब जब्त की। यह कदम स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
शराब जब्ती और कानूनी कार्रवाई का ब्यौरा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान 5,360 लीटर देसी शराब जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत 10.72 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा 16,976 बोतलें 'इंडियन मेड फॉरेन लिकर' (आईएमएफएल) भी बरामद हुईं, जिनका मूल्य 96.94 लाख रुपए है।
इस अवधि में शराबबंदी से जुड़े 870 मामले दर्ज किए गए। साथ ही 81 निष्कासन प्रस्ताव, 25 पीएएसए प्रस्ताव और 60 अन्य कानूनी कार्रवाइयां भी शुरू की गईं। 1,687 हथियार जमा कराए गए, 20 चेक-पोस्ट स्थापित किए गए और 41,075 वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने 159 हिस्ट्री-शीटरों की भी एहतियाती निगरानी की।
चुनाव ड्यूटी के लिए विशाल पुलिस बल तैनात
अहमदाबाद ग्रामीण जिले में चुनाव संचालन के लिए कुल 3,251 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 1 पुलिस अधीक्षक, 4 पुलिस उपाधीक्षक, 34 पुलिस निरीक्षक, 72 पुलिस उप-निरीक्षक, 1,249 पुलिसकर्मी, 173 एलआरडी कर्मी, 1,537 होम गार्ड और जीआरडी स्टाफ, 57 एसआरपीएफ कर्मी, अन्य जिलों से 114 कर्मी, 75 मोबाइल गश्ती इकाइयां और 22 त्वरित प्रतिक्रिया टीमें शामिल हैं।
जिले में 1,302 मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 41 को अति-संवेदनशील, 408 को संवेदनशील और 853 को सामान्य श्रेणी में रखा गया है। ये व्यवस्थाएं अहमदाबाद नगर निगम क्षेत्र, 3 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायत सीटों और 176 तालुका पंचायत सीटों के चुनावों को कवर करती हैं।
एडीआर-एसएचआईईएलडी: डिजिटल निगरानी का नया मंच
अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने चुनावी प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी के लिए एडीआर-एसएचआईईएलडी डिजिटल कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर को सक्रिय किया है। यह प्रणाली 18 अप्रैल से चालू है और पिछले वर्ष के ग्राम पंचायत चुनावों में आजमाए गए पायलट प्रोजेक्ट का उन्नत संस्करण है।
यह पोर्टल बूथ-स्तरीय जानकारी, पुलिस तैनाती की योजना, गूगल मैप-आधारित निगरानी और दैनिक रिपोर्टिंग की सुविधा देता है। इस प्लेटफॉर्म को स्थानीय खुफिया शाखा, साइबर सेल और जिला आईटी टीम के सहयोग से पुलिस ने स्वयं विकसित किया है। इस तक पहुंच जिला कलेक्टर, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, रिटर्निंग अधिकारी, चुनाव पर्यवेक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई है।
मतदाताओं से अपील और गर्मी में विशेष इंतजाम
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सुजीत कुमार ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव "महज एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक उत्सव हैं" जिसमें नागरिक अपने प्रतिनिधियों को चुन सकते हैं।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी मतदान केंद्रों पर पीने के पानी, छांव की सुविधा और मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।
गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी कानून लागू है, फिर भी चुनाव से पहले इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास हो सकते हैं — जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम किया। 26 अप्रैल को मतदान के बाद मतगणना और परिणाम स्थानीय शासन की दिशा तय करेंगे।