10 अगस्त 2026
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ईरान का एमओयू के बिंदु 1, 4, 5, 10, 11 लागू होने पर जोर, स्विट्जरलैंड में अमेरिका से बैठक आज

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ईरान का एमओयू के बिंदु 1, 4, 5, 10, 11 लागू होने पर जोर, स्विट्जरलैंड में अमेरिका से बैठक आज

सारांश

ईरान ने साफ कर दिया है — अंतिम समझौते की बातचीत से पहले एमओयू के पाँच अहम बिंदु लागू होने चाहिए, खासकर लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध विराम। स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में अमेरिका के साथ यह बैठक 18 जून के एमओयू की समीक्षा का अगला अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 21 जून 2026 को स्पष्ट किया कि एमओयू के बिंदु 1, 4, 5, 10 और 11 लागू हुए बिना अंतिम समझौते की वार्ता नहीं होगी।
सबसे महत्वपूर्ण बिंदु 1 में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध विराम शामिल है।
बैठक में ईरान के तेल निर्यात और जमी हुई संपत्तियों की रिहाई पर भी चर्चा होगी।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल कोडनेम 'मिनाब 168' के साथ बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट, स्विट्जरलैंड पहुंचा।
यह बैठक 18 जून 2026 को हस्ताक्षरित एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 21 जून 2026 को स्पष्ट किया कि इस्लामी गणराज्य ईरान युद्ध समाप्ति समझौते के तहत दूसरे पक्ष की प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि 18 जून को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रमुख बिंदुओं को लागू किए बिना अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना संभव नहीं है।

स्विट्जरलैंड बैठक का उद्देश्य

प्रवक्ता बाघेई ने बताया कि रविवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक का मूल उद्देश्य 18 जून के एमओयू के प्रावधानों की समीक्षा करना और उनके क्रियान्वयन की दिशा में अगले कदम तय करना है। बैठक में ईरान के तेल निर्यात और जमी हुई संपत्तियों की रिहाई जैसे अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।

एमओयू के कौन-से बिंदु पहले लागू होने चाहिए

बाघेई ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'इस्लामी गणराज्य ईरान दूसरे पक्ष के वादों को लागू करने की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और सावधानी के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि एमओयू की शर्त के अनुसार अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू करने से पहले बिंदु 1, 4, 5, 10 और 11 को लागू करना अनिवार्य है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बिंदु 1 है, जिसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध विराम शामिल है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंचा

अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्जरलैंड पहुंचा। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी टीवी के अनुसार प्रतिनिधिमंडल बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में बैठक में भाग लेगा। रिपोर्टों के अनुसार ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कोडनेम 'मिनाब 168' बताया गया है।

स्विस विदेश मंत्रालय का स्वागत

स्विस विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, 'हम स्विट्जरलैंड में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के आने का स्वागत करते हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित ज्ञापन समझौते को लागू करने के हिस्से के तौर पर बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट जा रहा है।' यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मध्य-पूर्व में तनाव कम करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज हो रहे हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि एमओयू के प्रमुख बिंदुओं के क्रियान्वयन की पुष्टि के बाद ही अंतिम समझौते की बातचीत का अगला चरण शुरू हो सकेगा। ईरान का रुख स्पष्ट है — तेल निर्यात बहाली और जमी संपत्तियों की रिहाई उसकी प्राथमिक शर्तें हैं, और इन पर ठोस प्रगति के बिना वह अंतिम वार्ता की मेज पर नहीं बैठेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले अनुभवों से सबक लेती है जहाँ वादे कागज पर रहे और अमल नहीं हुआ। तेल निर्यात और जमी संपत्तियों की रिहाई को शर्त बनाना बताता है कि तेहरान इस बार आर्थिक राहत को कूटनीतिक प्रगति से अलग नहीं रखना चाहता। सवाल यह है कि अमेरिका इन शर्तों की समयसीमा पर कितना लचीलापन दिखाता है — क्योंकि बिना ठोस क्रियान्वयन के यह बैठक भी पिछली वार्ताओं की तरह महज एक औपचारिकता बनकर रह सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्विट्जरलैंड में ईरान-अमेरिका बैठक का उद्देश्य क्या है?
यह बैठक 18 जून 2026 को हस्ताक्षरित एमओयू के प्रावधानों की समीक्षा और उनके क्रियान्वयन की दिशा में अगले कदम तय करने के लिए बुलाई गई है। बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में होने वाली इस बैठक में ईरान के तेल निर्यात और जमी संपत्तियों की रिहाई पर भी चर्चा होगी।
ईरान ने अंतिम समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि एमओयू के बिंदु 1, 4, 5, 10 और 11 को पहले लागू किया जाना अनिवार्य है। इनमें सबसे अहम बिंदु 1 है, जिसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध विराम शामिल है।
18 जून का एमओयू क्या था?
18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर युद्ध विराम, तेल निर्यात और जमी संपत्तियों की रिहाई जैसे बिंदु शामिल हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कोडनेम क्या है और वे कहाँ ठहरे हैं?
रिपोर्टों के अनुसार ईरानी प्रतिनिधिमंडल का कोडनेम 'मिनाब 168' है। प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में बैठक में भाग लेने के लिए शनिवार देर रात पहुंचा।
इस्माइल बाघेई ने एक्स पर क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान दूसरे पक्ष के वादों को लागू करने की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और सावधानी के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एमओयू के प्रमुख बिंदु लागू हुए बिना अंतिम समझौते की बातचीत संभव नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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