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अहमदाबाद में ₹59.23 लाख की शराब जब्त, गुजरात पुलिस ने 5 आरोपियों के नाम जारी किए

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अहमदाबाद में ₹59.23 लाख की शराब जब्त, गुजरात पुलिस ने 5 आरोपियों के नाम जारी किए

सारांश

गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पास पार्किंग क्षेत्र से ₹59.23 लाख की शराब सहित ₹79.26 लाख की संपत्ति जब्त की। 600 कार्टन, 12,843 बोतलें बरामद; पाँच आरोपियों के नाम जारी। यह डीजीपी मलिक के निर्देशों पर चल रहे राज्यव्यापी निषेधाज्ञा अभियान की एक बड़ी कड़ी है।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस की एसएमसी ने अहमदाबाद में ₹59.23 लाख की आईएमएफएल और बीयर जब्त की; कुल जब्ती ₹79.26 लाख ।
छापे में 600 कार्टन और 12,843 बोतलें बरामद हुईं।
छापेमारी सरदार पटेल रिंग रोड के पास अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे के प्रवेश टोल प्लाजा से सटे पार्किंग क्षेत्र में हुई।
मामला 31 जुलाई 2026 को रामोल पुलिस स्टेशन में गुजरात निषेध अधिनियम की पाँच धाराओं के तहत दर्ज।
पाँच वांछित आरोपियों में बोटाद के शिवकु करपाड़ा और सुरेंद्रनगर के धीरू करपाड़ा शामिल।

गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) ने अहमदाबाद में निषेधाज्ञा अभियान के तहत ₹59.23 लाख की भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) और बीयर बरामद की है। अन्य जब्त वस्तुओं को मिलाकर कुल जब्ती का मूल्य ₹79.26 लाख आँका गया है। 31 जुलाई 2026 को रामोल पुलिस स्टेशन में निषेधाज्ञा का मामला दर्ज किया गया।

छापेमारी का स्थान और नेतृत्व

इस अभियान का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक एस.एम. जडेजा ने किया। उन्होंने सरदार पटेल रिंग रोड के निकट अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे नंबर 1 पर प्रवेश टोल प्लाजा से सटे एक पार्किंग क्षेत्र की तलाशी ली, जो रामोल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह अभियान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक के उन निर्देशों के तहत चलाया गया, जिनमें गुजरात भर में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करने को कहा गया था।

मुख्य बरामदगी

छापेमारी में पुलिस ने आईएमएफएल और बीयर के लगभग 600 कार्टन बरामद किए, जिनमें कुल 12,843 बोतलें थीं। इन बोतलों की कीमत ₹59,23,014 आँकी गई है। शराब के अलावा अन्य सामग्री भी ज़ब्त की गई, जिससे कुल जब्ती का मूल्य ₹79,26,014 हो गया।

आरोपियों की पहचान

पुलिस ने इस मामले में पाँच वांछित आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए हैं। इनमें बोटाद जिले के रेफदा गाँव निवासी शिवकु करपाड़ा शामिल हैं, जिन पर शराब की खेप मँगवाने का आरोप है। सुरेंद्रनगर के मूली तालुका के रामपर्दा गाँव के धीरू करपाड़ा भी इस मामले में आरोपी हैं। शेष तीन आरोपियों में वह व्यक्ति शामिल है जिसने खेप भेजी और उसका परिवहन किया।

कानूनी धाराएँ

यह मामला गुजरात निषेध अधिनियम की धारा 65(ए)(ई), 81, 83, 98(2) और 116(बी) के तहत दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में राज्य निगरानी प्रकोष्ठ द्वारा कई बड़े निषेध अभियान चलाए जा चुके हैं, और यह ताज़ा जब्ती उसी क्रम में एक और बड़ी कार्रवाई है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस सभी पाँचों आरोपियों की तलाश में जुटी है। राज्य निगरानी प्रकोष्ठ के अनुसार, डीजीपी मलिक के निर्देशों के बाद से गुजरात में निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामलों पर शिकंजा और कड़ा किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी अंतर-जिला नेटवर्क सक्रिय है। डीजीपी स्तर के निर्देशों के बाद भी यदि इतनी बड़ी खेप एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा तक पहुँच सकती है, तो सवाल उठता है कि आपूर्ति श्रृंखला के शीर्ष पर बैठे लोगों तक कार्रवाई कब पहुँचेगी। बार-बार की छापेमारी और बरामदगी दिखाती है कि माँग और आपूर्ति दोनों बरकरार हैं — केवल जब्ती नहीं, जड़ तक की जाँच ज़रूरी है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में गुजरात पुलिस ने कितनी शराब जब्त की?
गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने अहमदाबाद में ₹59.23 लाख की आईएमएफएल और बीयर जब्त की, जिसमें लगभग 600 कार्टन और 12,843 बोतलें शामिल हैं। अन्य वस्तुओं सहित कुल जब्ती का मूल्य ₹79.26 लाख आँका गया है।
यह छापेमारी कहाँ और कब हुई?
छापेमारी अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे नंबर 1 पर सरदार पटेल रिंग रोड के पास प्रवेश टोल प्लाजा से सटे पार्किंग क्षेत्र में हुई। मामला 31 जुलाई 2026 को रामोल पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
इस मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
पुलिस ने पाँच वांछित आरोपियों के नाम जारी किए हैं। इनमें बोटाद जिले के रेफदा गाँव के शिवकु करपाड़ा और सुरेंद्रनगर के मूली तालुका के रामपर्दा गाँव के धीरू करपाड़ा प्रमुख हैं। शेष तीन आरोपियों में खेप भेजने और परिवहन से जुड़े लोग शामिल हैं।
यह मामला किन कानूनी धाराओं के तहत दर्ज हुआ है?
यह मामला गुजरात निषेध अधिनियम की धारा 65(ए)(ई), 81, 83, 98(2) और 116(बी) के तहत दर्ज किया गया है। ये धाराएँ अवैध शराब के भंडारण, परिवहन और बिक्री से संबंधित हैं।
गुजरात में निषेधाज्ञा अभियान क्यों तेज़ किया गया है?
पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक के निर्देशों के बाद राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने गुजरात भर में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ की है। हाल के महीनों में कई बड़े निषेध अभियान चलाए जा चुके हैं और यह ताज़ा जब्ती उसी क्रम की एक बड़ी कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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