5 अक्टूबर 2026
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अंडमान में भारतीय सैन्य दल ने बचाई घायल वियतनामी नागरिक की जान, MT Sun 09 से किया रेस्क्यू

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अंडमान में भारतीय सैन्य दल ने बचाई घायल वियतनामी नागरिक की जान, MT Sun 09 से किया रेस्क्यू

सारांश

समुद्र में दो अलग-अलग संकट, एक ही 24 घंटे में — अंडमान और निकोबार कमान ने वियतनामी नाविक को MT Sun 09 से बचाया और तटरक्षक बल ने लक्षद्वीप में 66 वर्षीय मरीज़ को डोर्नियर विमान से कोच्चि पहुँचाया। हिंद महासागर में भारत की 'पहले उत्तरदाता' भूमिका एक बार फिर साबित हुई।

मुख्य बातें

अंडमान और निकोबार कमान ने 4 अक्टूबर 2026 को व्यापारी जहाज MT Sun 09 से घायल वियतनामी नागरिक को बचाया।
बचाव अभियान इंदिरा प्वाइंट के आसपास चलाया गया; घायल को नौका के ज़रिए जहाज पर लाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
घायल को आगे के उपचार के लिए कैंपबेल बे की चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित किया गया।
करीब 24 घंटे पहले भारतीय तटरक्षक बल ने लक्षद्वीप में 66 वर्षीय मरीज़ का हवाई निकासी अभियान चलाया।
उस मरीज़ को तत्काल मस्तिष्क एवं तंत्रिका शल्य चिकित्सा की ज़रूरत थी; डोर्नियर विमान से अगत्ती से कोच्चि पहुँचाया गया।

अंडमान और निकोबार कमान (ANC) ने 4 अक्टूबर 2026 को समुद्र में चिकित्सकीय संकट में फंसे एक वियतनामी नागरिक को सुरक्षित बचाकर उसे कैंपबेल बे पहुँचाया, जहाँ उसे आगे का उपचार उपलब्ध कराया गया। घायल व्यक्ति व्यापारी जहाज एमटी सन 09 पर सवार था और एक हादसे में चोटिल हो गया था, जिसके बाद समुद्र के बीच उसे तत्काल चिकित्सकीय निकासी की आवश्यकता पड़ी।

बचाव अभियान का घटनाक्रम

ANC कमान को सूचना मिलते ही नौसेना के समुद्री घटक का एक जहाज इंदिरा प्वाइंट के आसपास के क्षेत्र में तत्काल रवाना किया गया। भारतीय सैन्य दल ने नौका के ज़रिए घायल व्यक्ति तक पहुँच बनाई और बिना देर किए उसे सुरक्षित जहाज पर लाया। जहाज पर ही घायल को प्राथमिक उपचार दिया गया तथा उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

कैंपबेल बे में उपचार

प्रारंभिक चिकित्सकीय देखभाल के बाद घायल वियतनामी नागरिक को कैंपबेल बे स्थित चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उसे आगे के उपचार की व्यवस्था की गई। समुद्र की कठिन परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित तरीके से चलाए गए इस अभियान ने अंडमान और निकोबार कमान की समुद्री सुरक्षा और जीवन रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार फिर उजागर किया।

एक दिन पहले तटरक्षक का अभियान — लक्षद्वीप में 66 वर्षीय की जान बची

इस बचाव मिशन से करीब 24 घंटे पहले भारतीय तटरक्षक बल ने खराब मौसम और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लक्षद्वीप में 66 वर्षीय एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को सफलतापूर्वक बचाया था। यह अभियान लक्षद्वीप प्रशासन तथा कोच्चि और कवरत्ती स्थित तटरक्षक ज़िला मुख्यालयों के समन्वय से पूरा किया गया।

उस मरीज़ को तत्काल मस्तिष्क एवं तंत्रिका संबंधी शल्य चिकित्सा की ज़रूरत थी और उसे लगातार ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता थी। अगत्ती से कोच्चि पहुँचाने के लिए कोच्चि तटरक्षक वायु प्रतिष्ठान से डोर्नियर विमान भेजा गया। विमान में भी मरीज़ को निरंतर ऑक्सीजन सहायता प्रदान की गई।

भारतीय सैन्य बलों की समुद्री भूमिका

यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा भूमिका लगातार विस्तृत होती जा रही है। अंडमान और निकोबार कमान एकमात्र ऐसी त्रि-सेवा कमान है जो नौसेना, वायु सेना और थल सेना की संयुक्त क्षमता के साथ समुद्री घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देती है। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल नियमित रूप से पड़ोसी देशों के नागरिकों सहित विदेशी नाविकों और मछुआरों को समुद्री संकट से बाहर निकालते रहे हैं।

दोनों अभियान मिलकर यह रेखांकित करते हैं कि भारतीय सैन्य और अर्धसैनिक बल समुद्री आपदाओं में 'पहले उत्तरदाता' की भूमिका निभाने में सक्षम हैं — चाहे स्थितियाँ कितनी भी विकट क्यों न हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समुद्र में भी निभा रहा है। यह ऐसे समय में विशेष रूप से उल्लेखनीय है जब हिंद महासागर में चीन की नौसैनिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं और भारत अपनी समुद्री क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। मुख्यधारा की कवरेज इन घटनाओं को अलग-अलग रिपोर्ट करती है, जबकि एक ही दिन में दो सफल ऑपरेशन एक बड़े संस्थागत तैयारी के स्तर को दर्शाते हैं जो ध्यान देने योग्य है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडमान में भारतीय सेना ने किसे और कैसे बचाया?
अंडमान और निकोबार कमान ने 4 अक्टूबर 2026 को व्यापारी जहाज MT Sun 09 पर सवार एक घायल वियतनामी नागरिक को बचाया। नौसेना का जहाज इंदिरा प्वाइंट के पास पहुँचा, नौका के ज़रिए घायल को जहाज पर लाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उसे कैंपबेल बे की चिकित्सा सुविधा में पहुँचाया गया।
कैंपबेल बे कहाँ है और वहाँ क्यों ले जाया गया?
कैंपबेल बे अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित एक कस्बा है जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। घायल वियतनामी नागरिक को समुद्री बचाव के बाद आगे के उपचार के लिए वहाँ पहुँचाया गया क्योंकि यह निकटतम उपयुक्त चिकित्सा केंद्र था।
लक्षद्वीप में तटरक्षक बल का अभियान क्या था?
भारतीय तटरक्षक बल ने ANC के अभियान से करीब 24 घंटे पहले लक्षद्वीप में 66 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति का हवाई निकासी अभियान चलाया। मरीज़ को मस्तिष्क एवं तंत्रिका शल्य चिकित्सा की तत्काल ज़रूरत थी और कोच्चि तटरक्षक वायु प्रतिष्ठान के डोर्नियर विमान से अगत्ती से कोच्चि पहुँचाया गया।
अंडमान और निकोबार कमान ऐसे समुद्री बचाव अभियानों में क्यों अहम है?
अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र त्रि-सेवा एकीकृत कमान है, जो नौसेना, वायु सेना और थल सेना की संयुक्त क्षमता के साथ हिंद महासागर में त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे दक्षिण-पूर्व एशियाई समुद्री मार्गों के करीब रखती है, जिससे ऐसे आपातकालीन अभियान संभव हो पाते हैं।
क्या भारत नियमित रूप से विदेशी नागरिकों को समुद्र में बचाता है?
हाँ, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल हिंद महासागर क्षेत्र में 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' की भूमिका के तहत विदेशी नाविकों और मछुआरों सहित संकट में फंसे लोगों को नियमित रूप से सहायता प्रदान करते हैं। इस वियतनामी नागरिक का बचाव इसी व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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