ईरान ने इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन रोका, राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले — 'मैदान नहीं छोड़ा'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने 8 जून 2026 को इजरायल के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को बंद करने की आधिकारिक घोषणा की। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर था और दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य टकराहट की आशंका बढ़ती जा रही थी।
मुख्य घोषणा और चेतावनी
ईरानी सैन्य कमान ने ऑपरेशन रोकने के साथ-साथ स्पष्ट चेतावनी भी जारी की कि दक्षिणी लेबनान सहित किसी भी क्षेत्र में इजरायल का आक्रमण या उकसावे वाली कार्रवाई हुई तो उसका "कठोर और कुचलने वाला" जवाब दिया जाएगा। हेडक्वार्टर ने बताया कि यह सैन्य कार्रवाई दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिह जिले पर इजरायली हमलों के बाद लेबनानी नागरिकों के समर्थन में की गई थी।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारी प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे लोगों की शांति है। हम देश के अधिकारों की पूरी ताकत से रक्षा करेंगे और किसी भी खतरे के सामने पीछे नहीं हटेंगे। कूटनीति और रक्षा देश की ताकत के दो हिस्से हैं; हमने न तो मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की टेबल। खुदा ने चाहा तो एकता और समझदारी के साथ, ईरान इस मुश्किल से भी जीतेगा।' यह बयान ऐसे क्षण में आया जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा था।
अमेरिका की भूमिका और इजरायल का रुख
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा कि इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आग्रह पर ईरान पर अपने हमले रोक दिए। दूसरी ओर, ईरानी सैन्य कमान ने अमेरिका पर इजरायली ऑपरेशन को समर्थन देने का आरोप लगाया और कहा कि इजरायल को ईरान के जवाब से सबक लेना चाहिए था। गौरतलब है कि ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में इजरायली वायुसेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिनमें दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी भी शामिल थी।
युद्ध की तैयारी और पृष्ठभूमि
ऑपरेशन रोकने की घोषणा से पहले, ईरानी सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ईरान इजरायल के साथ दीर्घकालिक संघर्ष और अमेरिकी हितों को 'झटका' देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह टकराव मध्य-पूर्व में वर्षों से चले आ रहे प्रॉक्सी संघर्ष का सीधा विस्तार माना जा रहा है, जिसमें लेबनान, गाज़ा और सीरिया पहले से ही रणभूमि बने हुए हैं।
आगे की स्थिति
विश्लेषकों के अनुसार, ऑपरेशन रोकना युद्धविराम नहीं, बल्कि एक सामरिक विराम है। ईरान की चेतावनी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन के बयान से स्पष्ट है कि तेहरान किसी भी नई उकसावे पर तत्काल जवाब देने की स्थिति में है। कूटनीतिक गलियारों में बातचीत की संभावना पर नज़र बनी हुई है।