अहमदाबाद में ₹59.23 लाख की शराब जब्त, गुजरात पुलिस ने 5 आरोपियों के नाम जारी किए
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) ने अहमदाबाद में निषेधाज्ञा अभियान के तहत ₹59.23 लाख की भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) और बीयर बरामद की है। अन्य जब्त वस्तुओं को मिलाकर कुल जब्ती का मूल्य ₹79.26 लाख आँका गया है। 31 जुलाई 2026 को रामोल पुलिस स्टेशन में निषेधाज्ञा का मामला दर्ज किया गया।
छापेमारी का स्थान और नेतृत्व
इस अभियान का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक एस.एम. जडेजा ने किया। उन्होंने सरदार पटेल रिंग रोड के निकट अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे नंबर 1 पर प्रवेश टोल प्लाजा से सटे एक पार्किंग क्षेत्र की तलाशी ली, जो रामोल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह अभियान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक के उन निर्देशों के तहत चलाया गया, जिनमें गुजरात भर में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करने को कहा गया था।
मुख्य बरामदगी
छापेमारी में पुलिस ने आईएमएफएल और बीयर के लगभग 600 कार्टन बरामद किए, जिनमें कुल 12,843 बोतलें थीं। इन बोतलों की कीमत ₹59,23,014 आँकी गई है। शराब के अलावा अन्य सामग्री भी ज़ब्त की गई, जिससे कुल जब्ती का मूल्य ₹79,26,014 हो गया।
आरोपियों की पहचान
पुलिस ने इस मामले में पाँच वांछित आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए हैं। इनमें बोटाद जिले के रेफदा गाँव निवासी शिवकु करपाड़ा शामिल हैं, जिन पर शराब की खेप मँगवाने का आरोप है। सुरेंद्रनगर के मूली तालुका के रामपर्दा गाँव के धीरू करपाड़ा भी इस मामले में आरोपी हैं। शेष तीन आरोपियों में वह व्यक्ति शामिल है जिसने खेप भेजी और उसका परिवहन किया।
कानूनी धाराएँ
यह मामला गुजरात निषेध अधिनियम की धारा 65(ए)(ई), 81, 83, 98(2) और 116(बी) के तहत दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में राज्य निगरानी प्रकोष्ठ द्वारा कई बड़े निषेध अभियान चलाए जा चुके हैं, और यह ताज़ा जब्ती उसी क्रम में एक और बड़ी कार्रवाई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस सभी पाँचों आरोपियों की तलाश में जुटी है। राज्य निगरानी प्रकोष्ठ के अनुसार, डीजीपी मलिक के निर्देशों के बाद से गुजरात में निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामलों पर शिकंजा और कड़ा किया जा रहा है।