गुजरात: खेड़ा-आनंद में शराब तस्करी नाकाम, ₹56 लाख से ज़्यादा की IMFL जब्त, एक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने 6 जुलाई को खेड़ा और आनंद जिलों में एक साथ चलाए गए दो अभियानों में ₹56,48,396 से अधिक मूल्य की इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और अन्य सामग्री जब्त की। दोनों छापों में कुल 13,773 बोतलें बरामद हुईं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पहला और सबसे बड़ा ऑपरेशन पुलिस इंस्पेक्टर एवाई बलोच की अगुवाई में खेड़ा जिले के नेशनल हाईवे-64 पर संधाना गांव स्थित होटल सहयोग के पार्किंग क्षेत्र में चलाया गया। इस छापे में ₹41,43,396 मूल्य की IMFL की 5,940 बोतलें बरामद हुईं। अन्य सामग्री सहित इस ऑपरेशन में जब्त सामान की कुल कीमत ₹56,48,396 आंकी गई।
दूसरा ऑपरेशन पुलिस इंस्पेक्टर पीबी जेबलिया के नेतृत्व में आनंद जिले के वडोदरा-अहमदाबाद रोड पर वसद टोल प्लाजा के निकट चलाया गया। यहाँ ₹14,88,239 मूल्य की 7,833 बोतलें जब्त हुईं और अन्य सामग्री सहित कुल जब्ती ₹21,99,009 की रही।
गिरफ्तारी और वांछित आरोपी
पुलिस ने आनंद ऑपरेशन में जूनागढ़ जिले के मंगरोल निवासी अरमान बाबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बाबर ने बताया कि उसने मुख्य आरोपी आदिल नजीर शेख के निर्देश पर फैसल माजिदभाई से बोलेरो मैक्स पिकअप वाहन लिया, गोवा गया और तौसीफ इब्राहिम शेख के ज़रिए IMFL की खेप लोड कराकर वापस लौटा।
अधिकारियों के अनुसार, आदिल नजीर शेख (मुख्य आरोपी), फैसल माजिदभाई (वाहन उपलब्ध कराने का आरोप) और तौसीफ इब्राहिम शेख (खेप लोड कराने का आरोप) — तीनों जूनागढ़ जिले के निवासी हैं और अभी वांछित हैं। खेड़ा ऑपरेशन में भी चार वांछित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
दोनों मामले गुजरात प्रोहिबिशन एक्ट की धाराओं 65(ए)(ई), 81, 83, 98(2) और 116(बी) के तहत क्रमशः मतर पुलिस स्टेशन और वसद पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है कि ये अभियान डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जीएस मलिक के उन निर्देशों के तहत चलाए गए, जिनमें पूरे गुजरात में अवैध शराब और जुए की गतिविधियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया गया था।
व्यापक संदर्भ
गुजरात में शराबबंदी 1960 से लागू है, फिर भी राज्य में अवैध शराब की तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पुलिस ने हाल के महीनों में तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज़ किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गोवा से शराब की खेप लाने का यह तरीका तस्करों के बीच प्रचलित है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग आपूर्ति मार्ग के रूप में करते हैं।
स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने स्पष्ट किया कि ये दोनों ऑपरेशन राज्य में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध जारी व्यापक अभियान का हिस्सा हैं। वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश जारी है।