10 अगस्त 2026
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स्विट्जरलैंड बैठक टली, ईरान बोला — अमेरिका के साथ नई वार्ता की तैयारी जारी

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स्विट्जरलैंड बैठक टली, ईरान बोला — अमेरिका के साथ नई वार्ता की तैयारी जारी

सारांश

स्विट्जरलैंड में होने वाली ईरान-अमेरिका बैठक टल गई — लेकिन इसलिए नहीं कि वार्ता टूटी, बल्कि इसलिए कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन और ट्रंप ने गुरुवार को ही इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर कर दिए। अब असली परीक्षा होर्मुज़ खोलने और फ्रीज़ संपत्तियों की वापसी जैसी संवेदनशील शर्तों को ज़मीन पर उतारने की है।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 20 जून को पुष्टि की कि स्विट्जरलैंड बैठक स्थगित हुई।
बैठक इसलिए रद्द हुई क्योंकि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ही इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर कर दिए।
समझौते की शर्तों में होर्मुज़ स्ट्रेट को 60 दिनों के लिए शुल्क-मुक्त खोलना और ईरान की फ्रीज़ संपत्तियाँ जारी करना शामिल।
ईरान अपनी मौजूदा परमाणु स्थिति बनाए रखेगा; IAEA की निगरानी बुशहर जैसी निर्धारित जगहों तक सीमित।
ईरान , अमेरिका और पाकिस्तान ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्ति के समझौते की घोषणा की।
नई वार्ता की तारीख मध्यस्थ के ज़रिए शर्तें तय होने के बाद घोषित होगी।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 20 जून को पुष्टि की कि स्विट्जरलैंड में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच निर्धारित बैठक स्थगित कर दी गई है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में एक नई बैठक की रूपरेखा तैयार की जा रही है और मध्यस्थ के माध्यम से सलाह-मशविरा जारी है।

बैठक क्यों टली

बाघेई के अनुसार, शुक्रवार की यह बैठक मूल रूप से समझौते पर हस्ताक्षर करने और अंतिम वार्ता की व्यवस्था तय करने के लिए बुलाई गई थी। किंतु यह बैठक अनावश्यक हो गई, क्योंकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार की सुबह इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए। इस प्रकार, जो काम बैठक में होना था, वह पहले ही संपन्न हो गया।

ज्ञापन समझौते की शर्तें

हाल ही में हस्ताक्षरित ज्ञापन समझौते के तहत, बातचीत की शुरुआत कुछ प्रमुख शर्तों के लागू होने पर निर्भर है। इनमें शामिल हैं — लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध और सैन्य अभियानों की समाप्ति, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना, 60 दिनों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को जहाज़ों के आवागमन के लिए शुल्क-मुक्त खोलना, ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और डेरिवेटिव्स के निर्यात पर अमेरिका द्वारा छूट देना, तथा ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्तियों को जारी करना।

परमाणु मामले पर ईरान का रुख

बाघेई ने बताया कि समझौते के तहत ईरान अपनी मौजूदा परमाणु स्थिति को बनाए रखेगा। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसी निर्धारित जगहों तक ही सीमित रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इज़रायली हमलों के बाद जिन स्थानों तक पहुँच प्रतिबंधित की गई थी, उन तक पहुँच की अनुमति वार्ता की प्रक्रिया और उसके परिणाम पर निर्भर करेगी।

क्षेत्रीय युद्धविराम का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान ने सोमवार सुबह कई हफ्तों की बातचीत के बाद, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर क्षेत्रीय युद्ध समाप्त करने के लिए एक व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। यह ऐसे समय में आया जब 28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान समेत ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइलों और ड्रोन से इज़रायल तथा क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली, जिससे इज़रायल और अमेरिका के जहाज़ों का आवागमन बाधित हो गया।

आगे की राह

अगले चरण की वार्ता की तारीख मध्यस्थ के ज़रिए शर्तें तय होने के बाद घोषित की जाएगी। विश्लेषकों की नज़र इस बात पर होगी कि होर्मुज़ स्ट्रेट की शुल्क-मुक्त बहाली और फ्रीज़ संपत्तियों की वापसी जैसी संवेदनशील शर्तें किस क्रम में लागू होती हैं — क्योंकि यही दोनों पक्षों के बीच विश्वास-निर्माण की असली कसौटी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका बैठक क्यों टाली गई?
बैठक इसलिए अनावश्यक हो गई क्योंकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार की सुबह ही इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए। जो काम बैठक में होना था, वह पहले ही संपन्न हो गया।
ईरान-अमेरिका समझौते की प्रमुख शर्तें क्या हैं?
समझौते की शर्तों में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्ति, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना, होर्मुज़ स्ट्रेट को 60 दिनों के लिए शुल्क-मुक्त खोलना, ईरानी तेल निर्यात पर छूट और फ्रीज़ संपत्तियाँ जारी करना शामिल हैं।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस समझौते में कहाँ खड़ा है?
बाघेई के अनुसार, ईरान अपनी मौजूदा परमाणु स्थिति बनाए रखेगा और IAEA की निगरानी बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसी निर्धारित जगहों तक सीमित रहेगी। अमेरिका और इज़रायली हमलों के बाद प्रतिबंधित स्थानों तक पहुँच वार्ता के नतीजे पर निर्भर करेगी।
इस युद्धविराम में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान ने मिलकर क्षेत्रीय युद्ध समाप्ति के समझौते की घोषणा की। पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और अगले चरण की वार्ता के लिए भी मध्यस्थ के ज़रिए सलाह-मशविरा जारी है।
ईरान-अमेरिका के बीच यह संघर्ष कब और कैसे शुरू हुआ?
28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान समेत ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइलों और ड्रोन से इज़रायल व अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया और होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण मज़बूत किया, जिससे दोनों देशों के जहाज़ों का आवागमन बाधित हो गया।
राष्ट्र प्रेस
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