24 जुलाई 2026
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ईरान ने इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन रोका, राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले — 'मैदान नहीं छोड़ा'

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ईरान ने इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन रोका, राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले — 'मैदान नहीं छोड़ा'

सारांश

ईरान ने इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन रोक दिया — लेकिन यह शांति नहीं, एक सामरिक विराम है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने साफ कहा: 'मैदान नहीं छोड़ा।' अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में इजरायल के हमले रुके, पर खुज़ेस्तान की पेट्रोकेमिकल कंपनी पर हमला हो चुका है।

मुख्य बातें

ईरान की खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने 8 जून 2026 को इजरायल के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन बंद करने की घोषणा की।
ईरान ने चेतावनी दी कि दक्षिणी लेबनान सहित किसी भी इजरायली आक्रमण का 'कठोर और कुचलने वाला' जवाब दिया जाएगा।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक्स पर कहा — 'हमने न मैदान छोड़ा है, न बातचीत की टेबल।' एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के अनुसार, इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर ईरान पर हमले रोके।
इजरायली वायुसेना ने ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी सहित कई ठिकानों पर हमले किए थे।

ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने 8 जून 2026 को इजरायल के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को बंद करने की आधिकारिक घोषणा की। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर था और दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य टकराहट की आशंका बढ़ती जा रही थी।

मुख्य घोषणा और चेतावनी

ईरानी सैन्य कमान ने ऑपरेशन रोकने के साथ-साथ स्पष्ट चेतावनी भी जारी की कि दक्षिणी लेबनान सहित किसी भी क्षेत्र में इजरायल का आक्रमण या उकसावे वाली कार्रवाई हुई तो उसका "कठोर और कुचलने वाला" जवाब दिया जाएगा। हेडक्वार्टर ने बताया कि यह सैन्य कार्रवाई दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिह जिले पर इजरायली हमलों के बाद लेबनानी नागरिकों के समर्थन में की गई थी।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बयान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारी प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे लोगों की शांति है। हम देश के अधिकारों की पूरी ताकत से रक्षा करेंगे और किसी भी खतरे के सामने पीछे नहीं हटेंगे। कूटनीति और रक्षा देश की ताकत के दो हिस्से हैं; हमने न तो मैदान छोड़ा है और न ही बातचीत की टेबल। खुदा ने चाहा तो एकता और समझदारी के साथ, ईरान इस मुश्किल से भी जीतेगा।' यह बयान ऐसे क्षण में आया जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा था।

अमेरिका की भूमिका और इजरायल का रुख

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा कि इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आग्रह पर ईरान पर अपने हमले रोक दिए। दूसरी ओर, ईरानी सैन्य कमान ने अमेरिका पर इजरायली ऑपरेशन को समर्थन देने का आरोप लगाया और कहा कि इजरायल को ईरान के जवाब से सबक लेना चाहिए था। गौरतलब है कि ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में इजरायली वायुसेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिनमें दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी भी शामिल थी।

युद्ध की तैयारी और पृष्ठभूमि

ऑपरेशन रोकने की घोषणा से पहले, ईरानी सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ईरान इजरायल के साथ दीर्घकालिक संघर्ष और अमेरिकी हितों को 'झटका' देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह टकराव मध्य-पूर्व में वर्षों से चले आ रहे प्रॉक्सी संघर्ष का सीधा विस्तार माना जा रहा है, जिसमें लेबनान, गाज़ा और सीरिया पहले से ही रणभूमि बने हुए हैं।

आगे की स्थिति

विश्लेषकों के अनुसार, ऑपरेशन रोकना युद्धविराम नहीं, बल्कि एक सामरिक विराम है। ईरान की चेतावनी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन के बयान से स्पष्ट है कि तेहरान किसी भी नई उकसावे पर तत्काल जवाब देने की स्थिति में है। कूटनीतिक गलियारों में बातचीत की संभावना पर नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह विराम अगली चिंगारी पर फिर भड़क सकता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने इजरायल के खिलाफ ऑपरेशन क्यों रोका?
ईरानी सैन्य कमान ने 8 जून 2026 को ऑपरेशन बंद करने की घोषणा की, हालाँकि आधिकारिक बयान में कोई एकल कारण नहीं बताया गया। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में इजरायल ने भी अपने हमले रोके, जिससे दोनों पक्षों ने एक साथ विराम लिया।
क्या यह ईरान-इजरायल के बीच स्थायी युद्धविराम है?
नहीं, यह स्थायी युद्धविराम नहीं है। ईरानी सैन्य कमान ने स्पष्ट किया कि किसी भी नए इजरायली आक्रमण का 'कठोर और कुचलने वाला' जवाब दिया जाएगा। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने भी कहा कि ईरान ने 'न मैदान छोड़ा है, न बातचीत की टेबल।'
इजरायल ने ईरान के किन ठिकानों पर हमला किया?
ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में इजरायली वायुसेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी प्रमुख रूप से शामिल थी।
अमेरिका की इस संघर्ष में क्या भूमिका रही?
ईरानी सैन्य कमान ने अमेरिका पर इजरायली ऑपरेशन का समर्थन करने का आरोप लगाया। वहीं, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी के हवाले से कहा गया कि इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर ईरान पर हमले रोके।
लेबनान इस संघर्ष में कैसे जुड़ा है?
ईरानी सैन्य कमान के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिह जिले पर इजरायली हमलों के बाद लेबनानी नागरिकों के समर्थन में ईरान ने सैन्य कार्रवाई की थी। ईरान ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किसी भी भविष्य के हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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