मुंबई: तुलसी झील ओवरफ्लो, विहार के बाद दूसरी झील भी बही; कुल जलभंडारण 41.43% पर
सारांश
मुख्य बातें
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 8 जुलाई को पुष्टि की कि मुंबई की जलापूर्ति करने वाली तुलसी झील मंगलवार रात 11:43 बजे ओवरफ्लो होने लगी — इससे महज दो घंटे पहले, रात 9 बजे, विहार झील भी बहने लगी थी। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों झीलों के जलग्रहण क्षेत्र में पानी की आवक तेज़ी से बढ़ी, हालांकि मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सातों झीलों का संयुक्त जलभंडारण अभी अधिकतम क्षमता के 41.43 प्रतिशत पर है।
मुख्य घटनाक्रम
BMC के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, झीलों के कैचमेंट क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण यह स्थिति बनी है। तुलसी झील का अतिरिक्त पानी सीधे विहार झील में पहुँचता है — इस क्रम में पहले तुलसी और फिर विहार का भरना स्वाभाविक जल-प्रवाह प्रक्रिया का हिस्सा है।
गौरतलब है कि तुलसी झील पिछले वर्ष 16 अगस्त 2025 को ओवरफ्लो हुई थी, और उससे पहले 2024 में 4 अगस्त को। इस वर्ष यह घटना 8 जुलाई को हुई — पिछले दोनों वर्षों की तुलना में लगभग एक महीना पहले — जो इस मानसून सीज़न में बारिश की तीव्रता को रेखांकित करती है।
तुलसी झील: एक परिचय
BMC के जल अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, तुलसी झील मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली 7 प्रमुख झीलों में से एक है और उन दो झीलों में शामिल है जो BMC क्षेत्र के भीतर स्थित हैं। यह झील प्रतिदिन औसतन 1.8 करोड़ लीटर पानी मुंबई को उपलब्ध कराती है।
यह एक कृत्रिम झील है, जिसका निर्माण वर्ष 1879 में पूरा हुआ था और उस समय इस पर लगभग ₹40 लाख खर्च हुए थे। झील BMC मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका कैचमेंट क्षेत्र लगभग 6.76 वर्ग किलोमीटर है और पूरी तरह भरने पर इसका जल क्षेत्रफल लगभग 1.35 वर्ग किलोमीटर हो जाता है।
पूर्ण क्षमता पर इसमें 804.6 करोड़ लीटर उपयोग योग्य पानी संग्रहित किया जा सकता है — जो इसे मुंबई की सातों जलापूर्ति झीलों में सबसे छोटी बनाता है।
समग्र जलभंडारण की स्थिति
दो झीलों के ओवरफ्लो के बावजूद, मुंबई की सभी जलापूर्ति झीलों का कुल जलभंडारण अभी अधिकतम क्षमता का 41.43 प्रतिशत ही है। यह आँकड़ा बताता है कि शहर में पानी की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है और किसी संकट की स्थिति नहीं है।
BMC के अनुसार, लगातार बारिश जारी रहने पर आने वाले दिनों में शहर की अन्य जलापूर्ति झीलों का जलस्तर भी तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन की स्थिति पर नज़र
BMC प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि झीलों के ओवरफ्लो से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर फिलहाल कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के साथ जलभंडारण में और वृद्धि अपेक्षित है।