ईरान ने अमेरिका से वार्ता रोकी: लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहे तो नहीं होगी बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
ईरान ने 1 जून 2026 को अमेरिका के साथ मध्यस्थ-चैनल के ज़रिए चल रहे संदेश-आदान-प्रदान को अस्थायी रूप से रोक दिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान की वार्ता टीम ने यह कदम लेबनान पर जारी इजरायली सैन्य अभियानों के विरोध में उठाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे थे कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता अपने 'अंतिम चरण' में है।
मुख्य घटनाक्रम
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार को रिपोर्ट किया कि ईरानी वार्ता दल ने मध्यस्थ के माध्यम से अमेरिका को भेजे जाने वाले संदेशों का सिलसिला फिलहाल रोक दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इसकी सीधी वजह लेबनान में इजरायल के चल रहे हमले हैं, जिन्हें ईरान सीजफायर का उल्लंघन मानता है।
गौरतलब है कि यह वार्ता ओमान की मध्यस्थता में चल रही थी और पिछले कुछ हफ्तों में कई दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत हो चुकी थी।
ईरान के विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लेबनान में इजरायली अभियान का उल्लेख करते हुए लिखा, 'एक मोर्चे पर नहीं, सभी मोर्चों पर सीजफायर का उल्लंघन है। किसी भी उल्लंघन के नतीजों के लिए अमेरिका और इजरायल ज़िम्मेदार हैं।'
यह बयान ईरान की उस नीति का हिस्सा है जिसमें वह अपने 'रेज़िस्टेंस फ्रंट' — जिसमें यमन, लेबनान और इराक में उसके सहयोगी शामिल हैं — को एक समन्वित ढाँचे में देखता है।
होर्मुज़ और बाब अल-मंडेब को ब्लॉक करने की चेतावनी
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और उसके 'रेज़िस्टेंस फ्रंट' ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह अवरुद्ध करने और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य समेत अन्य मोर्चों को सक्रिय करने का एजेंडा तैयार किया है।
बाब अल-मंडेब एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जो स्वेज़ नहर की ओर जाने वाले जहाज़ी यातायात को नियंत्रित करता है। यदि यमन में ईरान के सहयोगी हूती लड़ाकों ने इस रास्ते को निशाना बनाया, तो वैश्विक शिपिंग पर गंभीर असर पड़ सकता है।
उत्तरी इजरायल को चेतावनी
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान 'खतम अल-अनबिया' ने उत्तरी इजरायल के निवासियों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी है। ब्रिगेडियर जनरल अली अब्दुल्लाही के हवाले से कहा गया, 'सरकार द्वारा सीजफायर के बार-बार उल्लंघन को देखते हुए हम उत्तरी सेक्टरों और कब्जे वाले इलाकों में सैन्य बस्तियों के निवासियों को चेतावनी देते हैं कि अगर वे नुकसान नहीं चाहते, तो उन्हें इलाका खाली कर देना चाहिए।'
यह चेतावनी कथित तौर पर लेबनान में जारी इजरायली कार्रवाई के जवाब में दी गई है।
आगे क्या होगा
विश्लेषकों के अनुसार, वार्ता का यह अवरोध परमाणु समझौते की संभावनाओं को और जटिल बना सकता है। यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ईरान पर प्रतिबंधों के मोर्चे पर दबाव बनाए हुए है। आने वाले दिनों में मध्यस्थ देशों की भूमिका और ईरान की अगली कूटनीतिक चाल पर सबकी नज़रें टिकी हैं।