17 जुलाई 2026
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लेबनान पर इजरायली हमले: ईरान ने सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया, अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया

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लेबनान पर इजरायली हमले: ईरान ने सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया, अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर दो-टूक कहा — लेबनान भी अमेरिका-ईरान सीजफायर के दायरे में है। इजरायल के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे और बेरूत के दहियेह में हमले के बाद यह चेतावनी क्षेत्रीय संघर्ष को नए मोड़ पर ले जा सकती है।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 1 जून 2026 को लेबनान पर इजरायली हमलों को अमेरिका-ईरान संघर्षविराम का उल्लंघन करार दिया।
अराघची ने एक्स पर चेतावनी दी कि किसी भी एक मोर्चे पर उल्लंघन को सभी मोर्चों पर उल्लंघन माना जाएगा।
इजरायली सेना ने रणनीतिक ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा किया; रक्षा मंत्री काट्ज ने इसे 'रणनीतिक जीत' बताया।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने IDF को बेरूत के दहियेह में हिज्बुल्लाह ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।
IDF ने दक्षिणी लेबनान के सात गाँवों को खाली करने का आदेश दिया; निवासियों को 1,000 मीटर दूर हटने का निर्देश।
टायर शहर के पास अल-हौश इलाके में बड़े धमाके और ड्रोन हमले की रिपोर्ट।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 1 जून 2026 को लेबनान पर हो रहे इजरायली हमलों को अमेरिका-ईरान संघर्षविराम समझौते का सीधा उल्लंघन करार दिया और स्पष्ट चेतावनी दी कि इसके किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है।

अराघची का एक्स पर सीधा संदेश

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'तत्काल ध्यान देने योग्य बात यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ संघर्षविराम सभी मोर्चों पर लागू होता है, जिसमें लेबनान भी शामिल है।' उन्होंने आगे कहा, 'किसी एक मोर्चे पर संघर्षविराम का उल्लंघन, सभी मोर्चों पर संघर्षविराम का उल्लंघन माना जाएगा।' यह बयान कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसमें लेबनान को ईरान-अमेरिका समझौते के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा और नेतन्याहू का आदेश

रविवार को इजरायली सेना (IDF) ने रणनीतिक दृष्टि से अहम ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे का ऐलान किया और वहाँ इजरायली झंडा फहराया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे 'रणनीतिक जीत' करार दिया। सोमवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से IDF को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले का आदेश दिया। नेतन्याहू ने कहा कि चूँकि हिज्बुल्लाह ने संघर्षविराम नियमों की अनदेखी कर इजरायली इलाकों को निशाना बनाया है, इसलिए उसके ठिकानों को चुन-चुन कर नष्ट किया जाएगा।

सात गाँवों को खाली करने का आदेश

IDF के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने एक्स पर पोस्ट कर दक्षिणी लेबनान के सात गाँवों — हौमीन अल-फौका, बनाफौल, अरब सलीम, रौमीन, आज्जे, अर्की और जबा — के निवासियों को तत्काल कम से कम 1,000 मीटर (3,280 फीट) दूर हटने का निर्देश दिया। यह आदेश आसन्न हमले की चेतावनी के रूप में जारी किया गया।

टायर के पास धमाके, ड्रोन हमला

रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के टायर शहर के निकट शाम को कई जोरदार धमाके सुने गए। लेबनानी समाचार एजेंसी NNA की रिपोर्ट के मुताबिक, टायर के बाहर अल-हौश इलाके में एक बड़ा हमला हुआ। इसके कुछ ही देर बाद समुद्र किनारे के पास एक ड्रोन हमला भी किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय संघर्षविराम को बनाए रखने की अपील कर रहा है।

आगे क्या हो सकता है

ईरान की यह चेतावनी क्षेत्रीय तनाव को नई ऊँचाई पर ले जाने की आशंका पैदा करती है। यदि अराघची के बयान को ईरान की आधिकारिक नीति माना जाए, तो लेबनान में किसी भी आगे की इजरायली कार्रवाई को तेहरान समझौते का उल्लंघन मान सकता है — जिसके व्यापक परिणाम हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अमेरिका-ईरान वार्ता को भी प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाती है कि क्या यह समझौता वास्तव में व्यापक क्षेत्रीय शांति की गारंटी देता है या केवल द्विपक्षीय तनाव को सीमित करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि लेबनान को सीजफायर के दायरे में शामिल करने का ईरान का दावा अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत विवादास्पद है और इसका कोई लिखित प्रमाण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ। यदि यह तनाव बढ़ता है, तो इसके परिणाम केवल लेबनान तक सीमित नहीं रहेंगे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों को सीजफायर उल्लंघन क्यों कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्षविराम समझौता सभी मोर्चों पर लागू होता है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। इसलिए लेबनान में इजरायली हमले को तेहरान ने इस समझौते का उल्लंघन माना है।
ब्यूफोर्ट किला क्यों महत्त्वपूर्ण है?
ब्यूफोर्ट किला दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत अहम स्थान पर स्थित है। इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने इस पर कब्जे को 'रणनीतिक जीत' बताया और वहाँ इजरायली झंडा फहराया गया।
नेतन्याहू ने दहियेह पर हमले का आदेश क्यों दिया?
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा कि हिज्बुल्लाह ने संघर्षविराम नियमों की अनदेखी करते हुए इजरायली इलाकों को निशाना बनाया, इसलिए IDF को उसके ठिकानों को चुन-चुन कर नष्ट करने का आदेश दिया गया।
दक्षिणी लेबनान के किन गाँवों को खाली करने का आदेश मिला?
IDF के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने हौमीन अल-फौका, बनाफौल, अरब सलीम, रौमीन, आज्जे, अर्की और जबा — इन सात गाँवों के लोगों को कम से कम 1,000 मीटर दूर हटने का निर्देश दिया। यह आसन्न हमले की चेतावनी थी।
इस संकट का क्षेत्रीय शांति पर क्या असर पड़ सकता है?
ईरान की चेतावनी और इजरायल की जारी सैन्य कार्रवाई अमेरिका-ईरान सीजफायर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तनाव बढ़ा तो यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है और चल रही कूटनीतिक वार्ताओं को भी प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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