ईरान की कड़ी चेतावनी: लेबनान पर हमले जारी रहे तो इजरायल को 'विनाशकारी' जवाब मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के चीफ कमांडर अली अब्दुल्लाही ने 8 जून 2026 को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इजरायल दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगर दाहियेह में अपनी सैन्य कार्रवाइयाँ जारी रखता है या ईरान की प्रतिक्रिया का जवाब देता है, तो उसे 'कड़ी और पछतावा कराने वाली' चोटों का सामना करना पड़ेगा। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने उत्तरी इजरायल स्थित रमत डेविड एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की पुष्टि की है।
मुख्य घटनाक्रम
ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्लाही ने रविवार को जारी बयान में कहा कि इजरायल को दक्षिणी लेबनान और दाहियेह पर हमले तत्काल रोकने होंगे, अन्यथा 'बहुत विनाशकारी' सैन्य कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल प्रतिबंधित हथियारों — जिनमें सफेद फॉस्फोरस बम शामिल हैं — का उपयोग कर 'युद्ध अपराध' कर रहा है, और यह सब अमेरिका की मंजूरी से हो रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संगठन मूकदर्शक बने हुए हैं।
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक माध्यम से कहा कि रमत डेविड एयर बेस लेबनान पर होने वाले हमलों का 'मुख्य केंद्र' रहा है और इसीलिए उसे निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई लेबनान में नागरिकों की मौत और विस्थापन के जवाब में की गई बताई जा रही है।
युद्धविराम उल्लंघन का आरोप
आईआरजीसी के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच एक युद्धविराम लागू हुआ था, जिसने 40 दिनों की लड़ाई को विराम दिया था। यह संघर्ष 28 फरवरी को तेहरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ था। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने अपने वादों का पालन नहीं किया — लेबनान में हमले जारी रखे और होर्मुज की खाड़ी, ओमान सागर तथा हिंद महासागर में ईरानी जहाजों और तटों पर भी हमले किए। इन आरोपों पर अमेरिका या इजरायल की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
एक्स पर ईरानी सैन्य सलाहकार की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह लेबनान में युद्धविराम के उल्लंघन या किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा।' उन्होंने आगे कहा, 'यह जवाब उनके लिए एक चेतावनी है कि वे अपनी हरकतें बंद करें। हर नई कार्रवाई का जवाब और ज्यादा कड़े और भारी नुकसान के साथ दिया जाएगा।'
हवाई क्षेत्र बंद, क्षेत्रीय तनाव चरम पर
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, मिसाइल हमलों के बाद ईरान की नागरिक उड्डयन संस्था ने देश के पश्चिमी हवाई क्षेत्र को अगली सूचना तक बंद कर दिया। यह कदम क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में रिपोर्टों के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच शांति प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ है और दोनों पक्ष एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या होगा आगे
ईरान के बयान में स्पष्ट किया गया है कि यदि हमले जारी रहे तो पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। यह क्षेत्रीय संघर्ष के व्यापक विस्तार की आशंका को बढ़ाता है। शांति समझौते की संभावनाएँ अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात तेजी से बदल रहे हैं।