फीफा विश्व कप 2026: पैराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया, अंतिम-16 में प्रवेश
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप 2026 में मंगलवार, 30 जून को सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब पैराग्वे ने 4 बार के चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट के अंतिम-16 में जगह बना ली। नियमित समय में मैच 1-1 से बराबरी पर रहा, जिसके बाद शूटआउट में पैराग्वे ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की और वर्ल्ड कप पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी का अजेय रिकॉर्ड तोड़ दिया।
मैच का निर्णायक मोड़
नियमित 90 मिनट और अतिरिक्त समय के बाद जब स्कोर 1-1 पर बंधा रहा, तो मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुँचा। पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शूटआउट में जर्मनी की दो पेनल्टी बचाकर मैच का रुख पलट दिया और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब अपने नाम किया। यह वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में पैराग्वे की पहली जीत है।
कोच अल्फारो की प्रतिक्रिया
पैराग्वे के हेड कोच गुस्तावो अल्फारो ने जीत के बाद अपने खिलाड़ियों को 'लेजेंड' करार दिया। उन्होंने कहा, "मैच से पहले मेरे पास 26 योद्धा थे। मैच के बाद सभी लेजेंड बन गए। हो सकता है कि हम अगले राउंड में बाहर हो जाएं, हो सकता है न हों। देखते हैं। लेकिन यह मैच जबरदस्त था।"
अल्फारो ने अपने खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि की तुलना जर्मनी की स्टार-स्टडेड टीम से करते हुए कहा, "हमारे विरोधी यूरोप की सबसे अच्छी एकेडमी में तैयार होते हैं। हम लाल मिट्टी से आते हैं। हमने नंगे पैर फुटबॉल खेलना सीखा, जिसमें माता-पिता ने त्याग किया ताकि उनके बच्चे अपने सपने पूरे कर सकें। हम वहीं से आते हैं।"
गोलकीपर गिल का विश्लेषण और तैयारी
26 वर्षीय गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने स्पष्ट किया कि उनकी यह बहादुरी महज संयोग नहीं, बल्कि गहरी तैयारी का नतीजा थी। उन्होंने कहा, "मैंने हर खिलाड़ी, हर पहलू, हर डिटेल का विश्लेषण किया। मैं दो पेनल्टी बचा पाया, और यह हमारे क्वालीफिकेशन के लिए अहम साबित हुआ।"
गिल ने मैच के दबाव का वर्णन करते हुए कहा कि जर्मनी ने पूरे मुकाबले में पैराग्वे पर दबाव बनाए रखा। उनके शब्दों में, "यह एक हॉरर मूवी जैसा था। जर्मन हर जगह दिखाई देते रहे।"
खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
पैराग्वे के मिडफील्डर जूलियो एन्सिसो ने कहा कि टीम ने जर्मनी की प्रतिष्ठा को कभी अपने मनोबल पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, "हम उनका सम्मान करते थे क्योंकि उनके पास बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन हम किसी से नहीं डरते थे।" एन्सिसो ने आगे जोड़ा, "हम अपने खेलने का अंदाज बरकरार रखेंगे। हमारे सामने टॉप खिलाड़ी होंगे, लेकिन हमारी अपनी ताकत भी है। अपने खेलने के स्टाइल से हम जिसका भी सामना करेंगे, उसे परेशान करने की कोशिश करेंगे।"
आगे क्या
पैराग्वे का अगला मुकाबला क्वार्टर फाइनल में फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले राउंड-ऑफ-32 मैच के विजेता से होगा। गौरतलब है कि यह जीत पैराग्वे के फुटबॉल इतिहास में एक मील का पत्थर है — टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में किसी यूरोपीय महाशक्ति को पहली बार इस तरह परास्त किया गया है।