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महिसागर में गुजरात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: ₹1.86 करोड़ की शराब जब्त, 7 गिरफ्तार, 16 वांछित

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महिसागर में गुजरात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: ₹1.86 करोड़ की शराब जब्त, 7 गिरफ्तार, 16 वांछित

सारांश

गुजरात के महिसागर में पुलिस ने बालासिनोर के GIDC गोदाम से ₹1.86 करोड़ की शराब और संपत्ति जब्त की। 41,600 बोतलें, तीन वाहन और पशु आहार की बोरियों में छिपाया गया स्टॉक बरामद हुआ। 7 गिरफ्तार, 16 वांछित — मुख्य आरोपी मनीष मेहरा अभी फरार है।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने 12 जुलाई को महिसागर के बालासिनोर GIDC गोदाम पर छापा मारा।
कुल ₹1,86,24,850 की संपत्ति जब्त — जिसमें 41,600 बोतलें/डिब्बे ( ₹1,56,81,120 ), 3 वाहन और 8 मोबाइल फोन शामिल।
7 आरोपी गिरफ्तार , 2 नाबालिगों पर मामला दर्ज, 16 आरोपी वांछित घोषित।
मुख्य आरोपी मनीष मेहरा पर शराब की खेप मंगवाने का आरोप; जयंती ठाकोर पर गोदाम किराए पर लेने और पुलिस पर नज़र रखने का संदेह।
मामला गुजरात निषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत बालासिनोर पुलिस स्टेशन में दर्ज।

गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने 12 जुलाई को महिसागर जिले के बालासिनोर स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर ₹1.86 करोड़ से अधिक की भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और अन्य संपत्ति जब्त की। इस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज कर 16 अन्य आरोपियों को वांछित घोषित किया गया है।

छापेमारी का घटनाक्रम

राज्य निगरानी प्रकोष्ठ के पुलिस सब-इंस्पेक्टर जेएस राजपूत के नेतृत्व में टीम ने बालासिनोर के जीआईडीसी क्षेत्र में प्लॉट संख्या I-1 और I-3 पर स्थित गोदामों पर निषेधाज्ञा छापेमारी की। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (DGP) जीएस मलिक के उस निर्देश के बाद हुई जिसमें उन्होंने राज्य भर में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तेज करने का आदेश दिया था।

जब्त संपत्ति का विवरण

राज्य निगरानी प्रकोष्ठ के अनुसार, अधिकारियों ने गोदाम से 41,600 बोतलें और बीयर के डिब्बे बरामद किए, जिनका बाज़ार मूल्य ₹1,56,81,120 आँका गया है। इसके अतिरिक्त ₹28.30 लाख मूल्य के तीन वाहन, ₹96,000 मूल्य के आठ मोबाइल फोन, ₹17,730 नकद और ₹3,750 मूल्य के पशु आहार के 150 बोरे भी बरामद किए गए।

कथित तौर पर इन पशु आहार की बोरियों का उपयोग शराब के भंडार को छिपाने के लिए किया जा रहा था। जब्त की गई समस्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹1,86,24,850 निर्धारित किया गया है।

मुख्य आरोपी और नेटवर्क

पुलिस ने वांछित आरोपियों में मनीष मेहरा को मुख्य आरोपी बताया है, जिस पर कथित तौर पर शराब की खेप मंगवाने का आरोप है। उसके कथित सहयोगियों में पिंटुकुमार उर्फ जीजाजी भोई और कांजी उर्फ कान्हो परमार शामिल हैं।

जाँचकर्ताओं ने जयंती ठाकोर का भी नाम लिया है, जिस पर गोदाम किराए पर लेने और पुलिस की गतिविधियों पर नज़र रखने का आरोप है। इसके अलावा किरितसिंह परमार, विष्णुसिंह तोमर, राकेशसिंह जाट और श्यामजी चौधरी सहित कई मज़दूर भी वांछित सूची में हैं।

कानूनी कार्रवाई

बालासिनोर पुलिस स्टेशन में गुजरात निषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में गिरफ्तार सात आरोपियों, दो नाबालिगों और 16 वांछित आरोपियों के नाम दर्ज हैं। यह मामला अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है।

आगे की जाँच

गौरतलब है कि गुजरात एक शुष्क राज्य है, जहाँ शराब की बिक्री और खपत पर पूर्ण प्रतिबंध है, फिर भी अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय रहते हैं। DGP मलिक के निर्देशों के बाद यह राज्य निगरानी प्रकोष्ठ की हाल के हफ्तों में बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। पुलिस वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 16 में से अधिकांश वांछित आरोपी — जिनमें कथित मास्टरमाइंड मनीष मेहरा भी शामिल है — अभी भी फरार हैं। जब तक नेटवर्क के शीर्ष सूत्रधार पकड़े नहीं जाते, ऐसी छापेमारियाँ आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने की बजाय महज़ मध्यवर्ती कड़ियों को हटाने तक सीमित रहती हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिसागर में गुजरात पुलिस ने क्या जब्त किया?
गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी प्रकोष्ठ ने बालासिनोर के GIDC गोदाम से ₹1,86,24,850 की संपत्ति जब्त की, जिसमें 41,600 शराब की बोतलें और बीयर के डिब्बे, तीन वाहन, आठ मोबाइल फोन, नकदी और पशु आहार के 150 बोरे शामिल हैं।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कितने वांछित हैं?
इस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दो नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा 16 अन्य आरोपियों को अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क के सिलसिले में वांछित घोषित किया गया है।
इस मामले का मुख्य आरोपी कौन है?
पुलिस ने मनीष मेहरा को मुख्य आरोपी बताया है, जिस पर कथित तौर पर शराब की खेप मंगवाने का आरोप है। वह अभी फरार है और वांछित सूची में शामिल है।
यह छापेमारी किस कानून के तहत की गई?
यह कार्रवाई गुजरात निषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत की गई। बालासिनोर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
गुजरात में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद तस्करी कैसे होती है?
गुजरात एक शुष्क राज्य है जहाँ शराब की बिक्री और खपत पर पूर्ण प्रतिबंध है, फिर भी अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय रहते हैं। इस मामले में तस्करों ने कथित तौर पर शराब को पशु आहार की बोरियों में छिपाकर रखा था, जो उनके संगठित तरीकों को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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