28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन का पर्दाफाश, दिल्ली के सप्लायर समेत 31 गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात जहरीली शराब कांड: मेथनॉल सप्लाई चेन का पर्दाफाश, दिल्ली के सप्लायर समेत 31 गिरफ्तार

सारांश

गुजरात के भावनगर में 13 जानें लेने वाले जहरीली शराब कांड की जड़ें दिल्ली तक पहुँचीं। एसएमसी ने मेथनॉल सप्लाई चेन का पर्दाफाश करते हुए राष्ट्रीय राजधानी से तीन और आरोपी दबोचे — कुल गिरफ्तारियाँ 31 हुईं और पाँच राज्यों में सोलह टीमें मैदान में हैं।

मुख्य बातें

भावनगर जहरीली शराब कांड में मेथनॉल का स्रोत नई दिल्ली में चिह्नित; 27 अगस्त तक कुल 31 आरोपी गिरफ्तार।
दिल्ली निवासी प्रमोदकुमार बुडाकोटी , रोहित प्रधान और केशव जाटव को एसएमसी ने दिल्ली पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया।
त्रासदी में अब तक 13 लोगों की मौत ; मामला 18 अगस्त को वारतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।
जाँच के लिए दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में सोलह टीमें तैनात।
लापरवाही के आरोप में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई; और गिरफ्तारियों की संभावना।

गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) ने भावनगर जहरीली शराब त्रासदी में इस्तेमाल हुई कथित मेथनॉल की सप्लाई चेन का स्रोत नई दिल्ली में चिह्नित कर लिया है। 27 अगस्त तक राष्ट्रीय राजधानी से तीन नए संदिग्धों की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 31 पहुँच गई है। इस त्रासदी में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली से जुड़ा मेथनॉल का स्रोत

अधिकारियों के अनुसार, एसएमसी की जाँच में सामने आया कि दिल्ली निवासी प्रमोदकुमार बुडाकोटी ने कथित तौर पर उसी शहर के दो अन्य व्यक्तियों — रोहित प्रधान और केशव जाटव — को गैर-कानूनी तरीके से मेथनॉल की आपूर्ति की थी। इन दोनों ने कथित रूप से अन्य आरोपियों के माध्यम से उस रसायन को अहमदाबाद स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम तक पहुँचाने की व्यवस्था की।

दिल्ली पुलिस के सहयोग से एसएमसी की टीमों ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गुजरात लाने की प्रक्रिया जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला 18 अगस्त को सामने आया, जब वारतेज पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया। जाँच में खुलासा हुआ कि मौतें मेथनॉल-मिश्रित नकली शराब के सेवन से हुई थीं। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता, 2023 और गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रारंभिक रूप से 21 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक के निर्देश पर जाँच एसएमसी को सौंपी गई और पुलिस इंस्पेक्टर एस.एम. जडेजा ने इसकी कमान संभाली।

बहु-राज्यीय जाँच अभियान

एसएमसी ने आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और साक्ष्य संकलन के लिए दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के विभिन्न जिलों में सोलह विशेष टीमें तैनात की हैं। दूषित शराब की आगे की आपूर्ति रोकने के लिए उन लोगों की भी पहचान की जा रही है जिन्हें यह शराब सप्लाई की गई थी।

गौरतलब है कि यह नेटवर्क रसायन की खरीद, उसे गुजरात तक पहुँचाना, जहरीली शराब का निर्माण और फिर उसके वितरण — इन चार स्तरों पर काम कर रहा था।

विभागीय कार्रवाई और जवाबदेही

पुलिस ने इस घटना में लापरवाही के आरोपी सात कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की है। यह कदम उस व्यापक दबाव के बीच आया है जिसमें यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर नकली शराब का नेटवर्क कैसे सक्रिय रहा।

आगे क्या होगा

एसएमसी के अनुसार, जैसे-जैसे सप्लाई चेन की परतें खुलेंगी, और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। जाँचकर्ता फिलहाल रसायन की खरीद के वित्तीय स्रोतों और नेटवर्क में शामिल अन्य मध्यस्थों का पता लगाने में जुटे हैं। यह मामला गुजरात में नकली शराब के खिलाफ प्रवर्तन तंत्र की खामियों पर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या सप्लाई चेन के वित्तीय सूत्रधारों तक जाँच पहुँचती है या केवल निचले स्तर के वाहक ही पकड़े जाते हैं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भावनगर जहरीली शराब कांड में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
इस त्रासदी में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। मामला 18 अगस्त को वारतेज पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत के रूप में दर्ज हुआ था, जिसके बाद जाँच में मेथनॉल-मिश्रित नकली शराब का खुलासा हुआ।
गुजरात एसएमसी ने मेथनॉल की सप्लाई चेन कहाँ तक ट्रेस की?
गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने मेथनॉल का स्रोत नई दिल्ली में चिह्नित किया है। दिल्ली निवासी प्रमोदकुमार बुडाकोटी ने कथित तौर पर रोहित प्रधान और केशव जाटव को मेथनॉल सप्लाई किया, जिन्होंने इसे अहमदाबाद के एक ट्रांसपोर्ट गोदाम तक पहुँचाया।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
27 अगस्त तक इस मामले में कुल 31 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें दिल्ली से गिरफ्तार तीन नए संदिग्ध भी शामिल हैं, जिन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाने की प्रक्रिया जारी है।
जाँच की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है?
डीजीपी जी.एस. मलिक के निर्देश पर जाँच गुजरात पुलिस के स्टेट मॉनिटरिंग सेल को सौंपी गई है। पुलिस इंस्पेक्टर एस.एम. जडेजा इस जाँच की अगुआई कर रहे हैं और पाँच राज्यों में सोलह टीमें तैनात हैं।
क्या इस मामले में पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है?
हाँ, पुलिस ने इस घटना में लापरवाही बरतने के आरोपी सात कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जाँच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले