सागर जहरीली शराब कांड: 12 मौतें, 84 अस्पताल में भर्ती, 30 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बांदा तहसील में जहरीली शराब पीने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 84 पीड़ित विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने 7 सितंबर 2026 तक 30 से अधिक नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और इनमें से 10 को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
घटनाक्रम और पीड़ितों की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, 84 भर्ती मरीजों में से 59 को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), 17 को जिला अस्पताल और 7 को बांदा सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को एयरलिफ्ट करके एम्स भोपाल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और नए मरीजों के आने की संख्या में कमी आई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रभावित मरीजों को आवश्यक दवाएँ, जाँच की सुविधाएँ और डायलिसिस प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चल रहा है।
शराब में मेथनॉल की मिलावट, बाहर से हुई सप्लाई
शुरुआती जाँच से पता चला है कि जहरीली शराब इलाके के बाहर तैयार की गई थी और स्थानीय स्तर पर वितरित की गई थी। जाँचकर्ताओं के अनुसार, इसमें मेथनॉल की मिलावट पाई गई है — जो इस तरह की मौतों का सबसे सामान्य और घातक कारण होता है। गौरतलब है कि मेथनॉल युक्त शराब का सेवन आँखों की रोशनी जाने और अंग विफलता का कारण बन सकता है।
पुलिस की विशेष टीमें बनाकर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। बांदा थाने में भारतीय न्याय संहिता और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम-1915 की धाराओं के तहत 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, विनायक थाने में भी 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ अलग मुकदमा दर्ज किया गया है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सोमवार सुबह उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। शुक्ला ने ICU और CCU वार्डों का दौरा किया, मरीजों से बातचीत की और उनके परिजनों से मुलाकात की।
उन्होंने अधिकारियों को अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश देते हुए कहा, 'लापरवाही बरतने या चूक के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।
शुक्ला ने सभी शराब की दुकानों के निरीक्षण, स्टॉक की जाँच और अवैध शराब के कारोबार की विस्तृत जाँच के आदेश भी दिए।
पुलिस कार्रवाई और जाँच की स्थिति
सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि अब तक 20 में से 10 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विशेष टीमें गठित कर फरार आरोपियों की तलाश जारी है। यह मध्य प्रदेश में हाल के वर्षों में जहरीली शराब की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने जिले भर में अवैध शराब के ठिकानों की व्यापक तलाशी का अभियान शुरू किया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मेथनॉल के स्रोत का पता लगाना अभी प्राथमिकता में है। मरीजों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और अस्पतालों को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।