जम्मू-कश्मीर: AAY परिवारों को 6 मुफ्त LPG सिलेंडर की योजना मंजूर, विधानसभा में BJP का हंगामा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 24 सितंबर 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थी परिवारों को सालाना 6 मुफ्त LPG सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी दे दी गई है। इस ऐलान के तुरंत बाद सदन में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और 'झूठी सरकार' तथा 'ये धोखा है' के नारे लगाए।
मंत्री की विधानसभा में घोषणा
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने सदन को बताया कि सरकार ने AAY परिवारों के लिए यह योजना औपचारिक रूप से स्वीकृत कर ली है। AAY योजना देश के सबसे गरीब परिवारों को लक्षित करती है, और इस घोषणा को राज्य सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
विपक्ष का आरोप: चुनावी वादे से पीछे हटी सरकार
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'दो साल पहले, आपने हर परिवार के लिए 12 मुफ्त सिलेंडरों की घोषणा की थी। आज मंत्री कह रहे हैं कि AAY को 6 सिलेंडर दिए जाएंगे। यह मजाक है। आप बेनकाब हो गए हैं। आपने लोगों को धोखा दिया है। सभी को 6 सिलेंडर भी नहीं देना गरीबों के साथ विश्वासघात है।'
सुनील शर्मा ने यह भी कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान हर परिवार को 12 मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन अब केवल AAY परिवारों तक सीमित करके और संख्या घटाकर 6 करके सरकार अपने मूल वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने 1 लाख नौकरियों और 200 यूनिट मुफ्त बिजली के अधूरे वादों पर भी सवाल उठाए।
सदन में माहौल और स्पीकर का हस्तक्षेप
सुनील शर्मा की इन टिप्पणियों के बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी जोरदार विरोध जताया, जबकि BJP सदस्य नारेबाजी जारी रखे। इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने काफी देर तक चले इस हंगामे के बीच व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया।
शरदकालीन सत्र में BJP का लगातार विरोध
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के मौजूदा शरदकालीन सत्र के दौरान BJP विधायक लगातार आक्रामक विरोध प्रदर्शन और वॉकआउट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार के साथ BJP कई जन और राजनीतिक मुद्दों पर टकराव में है।
इस सत्र में BJP के प्रमुख विरोध के मुद्दों में दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, बढ़े हुए मानदेय की माँग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों के लिए नौकरी सुरक्षा नीतियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, हाल ही में बिजली दर में 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के विरुद्ध भी BJP ने तीखा विरोध दर्ज कराया है, जिससे उपभोक्ताओं पर ₹251 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में पहली निर्वाचित सरकार के गठन के बाद से ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कल्याणकारी वादों की पूर्ति को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। AAY योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा, लाभार्थियों की संख्या और वितरण तंत्र पर सरकार की ओर से विस्तृत दिशानिर्देश अपेक्षित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि असली परीक्षा योजना के ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी।