लेबनान पर इजरायली हमले: ईरान ने सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया, अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 1 जून 2026 को लेबनान पर हो रहे इजरायली हमलों को अमेरिका-ईरान संघर्षविराम समझौते का सीधा उल्लंघन करार दिया और स्पष्ट चेतावनी दी कि इसके किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है।
अराघची का एक्स पर सीधा संदेश
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'तत्काल ध्यान देने योग्य बात यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ संघर्षविराम सभी मोर्चों पर लागू होता है, जिसमें लेबनान भी शामिल है।' उन्होंने आगे कहा, 'किसी एक मोर्चे पर संघर्षविराम का उल्लंघन, सभी मोर्चों पर संघर्षविराम का उल्लंघन माना जाएगा।' यह बयान कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसमें लेबनान को ईरान-अमेरिका समझौते के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा और नेतन्याहू का आदेश
रविवार को इजरायली सेना (IDF) ने रणनीतिक दृष्टि से अहम ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे का ऐलान किया और वहाँ इजरायली झंडा फहराया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे 'रणनीतिक जीत' करार दिया। सोमवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से IDF को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले का आदेश दिया। नेतन्याहू ने कहा कि चूँकि हिज्बुल्लाह ने संघर्षविराम नियमों की अनदेखी कर इजरायली इलाकों को निशाना बनाया है, इसलिए उसके ठिकानों को चुन-चुन कर नष्ट किया जाएगा।
सात गाँवों को खाली करने का आदेश
IDF के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने एक्स पर पोस्ट कर दक्षिणी लेबनान के सात गाँवों — हौमीन अल-फौका, बनाफौल, अरब सलीम, रौमीन, आज्जे, अर्की और जबा — के निवासियों को तत्काल कम से कम 1,000 मीटर (3,280 फीट) दूर हटने का निर्देश दिया। यह आदेश आसन्न हमले की चेतावनी के रूप में जारी किया गया।
टायर के पास धमाके, ड्रोन हमला
रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के टायर शहर के निकट शाम को कई जोरदार धमाके सुने गए। लेबनानी समाचार एजेंसी NNA की रिपोर्ट के मुताबिक, टायर के बाहर अल-हौश इलाके में एक बड़ा हमला हुआ। इसके कुछ ही देर बाद समुद्र किनारे के पास एक ड्रोन हमला भी किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय संघर्षविराम को बनाए रखने की अपील कर रहा है।
आगे क्या हो सकता है
ईरान की यह चेतावनी क्षेत्रीय तनाव को नई ऊँचाई पर ले जाने की आशंका पैदा करती है। यदि अराघची के बयान को ईरान की आधिकारिक नीति माना जाए, तो लेबनान में किसी भी आगे की इजरायली कार्रवाई को तेहरान समझौते का उल्लंघन मान सकता है — जिसके व्यापक परिणाम हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अमेरिका-ईरान वार्ता को भी प्रभावित कर सकती है।