ईरान का अमेरिका पर इस्लामाबाद एमओयू उल्लंघन का आरोप, तेल प्रतिबंध राहत वापसी पर तीखी प्रतिक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय ने 8 जुलाई 2026 को अमेरिका द्वारा ईरानी तेल बिक्री पर दी गई अस्थायी प्रतिबंध राहत वापस लेने के निर्णय की कड़ी निंदा की। तेहरान ने इसे 18 जून को हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुच्छेद 10 का 'स्पष्ट उल्लंघन' करार दिया और इस फैसले के परिणामों की जिम्मेदारी सीधे वॉशिंगटन पर डाली।
ईरान का आधिकारिक बयान
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध की अस्थायी रोक हटाने के कदम की कड़ी निंदा करता है। यह युद्ध समाप्त करने के लिए हुए एमओयू के अनुच्छेद 10 का गंभीर उल्लंघन है और इस वादाखिलाफी के परिणामों के लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराता है।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के 20 दिन से भी कम समय में लिया गया यह निर्णय अमेरिका की 'दुर्भावनापूर्ण मंशा, अस्थिरता और अविश्वसनीयता' को उजागर करता है।
एमओयू उल्लंघन के आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने एमओयू के विभिन्न प्रावधानों का बार-बार उल्लंघन किया है — चाहे वह प्रत्यक्ष रूप से हो या 'लेबनान के खिलाफ जियोनिस्ट शासन की कार्रवाइयों' के जरिए। मंत्रालय ने दावा किया कि एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद से ईरान ने 'सद्भावना के साथ' अपनी सभी प्रतिबद्धताएँ पूरी करने का प्रयास किया, जबकि अमेरिका ने 'हमेशा की तरह' अपने दायित्वों का उल्लंघन किया और 'विभिन्न बहानों' से उसे उचित ठहराने की कोशिश की।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव
इस कूटनीतिक टकराव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ 'शक्तिशाली हमलों की एक श्रृंखला' शुरू की है। कमांड ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में निर्दोष नागरिकों के चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की भारी कीमत चुकानी होगी।'
ईरानी धरती पर विस्फोटों की खबर
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के किश्म द्वीप और बंदरगाह शहरों बंदर अब्बास तथा सिरिक के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के हवाले से सामने आई है। गौरतलब है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जहाँ से दुनिया के कच्चे तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
आगे क्या होगा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि तेहरान अपने 'राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक समझे जाने वाले सभी कदम' उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। यह टकराव ऐसे समय में बढ़ा है जब इस्लामाबाद एमओयू को युद्धविराम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा था। अब दोनों पक्षों के बीच बातचीत की राह कितनी बचती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।