फीफा वर्ल्ड कप 2026: पेनल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड से हारा कोलंबिया, कोच लोरेंजो बोले — 'मौके भुनाने थे'
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में 8 जुलाई को वैंकूवर में खेले गए मुकाबले में कोलंबिया का सफर समाप्त हो गया, जब स्विट्जरलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। 120 मिनट तक गोलरहित रहे इस कड़े मुकाबले के बाद कोलंबिया के हेड कोच नेस्टर लोरेंजो ने माना कि उनकी टीम 90 मिनट के प्रदर्शन के आधार पर जीत की हकदार थी, पर निर्णायक मौके चूक गई।
मुख्य घटनाक्रम
पूरे मैच में कोलंबिया ने गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा और गोल के कई अवसर तैयार किए, लेकिन अंतिम स्पर्श में टीम बार-बार चूकती रही। सबसे बड़ा मौका अतिरिक्त समय के आखिरी चरण में आया, जब सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जैमिंटन कैम्पाज गोलकीपर को छकाने में सफल रहे, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया। यह चूक टीम के लिए टूर्नामेंट से बाहर होने का निर्णायक क्षण साबित हुई।
पेनल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड के रुबेन वर्गास ने निर्णायक किक को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल का टिकट दिलाया।
कोच लोरेंजो की प्रतिक्रिया
मैच के बाद नेस्टर लोरेंजो ने कहा कि टीम को अपने मौकों का फायदा उठाना चाहिए था। उन्होंने स्वीकार किया कि मुकाबला रणनीतिक और कठिन था, पर खिलाड़ियों की आक्रामक सोच और प्रयासों को देखते हुए कोलंबिया बेहतर नतीजे का हकदार था। लोरेंजो के अनुसार, मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ा, खिलाड़ियों पर थकान हावी होने लगी, जिसके चलते रणनीति में बदलाव करना पड़ा और कैम्पाज को टीम को अधिक आक्रामक बनाने के लिए मैदान पर उतारा गया।
कोच ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि ये सभी दुनिया की बड़ी लीगों में खेलते हैं और उनमें शानदार क्षमता है। उन्होंने जोड़ा, 'इस वर्ल्ड कप के दौरान गोलकीपर्स ने जो लेवल दिखाया है, वह कमाल का है।' लोरेंजो ने माना कि इस टूर्नामेंट में कई मुकाबले बेहद करीबी रहे और छोटी-छोटी बातों ने टीमों के बीच फर्क पैदा किया।
सुआरेज की निराशा
कोलंबिया के अनुभवी स्ट्राइकर लुइस सुआरेज ने भी टूर्नामेंट से बाहर होने पर गहरी निराशा जताई। सुआरेज ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि यह टीम टूर्नामेंट में और आगे तक जा सकती थी। उन्होंने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ल्ड कप में टीम का प्रदर्शन सकारात्मक रहा और यह भविष्य के लिए एक अहम आधार बन सकता है।
आगे क्या
स्विट्जरलैंड अब क्वार्टर फाइनल में अपनी चुनौती पेश करेगा, जबकि कोलंबिया के लिए यह वर्ल्ड कप का सफर यहीं समाप्त हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब कोलंबियाई फुटबॉल हाल के वर्षों में नई पहचान बना रहा था — 2024 कोपा अमेरिका के फाइनल तक पहुँचना उसी प्रगति की निशानी थी। गौरतलब है कि पेनल्टी शूटआउट में हार हमेशा कड़वी होती है, पर लोरेंजो की टीम ने जो खेल दिखाया, वह भविष्य के लिए उम्मीद जगाता है।