24 सितंबर 2026
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अंडमान: तटरक्षक बल ने उफनते समुद्र में बांग्लादेशी नाविक को बचाया, रात में चला रेस्क्यू ऑपरेशन

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अंडमान: तटरक्षक बल ने उफनते समुद्र में बांग्लादेशी नाविक को बचाया, रात में चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सारांश

उफनते समुद्र, रात का अँधेरा और गंभीर रूप से घायल बांग्लादेशी नाविक — भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने डिगलीपुर के पास मिलकर एक जीवन बचाया। समुद्र से हवाई निकासी तक का यह मिशन भारत की मानवीय समुद्री क्षमता का प्रमाण है।

मुख्य बातें

भारतीय तटरक्षक बल ने 24 सितंबर 2026 को डिगलीपुर , अंडमान के निकट रात में बचाव अभियान चलाया।
एमवी एमरिस पर सवार 36 वर्षीय बांग्लादेशी नाविक जहाज पर गिरने से सिर और रीढ़ में गंभीर रूप से घायल था।
भारतीय तटरक्षक पोत राजदूत को तत्काल राहत एवं चिकित्सा निकासी के लिए रवाना किया गया।
घायल नाविक को भारतीय नौसेना के विमान से श्री विजयपुरम पहुँचाकर जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अभियान में तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना के बीच समन्वय की सराहना की गई।

भारतीय तटरक्षक बल ने 24 सितंबर 2026 को डिगलीपुर, अंडमान के निकट उफनते समुद्र के बीच रात में एक साहसिक बचाव अभियान चलाकर एमवी एमरिस जहाज पर सवार एक 36 वर्षीय बांग्लादेशी नाविक की जान बचाई। घायल नाविक के सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं, और समय पर की गई कार्रवाई ने उसे तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

कैसे मिली सूचना और कैसे शुरू हुआ अभियान

विजयपुरम स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र से सूचना प्राप्त होने के बाद भारतीय तटरक्षक मुख्यालय, अंडमान एवं निकोबार ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। सूचना के अनुसार, एमवी एमरिस पर जहाज पर गिरने की घटना में एक बांग्लादेशी चालक दल सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए भारतीय तटरक्षक पोत राजदूत को राहत एवं चिकित्सा निकासी अभियान के लिए तत्काल रवाना किया गया।

खराब मौसम में जोखिम उठाकर नाविक को पहुँचाया सुरक्षित

तेज लहरों और प्रतिकूल मौसम की परवाह किए बिना तटरक्षक कर्मियों ने घायल नाविक को सुरक्षित पोत पर पहुँचाया। इसके बाद उसे डिगलीपुर बंदरगाह लाया गया, जहाँ भारतीय नौसेना ने भी त्वरित सहायता प्रदान की। यह ऐसे समय में आया है जब अंडमान के आसपास के समुद्री क्षेत्र में मौसमी विक्षोभ के कारण हालात विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

हवाई निकासी और अस्पताल में भर्ती

डिगलीपुर बंदरगाह से भारतीय नौसेना के विमान के ज़रिए घायल नाविक को तत्काल श्री विजयपुरम पहुँचाया गया। वहाँ पहुँचने पर उसे आगे के आवश्यक उपचार के लिए जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, समुद्री बचाव से लेकर हवाई निकासी तक पूरे अभियान में तटरक्षक बल और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल देखा गया।

तटरक्षक-नौसेना समन्वय की मिसाल

गौरतलब है कि यह अभियान समुद्री बचाव कार्यों में भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना के संयुक्त ऑपरेशन का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में रात के अँधेरे में अंजाम दिए गए इस मिशन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि दोनों बलों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता किस हद तक जीवन बचाने में सक्षम है।

चेन्नई में शिष्टाचार भेंट

इस बीच, चेन्नई में दक्षिण भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल उल्हास किर्पेकर, एवीएसएम, एसएम ने गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से लोक भवन में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर रेखांकित किया है कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी आपात स्थिति में, चाहे राष्ट्रीयता कोई भी हो, मानवीय सहायता से पीछे नहीं हटते।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में एक बांग्लादेशी नागरिक की जान बचाने की यह कार्रवाई सद्भाव का एक अनकहा संदेश भी देती है। अंडमान एवं निकोबार की भौगोलिक स्थिति भारत को हिंद-प्रशांत में एक अपरिहार्य समुद्री सुरक्षा भागीदार बनाती है, और ऐसे मिशन इस भूमिका को ज़मीनी स्तर पर पुष्ट करते हैं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडमान में बांग्लादेशी नाविक को कैसे बचाया गया?
विजयपुरम के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र से सूचना मिलने पर भारतीय तटरक्षक पोत राजदूत को रवाना किया गया। खराब मौसम और उफनती लहरों के बावजूद कर्मियों ने एमवी एमरिस से घायल नाविक को सुरक्षित निकाला और डिगलीपुर बंदरगाह पहुँचाया।
एमवी एमरिस पर क्या हुआ था?
एमवी एमरिस पर सवार 36 वर्षीय बांग्लादेशी चालक दल सदस्य जहाज पर गिरने की दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर और रीढ़ की हड्डी में चोटें आई थीं, जिसके कारण तत्काल चिकित्सा निकासी आवश्यक हो गई थी।
घायल नाविक को कहाँ इलाज के लिए भर्ती किया गया?
घायल नाविक को भारतीय नौसेना के विमान से श्री विजयपुरम पहुँचाया गया और वहाँ जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डिगलीपुर बंदरगाह पर भारतीय नौसेना ने भी त्वरित सहायता प्रदान की थी।
इस अभियान में तटरक्षक और नौसेना की क्या भूमिका रही?
भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में बचाव और पोत पर सवार करने का कार्य किया, जबकि भारतीय नौसेना ने डिगलीपुर बंदरगाह पर सहायता दी और विमान के ज़रिए घायल को श्री विजयपुरम पहुँचाया। अधिकारियों के अनुसार दोनों बलों के बीच समन्वय उल्लेखनीय रहा।
यह बचाव अभियान कहाँ और कब हुआ?
यह अभियान 24 सितंबर 2026 को अंडमान के डिगलीपुर के निकट समुद्री क्षेत्र में चलाया गया। अभियान रात के समय प्रतिकूल मौसम और उफनते समुद्र के बीच शुरू किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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