अंडमान में भारतीय सैन्य दल ने बचाई घायल वियतनामी नागरिक की जान, MT Sun 09 से किया रेस्क्यू
सारांश
मुख्य बातें
अंडमान और निकोबार कमान (ANC) ने 4 अक्टूबर 2026 को समुद्र में चिकित्सकीय संकट में फंसे एक वियतनामी नागरिक को सुरक्षित बचाकर उसे कैंपबेल बे पहुँचाया, जहाँ उसे आगे का उपचार उपलब्ध कराया गया। घायल व्यक्ति व्यापारी जहाज एमटी सन 09 पर सवार था और एक हादसे में चोटिल हो गया था, जिसके बाद समुद्र के बीच उसे तत्काल चिकित्सकीय निकासी की आवश्यकता पड़ी।
बचाव अभियान का घटनाक्रम
ANC कमान को सूचना मिलते ही नौसेना के समुद्री घटक का एक जहाज इंदिरा प्वाइंट के आसपास के क्षेत्र में तत्काल रवाना किया गया। भारतीय सैन्य दल ने नौका के ज़रिए घायल व्यक्ति तक पहुँच बनाई और बिना देर किए उसे सुरक्षित जहाज पर लाया। जहाज पर ही घायल को प्राथमिक उपचार दिया गया तथा उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।
कैंपबेल बे में उपचार
प्रारंभिक चिकित्सकीय देखभाल के बाद घायल वियतनामी नागरिक को कैंपबेल बे स्थित चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उसे आगे के उपचार की व्यवस्था की गई। समुद्र की कठिन परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित तरीके से चलाए गए इस अभियान ने अंडमान और निकोबार कमान की समुद्री सुरक्षा और जीवन रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार फिर उजागर किया।
एक दिन पहले तटरक्षक का अभियान — लक्षद्वीप में 66 वर्षीय की जान बची
इस बचाव मिशन से करीब 24 घंटे पहले भारतीय तटरक्षक बल ने खराब मौसम और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लक्षद्वीप में 66 वर्षीय एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को सफलतापूर्वक बचाया था। यह अभियान लक्षद्वीप प्रशासन तथा कोच्चि और कवरत्ती स्थित तटरक्षक ज़िला मुख्यालयों के समन्वय से पूरा किया गया।
उस मरीज़ को तत्काल मस्तिष्क एवं तंत्रिका संबंधी शल्य चिकित्सा की ज़रूरत थी और उसे लगातार ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता थी। अगत्ती से कोच्चि पहुँचाने के लिए कोच्चि तटरक्षक वायु प्रतिष्ठान से डोर्नियर विमान भेजा गया। विमान में भी मरीज़ को निरंतर ऑक्सीजन सहायता प्रदान की गई।
भारतीय सैन्य बलों की समुद्री भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा भूमिका लगातार विस्तृत होती जा रही है। अंडमान और निकोबार कमान एकमात्र ऐसी त्रि-सेवा कमान है जो नौसेना, वायु सेना और थल सेना की संयुक्त क्षमता के साथ समुद्री घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देती है। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल नियमित रूप से पड़ोसी देशों के नागरिकों सहित विदेशी नाविकों और मछुआरों को समुद्री संकट से बाहर निकालते रहे हैं।
दोनों अभियान मिलकर यह रेखांकित करते हैं कि भारतीय सैन्य और अर्धसैनिक बल समुद्री आपदाओं में 'पहले उत्तरदाता' की भूमिका निभाने में सक्षम हैं — चाहे स्थितियाँ कितनी भी विकट क्यों न हों।