केवल सिंह ढिल्लों का केजरीवाल पर तीखा प्रहार: 'रामायण की समझ नहीं, पंजाब को धर्म सिखा रहे'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 8 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) पर सीधा हमला बोला। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल का पंजाब में मंदिर दौरा और धार्मिक बयानबाज़ी महज चुनावी रणनीति है, जिसके पीछे वास्तविक आस्था नहीं बल्कि वोट बैंक की राजनीति है।
अयोध्या प्राण-प्रतिष्ठा पर उठाए सवाल
ढिल्लों ने केजरीवाल को सीधे घेरते हुए पूछा कि जब अयोध्या में श्री राम मंदिर का ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित हुआ था, उस वक्त वे कहाँ थे। उन्होंने कहा कि पूरा देश उस ऐतिहासिक अवसर पर श्रद्धा के साथ जुड़ा था, लेकिन केजरीवाल की उस समय की भूमिका सवालों के घेरे में है।
भाजपा नेता ने तर्क दिया कि यदि आस्था वास्तविक होती, तो उसका प्रदर्शन केवल चुनावी मौसम में नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP मंदिर और धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
रावण वाले बयान का संदर्भ
ढिल्लों ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि जिस नेता ने रावण के बारे में गलत बयान देकर सार्वजनिक रूप से आलोचना झेली और जिन्हें रामायण की बुनियादी समझ नहीं है, वह आज पंजाबियों को धर्म का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'नैतिक अधिकार के बिना उपदेश' करार दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब AAP पंजाब में अपनी सरकार की उपलब्धियों को लेकर दबाव में है और केजरीवाल राज्य में सक्रिय दौरे कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष के सवाल पर केजरीवाल की प्रतिक्रिया
ढिल्लों ने बताया कि जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सनातन धर्म के कथित अपमान को लेकर केजरीवाल से सवाल किया, तो उनका जवाब था — 'आप कौन?' ढिल्लों ने इस प्रतिक्रिया को अहंकार की निशानी बताया और कहा कि इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि केजरीवाल धार्मिक मामलों में गंभीर नहीं हैं।
दिल्ली में शासन पर सवाल
भाजपा नेता ने यह भी माँग की कि केजरीवाल बताएँ कि दिल्ली में वर्षों के शासन के दौरान उन्होंने मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए क्या ठोस काम किए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में राजनीतिक पराजय के बाद अब पंजाब में धार्मिक मुद्दों की आड़ में जनसमर्थन जुटाने की कोशिश हो रही है।
पंजाब की जनता को भरोसा
ढिल्लों ने अंत में कहा कि पंजाब गुरु-पीरों की धरती है और यहाँ के लोग इस तरह की राजनीति को पहचानते हैं। उन्होंने दावा किया कि धर्म के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश पंजाब में कभी सफल नहीं होगी और राज्य में भाईचारा तथा सामाजिक सद्भाव हमेशा बना रहेगा।