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क्या तेहरान पर इजरायली हमले जारी रहेंगे?

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क्या तेहरान पर इजरायली हमले जारी रहेंगे?

सारांश

इजरायल के रक्षा मंत्री ने तेहरान में ईरानी शासन के ठिकानों पर हमलों की घोषणा की है। यह स्थिति न केवल इजरायल के लिए बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंताजनक है। जानिए इस संघर्ष के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम।

मुख्य बातें

तेहरान में इजरायली हमले जारी हैं।
ईरान का जवाबी हमला भी संभव है।
अमेरिका के हमले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
संवाद और कूटनीति की आवश्यकता है।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

नई दिल्ली, 23 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने सोमवार को यह घोषणा की कि इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) इस समय ईरान की राजधानी तेहरान में अभूतपूर्व ताकत के साथ सैन्य ठिकानों और दमनकारी सरकारी संस्थानों पर हमले कर रहा है।

काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मेरे निर्देशानुसार, आईडीएफ अभी तेहरान के शासन के ठिकानों और दमनकारी संस्थानों पर अभूतपूर्व ताकत से हमला कर रहा है। इसमें बसीज मुख्यालय, एविन जेल (जहां राजनीतिक कैदियों और शासन विरोधियों को रखा जाता है), फिलीस्तीन स्क्वायर में स्थित 'इजरायल विनाश' घड़ी, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय, विचारधारा मुख्यालय और अन्य ठिकाने शामिल हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "इजरायली नागरिकों पर दागी गई हर मिसाइल की कीमत ईरानी तानाशाह को चुकानी पड़ेगी। ये हमले पूरी ताकत से जारी रहेंगे। हम अपने नागरिकों की रक्षा और दुश्मन को पराजित करने तक पीछे नहीं हटेंगे।"

इसी बीच, अमेरिका द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए सख्त चेतावनी दी।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "यहूदी दुश्मनों ने बहुत बड़ी गलती की है, एक गंभीर अपराध किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए और वह सजा दी जा रही है।"

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने ये हमले 13 जून को इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद किए थे, जिनमें कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।

इसी दिन, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कहा, "इजरायल, ईरान और गाजा दोनों मोर्चों पर अपने ऑपरेशन को पूरी शक्ति के साथ जारी रखेगा। हम इस ऐतिहासिक अभियान को तब तक नहीं रोकेंगे जब तक अपने लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस संघर्ष का प्रभाव न केवल इजरायल और ईरान पर बल्कि पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। इस स्थिति को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता है, ताकि युद्ध से बचा जा सके।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इजरायल के हमले का ईरान पर कोई असर होगा?
हाँ, इजरायल के हमले का ईरान की सैन्य रणनीति और राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ेगा।
क्या यह संघर्ष और बढ़ सकता है?
संभावना है कि यह संघर्ष और बढ़ सकता है यदि दोनों पक्ष बातचीत की ओर नहीं बढ़ते।
राष्ट्र प्रेस
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