8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई: तुलसी झील ओवरफ्लो, विहार के बाद दूसरी झील भी बही; कुल जलभंडारण 41.43% पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई: तुलसी झील ओवरफ्लो, विहार के बाद दूसरी झील भी बही; कुल जलभंडारण 41.43% पर

सारांश

मुंबई में मानसून की पहली बड़ी दस्तक — तुलसी और विहार, दोनों झीलें 8 जुलाई की रात ओवरफ्लो हो गईं। पिछले दो वर्षों की तुलना में यह घटना करीब एक महीना पहले हुई है, जो इस सीज़न की बारिश की तीव्रता का संकेत है।

मुख्य बातें

तुलसी झील 8 जुलाई की रात 11:43 बजे ओवरफ्लो हुई; विहार झील उसी रात 9 बजे बहने लगी थी।
मुंबई की सातों जलापूर्ति झीलों का संयुक्त जलभंडारण अभी 41.43% है।
तुलसी झील प्रतिदिन औसतन 1.8 करोड़ लीटर पानी मुंबई को उपलब्ध कराती है।
पिछले वर्ष तुलसी झील 16 अगस्त 2025 को ओवरफ्लो हुई थी; इस वर्ष यह घटना करीब एक महीना पहले हुई।
तुलसी झील की पूर्ण क्षमता 804.6 करोड़ लीटर ; यह मुंबई की सातों झीलों में सबसे छोटी है।
BMC स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रही है; आने वाले दिनों में अन्य झीलों का जलस्तर भी बढ़ने की संभावना।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 8 जुलाई को पुष्टि की कि मुंबई की जलापूर्ति करने वाली तुलसी झील मंगलवार रात 11:43 बजे ओवरफ्लो होने लगी — इससे महज दो घंटे पहले, रात 9 बजे, विहार झील भी बहने लगी थी। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दोनों झीलों के जलग्रहण क्षेत्र में पानी की आवक तेज़ी से बढ़ी, हालांकि मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सातों झीलों का संयुक्त जलभंडारण अभी अधिकतम क्षमता के 41.43 प्रतिशत पर है।

मुख्य घटनाक्रम

BMC के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, झीलों के कैचमेंट क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण यह स्थिति बनी है। तुलसी झील का अतिरिक्त पानी सीधे विहार झील में पहुँचता है — इस क्रम में पहले तुलसी और फिर विहार का भरना स्वाभाविक जल-प्रवाह प्रक्रिया का हिस्सा है।

गौरतलब है कि तुलसी झील पिछले वर्ष 16 अगस्त 2025 को ओवरफ्लो हुई थी, और उससे पहले 2024 में 4 अगस्त को। इस वर्ष यह घटना 8 जुलाई को हुई — पिछले दोनों वर्षों की तुलना में लगभग एक महीना पहले — जो इस मानसून सीज़न में बारिश की तीव्रता को रेखांकित करती है।

तुलसी झील: एक परिचय

BMC के जल अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, तुलसी झील मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली 7 प्रमुख झीलों में से एक है और उन दो झीलों में शामिल है जो BMC क्षेत्र के भीतर स्थित हैं। यह झील प्रतिदिन औसतन 1.8 करोड़ लीटर पानी मुंबई को उपलब्ध कराती है।

यह एक कृत्रिम झील है, जिसका निर्माण वर्ष 1879 में पूरा हुआ था और उस समय इस पर लगभग ₹40 लाख खर्च हुए थे। झील BMC मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। इसका कैचमेंट क्षेत्र लगभग 6.76 वर्ग किलोमीटर है और पूरी तरह भरने पर इसका जल क्षेत्रफल लगभग 1.35 वर्ग किलोमीटर हो जाता है।

पूर्ण क्षमता पर इसमें 804.6 करोड़ लीटर उपयोग योग्य पानी संग्रहित किया जा सकता है — जो इसे मुंबई की सातों जलापूर्ति झीलों में सबसे छोटी बनाता है।

समग्र जलभंडारण की स्थिति

दो झीलों के ओवरफ्लो के बावजूद, मुंबई की सभी जलापूर्ति झीलों का कुल जलभंडारण अभी अधिकतम क्षमता का 41.43 प्रतिशत ही है। यह आँकड़ा बताता है कि शहर में पानी की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है और किसी संकट की स्थिति नहीं है।

BMC के अनुसार, लगातार बारिश जारी रहने पर आने वाले दिनों में शहर की अन्य जलापूर्ति झीलों का जलस्तर भी तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।

प्रशासन की स्थिति पर नज़र

BMC प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है। अधिकारियों ने बताया कि झीलों के ओवरफ्लो से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर फिलहाल कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के साथ जलभंडारण में और वृद्धि अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कुल जलभंडारण का 41.43% पर होना यह भी बताता है कि बड़ी झीलें अभी काफी खाली हैं और शहर की दीर्घकालिक जल सुरक्षा इन्हीं पर निर्भर है। BMC के लिए असली चुनौती ओवरफ्लो की खबर नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ के पानी का बेहतर प्रबंधन हो और अतिरिक्त जल संचयन की क्षमता बढ़े।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसी झील कब और क्यों ओवरफ्लो हुई?
तुलसी झील 8 जुलाई की रात 11:43 बजे ओवरफ्लो हुई, क्योंकि झील के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही थी। BMC ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
मुंबई की झीलों में अभी कितना पानी है?
BMC के अनुसार, मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाली सातों झीलों का कुल जलभंडारण अधिकतम क्षमता का 41.43 प्रतिशत है। दो झीलों के ओवरफ्लो के बावजूद शहर की जलापूर्ति सामान्य बनी हुई है।
तुलसी झील मुंबई को कितना पानी देती है?
तुलसी झील प्रतिदिन औसतन 1.8 करोड़ लीटर पानी मुंबई को उपलब्ध कराती है। यह मुंबई की सातों जलापूर्ति झीलों में सबसे छोटी है और BMC क्षेत्र के भीतर स्थित दो झीलों में से एक है।
तुलसी झील पिछले वर्षों में कब ओवरफ्लो हुई थी?
तुलसी झील 2025 में 16 अगस्त को और 2024 में 4 अगस्त को ओवरफ्लो हुई थी। इस वर्ष 8 जुलाई को ओवरफ्लो होना पिछले दोनों वर्षों की तुलना में करीब एक महीना पहले है।
तुलसी झील का अतिरिक्त पानी कहाँ जाता है?
BMC के अनुसार, जब तुलसी झील पूरी तरह भर जाती है तो उसका अतिरिक्त पानी सीधे विहार झील में पहुँचता है। यही कारण है कि 8 जुलाई की रात पहले विहार और फिर तुलसी — दोनों झीलें क्रमशः ओवरफ्लो हुईं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले